00:00क्या पाकिस्तान की जमीन पर इंडिया के खिलाफ जहर उगलने वाले टेरर कमांडर्स अब अपने ही सेफ हाउसेज में सेफ
00:08नहीं हैं।
00:08क्या इसलामाबाद की सड़कों पर एक ऐसी अद्रिश्य ताकत घूम रही है जो बिना एक भी गोली चलाए बिना किसी
00:16शोर के लशकरे ताइबा के टॉप बॉसस को एक एक करके ठिकाने लगा रही हैं।
00:23और सबसे बड़ा सवाल आखिर ये अन्नोन मैं कौन हैं जिसने पाकिस्तान की आईएसाई और आईएसाई के पाले हुए आतंग
00:32की अब दिन रात काम रहे हैं।
00:35दर्शको कहानी शुरू होती है इसलामाबाद के सबसे सिक्यूर माने जाने वाले आलाके से दिन का वक्त था कूबा मॉस्क
00:43के बाहर अच्चानक हल चल चल होती है।
00:45एक सीनियर आदमी मस्जद के दरवाजे पर पहुँचता है और उसकी सासे उखडने लगती है।
00:51चहरा पीला पढ़ने लगता है और कुछी शणों में वो जमीन पर गिर कर धेर हो जाता है।
00:57मौत इतनी अच्चानक और मिस्टीरियस थी कि वहां मौजूद लोगों को संभालने का मौका तक नहीं मिला।
01:03जमीन पर पड़ा ये शक्स को याम पाकिस्तानी शहरी नहीं था।
01:07ये था कारी साइद अब्दूल अजीज, लशकर-े-ताइबा का सीनियर कमांडर और टेरर नेटवर्क का सबसे बड़ा फाइनान्स कम
01:18रीहाबिलेशन ब्रेन।
01:20लेकिन इस मौत की जो कहानी सामने आई हैं वो बॉलिवर्ट फिल्म धुरंदर से कम नहीं है।
01:27रिपोर्ट के मुताबित कूबा मौस पहुँचने से ठीक कुछ घंटे पहले कारी साइद ने एक unfamiliar restaurant यानि एक ऐसे
01:35धाबे पर खाना खाया था जहां वो पहले कभी नहीं गया था।
01:39खाना खाने के कुछी देर बाद उसके पेट में दर्द और गबराहट शुरू हुई और मस्जिद के गेट पर पहुचते
01:46पहुचते उसकी मौत हो गई।
01:49धुरंदर स्टाइल poisoning हुई और बिलकुल खामोश हो गया लशकर का ये कमांडर बिना किसी खबर के कांग तमाम हो
01:59गया।
01:59आखिर कारी साइद अब्दुलजीज लशकर के लिए इतना जरूरी क्यों था।
02:04कश्मीरी जमीन पर जब भारतिय सेना टेरर इंकाउंटर्ज में लशकर के आतंकियों को धेर करती है तो अना आतंकियों के
02:12परिवारों को पैसे, मदद और आगे के लिए रिक्रूट्स तयार करने का जिम्मा इस करी सईद के ही पास था।
02:22ये लशकर का वो बैकबोन था जो वैली में आतंक की सप्लाइ चेन को जिन्दा रखता था। इसकी मौत सिरफ
02:30एक कमांडर का खात्मा नहीं है, बलकि लशकर के फाइनाशल और मुराल सुपोर्ट स्ट्रक्चर पर एक बहुत बड़ा प्रहार है।
02:38लेकिन असली कहानी कारी सईद की मौत पर खतम नहीं होती, बलकि असली कहानियां से शुरू होती है।
02:45अगर आपको लगता है कि ये सरफ एक फूट पॉइजनिंग का मामला है या को इंसिडेंट मौत है तो या
02:51तो आपने धुरंदर नहीं देखी या फिर आपने ये तीन चार सालों का रिकॉर्ड नहीं पड़ा।
02:58पाकिस्तान के पेशावर, कराची, रावल पिंडी, रावल कोट और मुजाफराबाद ये वो तमाम शहर हैं जो दशकों से लशकर-े
03:07-ताइबा, जैश-े-महमद और दूसरे टेरर आउटफिट्स के लिए सेफ हिवन बने हुए हैं।
03:12लेकिन पुछले कुछ सालों में इनी शहरों की गलियों में अचानक अन्नोन मैन यानि अग्यात पुरुशों का दौर शुरू होता
03:20है।
03:20कभी किसी टेरर बॉस को उसके घर के बाहर बाइक पर आए दो शूटर्स गोली मार देते हैं।
03:26कभी किसी को उसके घर के अंदर घुसकर दौरंदर स्टाइल में खतम कर दिया जाता है और कभी कोई कारी
03:33साइट की तरह किसी अंजान रेस्टरॉंट में खाना खाने के बाद मिस्टीरियस तरीके से दम तोड़ देता है।
03:40अब तक टेरर ग्रूपस इस बात को छुपाते आएं हैं। पाकिस्तान की सरकार और आईएसाई दुनिया के सामने हमेशा ये
03:47प्रिटेंड करती थी कि उनकी जमीन पर कोई आतंकी नहीं रहता और अगर कोई मरता भी था तो उसे हार्ट
03:54अटैक या आपस की दुश्मनी बता
03:56करमाम लदबा दिया जाता था। लेकिन पहली बार लशकर दाइबा के एक सीनियर ओपरेटिव रिजवान हनीफ का एक वीडियो सामने
04:05आया है। रिजवान हनीफ ने पब्लिकली एकसेप्ट किया है कि पिछले तीन से चार सालों के अंदर उनकी बैंड औरगनाइजेशन
04:12व
04:26सोचिए तीस टेरिस्स ये कोई छोटा नंबर नहीं है। ये यूएन सैंक्षन टेरर आउटफिट लशकर इताइबा का पहला ऐसा पब्लिक
04:35एड्मिशन है जहां उन्होंने खुले आम कबूल किया कि उनके कमांडर्स अपने ही घरों में आयेसाई की नाक के नीचे
04:42सुरक्�
04:43पिशावर से लेके मुझाफराबात तक आतंकियों के मन में ऐसा खौफ बैठ चुका है कि लशकर और जैश के बड़े
04:51कमांडर्स ने पब्लिक प्लेयर मीटिंग्स में जाना बंद कर दिया है। वो अपने गाज डबल कर रहे हैं अपने खाने
04:58पीने के ठिकाने बदल रहे ह
05:00और हर अनजान शक्स को शक की निगासे देख रहे हैं। जिस पाकिस्तान में ये आतंकी खुले आम रैलियां करते
05:08थे भारत के खिलाफ जहर उगलते थे आज वहीं आतंकी अपने ही साय से डर रहे हैं। पाकिस्तान की आयसाय
05:16इस वक्पूरी तरह से बुखलाई हुई है। �
05:19वो दुनिया के सामने ये दावा नहीं कर सकती कि उनके देश में लशकर के कमांडर्स मारे जा रहे हैं।
05:25क्योंकि अगर वो ये मानती है तो ये कबूल करना पड़ेगा कि 2005 से युएन द्वारा बैंड आतंकी उनके इसलामाबाद
05:33और रावल पिंडी में आराम से रह रहे है
05:35और अगर वो चुप रहती है तो उनके टेरर कमांडर्स एक एक करके मिस्टीरियस तरीके से इसी प्रकार साफ होते
05:44जाएंगे। कारी सईद अब्दुलजीज की इसलामाबाद में हुई ये मिस्टीरियस मौत इस बात का बड़ा प्रूफ है कि गेम के
05:51रूल्स अब बदल च
06:03चुका है जहां भारत के दुश्मन छुप कर बैठे थे आतंक का ये सेफ हेवन अब उनके लिए सबसे बड़ा
06:10कबरिस्तान बन चुका है सवाल अब ये नहीं है कि अगला नंबर किसका है सवाल ये है कि क्या पाकिस्तान
06:16की आये साए अपने इन आतंकियों को अब जिन्दा �
06:19बचा भी पाएगी या नहीं ऐसे में जो भी आप की राय है जो भी आपको लगता है हमें कॉमेंन
06:25सेक्शन में जरूर बताइएगा अब देख रहे हैं वान इंडिया मैं हुआ कुर्श कॉश्यक
06:31सबस्क्राइबेवां नहीं पारी कॉश्दे know.com ऺड़ा या झालस दूक्ला तूब्स्दी आतारू था Glenn
06:40झालस खynn terminar
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