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रांची में छात्रों की आवाज 'शहनाई' से सुनेगी सरकार? देखें ब्लैक एंड व्हाइट विश्लेषण
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00:00मैं हूँ अंजिना उमकश्य ब्लाक इन वाइट में आपका बहुत बहुत स्वागत है
00:03आज सबसे पहले हम आपको राची लेकर चलेंगे जहां प्रदशनकारी छात्रों का दस सदस्य प्रतिनेदी मंडल स्टेट गेस्थ हाउस पहुँच
00:10चुका है
00:11और सरकार की तरफ से चार मंत्रियों का पैनल चात्रों से बाचीत कर रहा है
00:15सरकार ने सिर्फ परीक्षा में धानली से प्रभावित चात्रों को बुलाया है
00:19जबकि छे दिन से भूख हरताल पर बैठे युवा नेता दिवेंदर नात महतो और उनके सातियों को बाचीत से पूरी
00:25तरह अलग रखा गया है
00:26आज आपको बताएंगे कि देश का हर चात्र एक ही सवाल पूछ रहा है कि आखिर उनकी मेनत की कीमत
00:32कब मिलेगी
00:33हालत ये हो गई है कि इन युवाओं को अपनी बात हुक्मरानों को सुनाने के लिए प्लकाड्स पर लिखना पड़
00:39रहा है
00:39कि नौकरी नहीं मिली तो शादी नहीं होगी सोचे
00:44जो युवादेश की टेक्नॉलिजी और भविश्य बना सकते थे
00:47उन्हें आज सिर्फ इसलिए क्रियेटिव होकर ये प्लकाड्स बनाना पड़ रहा है
00:51ताकि शहनाई के जरीए ही सही सरकार तक उनकी आवाज तो पहुँच सके
00:55इसके बाद आपको बताएंगे कि एक तरफ संसद में गतिरोद और हंगामे का दौर है
01:00तो दूसी तरफ प्रधानवंती मोदी से मिले विपक्ष के बागी संसदों ने समीकरण पूरी तरह बदल दिये
01:06टीमसी से बागी होकर एंडिये खेमे में आए 20 संसदों
01:09खासकर यूसफ पठान समेथ उन तीन मुस्लिम संसदों की मौझूदगी ने सारी अटकलों पर फुल स्टॉप लगा दिया है
01:15जिनने लेकर विपक्ष सबसे ज़्यादा बेचैन था
01:18उधर महराश के राजितिक समीकरणों के बीच एकनाच शिंदे की अगवाई में
01:22शिफ सेना संसदों के साथ हुई सीक्रिट मीटिंग और विदेशी फंडिंग से जड़े बिल पर
01:26नंगर गेम की बीची इस बिसात ने बता दिया है
01:30कि संसद के इस सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मुकाबला बहुत दिल्चस्प और आरपार का होने वाला
01:38है
01:38और आखर में आपको बताएंगे कि पाकिस्तान सौदी अरब और तुर्किये ने मक्का जॉइंट डिफेंस अग्रीमेंट साइन किया है
01:45जिसे इसलामिक नेटो कहा जा रहा है
01:48इस समझोते के तहट किसी एक देश पर हमला होने पर तीनों मिल कर जवाब देंगे
01:54सौदी का पैसा, तुर्किये के हतियार, पाकिस्तान की परमानु ताकत इस गडबंधन को बड़ा रूप दे रही है
02:00लेकिन क्या वाकई ये कागजी समझोता, जमीन पर तिक पाएगा
02:06लेकिन इस वक्त बड़ी खबर यह है कि प्रदशनकारी छात्रों का एक प्रतिनिदी मंडल राची के स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचा
02:12है
02:12जहां पिछले एक गंटे से लगातार उनकी सरकार के मंत्रियों के साथ बैटक चल रही है
02:16और इस बाचीत के लिए प्रदशनकारी छात्रों ने दस अदस्यों का एक प्रतिनिदी मंडल बेजा
02:23सरकार की तरफ से चार मंत्रियों का पैनल है
02:25जिनमें नगर विकास मंत्री सुदीप कुमार, ग्रामीन विकास मंत्री दिपका पांडे, श्रम मंत्री संजर प्रिसाद यादव और एस्टी कल्यान मंत्री
02:34चम्रा लिंडा शामिल है
02:36एहम बात यह है कि सरकार ने चात्रों को सिर्फ एक ही गुट को, दो गुट है हमने आपको पहले
02:41बताया था
02:41एक गुट इधर है और दूसरा गुट है जिसमें अंशन भी चल रहा है देवेंद्र महतो का
02:47तो देवेंद्र नात महतो का जो गुट है उससे बात नहीं हो रही है जो यह दूसरा गुट है
02:52सिर्फ एक ही गुट को बाचीत के लिए आमंतरत किया गया है
02:55चे दिनों से भूखरताल पर बैठे देवेंद्र नात महतो के प्रतिनिद्यों से अब भी सरकार ने कोई संपर्क नहीं किया
03:02है
03:02और अभी ऐसा लग रहा है कि सरकार की कोशश यही है कि वो सिर्फ परीक्षा मिधानली से प्रभावित वे
03:07चात्रों से ही बात करना चाहती है
03:11जबकि देवेंद्र नात महतो एक सामाजिक कार्यकरता और नेता है
03:142024 के लोगसभा विधानसभाद चुनाओ और 19 के विधानसभाद चुनाओ वो लड़ चुके है
03:18और ऐसा लग रहा है कि सरकार अभी उन्हें इस अंदोलन से अलग करके देख रही है
03:24उनके प्रतनिद्यों को बाचीत के लिए नहीं बुलाए गया है
03:27अब हम आपको यह बताएंगे कि देश में छात्रों के जो अंदोलन हुए या हो रहे है
03:32उन्हें किसी राजनीती, किसी पार्टी, किसी नेता, किसी सरकार या किसी नारेटिव के छोटे से दायरे में नहीं बांधा जा
03:40सकता
03:40या अंदोलन किसी विचात धारा के नहीं, बलकि उस पीढ़ी का है जो अपने हिस्से का इंसाफ मांग रहा है
03:48यह तमाम युवाज सिर्फ इतना कहना चाहते हैं कि हमें हमारा हक दे दीजे
03:55हमें हमारी इस मेहनत की कीमत दे दीजे, हमारी नौकरिया दे दीजे, हमारी परिक्षाओं को इमानदार बना दीजे
04:01और हमारे सपनों को बार बार लीक होने वाले पेपर धांदली और ब्रश्ट व्यवस्ता के नीचे मत दबाईए
04:08दिल्ली का जंतर मंतर हो या जारकन का जैपाल सिमोंडा स्टेनियर
04:13जगे अलग-अलग हो सकती हैं चेहरे अलग-अलग हो सकते हैं
04:16नारे अलग हो सकते हैं लेकिन नांदोलनों की आत्मा एक है
04:19क्योंकि हर शहर में सडकों पर उत्रा ये छात्र एक ही दर्द लेकर आया है
04:25उनका दर्द क्या है उनकी मेहनत आप सुचिए मतलब कलपना कीजे
04:30जो लोग नौकरी करते हैं या अलग-अलग जगों पर काम करते हैं
04:33मेहनत तो सब को करनी पड़ती है लेकिन इतनी कम उम्र में छात्रों को सब कुछ भूल कर
04:38खाना पीना नींद जागना सोना सब भूल कर उनको कॉमपुटिटिव एक्जैम्स की तैयारी करनी पड़ती है
04:43और फिर पता चलता है पेपर लीक हो गया पता चलता है नौकरी ने मिली ये दर्द जो है न
04:48कि उसने मेहनत की लेकिन व्यवस्था ने इनसाफ नहीं किया इस दर्द की वज़े से यह है उसने राते जाकर
04:57किताबें पड़ी उसकी किस्मत का फैसला कभी पेपर लीक ने कर दिया
05:01कभी धांदली ने कर दिया, कभी लापरवाही ने, कभी उस सस्टम ने
05:05जिसने उसकी इमानदारी की कोई कीमत समझी ही नहीं
05:09आज आप राची से आए इन तस्वीरों को पहले देखे
05:11जिन में प्रदर्शनकारी युवा ऐसे प्लकाद्स लेकर आए हैं जिन पर लिखा है
05:15कि अगर नौकरी नहीं मिली तो उनकी शादी नहीं होगी
05:26वो पोस्टर्स भी दिखा दीजी जिनके हम चर्चा कर रहे हैं
05:29सोशल मीडिया पर इन प्लकाद्स की आज खूप चर्चा हो रही है
05:33लोग कह रहे हैं कि इन छात्रों का विरोज जताने का तरीका कितना नया है
05:37कितना अलग है और कितना अलग है
05:41मतलब अलग अलग तरह की बातें लिखे हैं
05:44हम भी मानते हैं कि ये creativity अद्बुत है लेकिन एक बार ये भी तो सूचिए कि क्या ये creativity
05:50जिसके हम आज बात कर रहे हैं इन बच्चों को तो सारी मेहनत creativity अपने एक्जामस अपने पढ़ाई पर लगानी
05:57थी नौकरिया हासल करने में लगानी थी लेकिन वो हो ही नहीं रहा है
06:02जो युवा इस देश के लिए नई technology बना सकते थे जो हाथ नए उद्योग खड़े कर सकते थे जो
06:09युवा भारत को दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनाने में अपना योगदान दे सकते थे
06:14आज यहाँ बारिश, धूप, गर्मी, पसीना मतलब अपनी पीड़ा समझाने के लिए उनको नारे गढ़ने पड़ रहे है उन्हें अपने
06:27सपनों की भाषा छोड़कर विरोध की भाषा सीखनी पड़ रहे है और यह इनकी उपलब्दी नहीं है यह इनके साथ
06:33अन्याए है
06:34दुनिया में कई देश ऐसे हैं जहां चात्रा अंदूर्लों को सबसे ज़्यादा गंपीता से लिया जाता है क्योंकि वहाँ यह
06:41समझा जाता है कि अगर पढ़ने लिखने वाले चात्रों पर उत्तर आए हैं तो समस्या चात्रों में नहीं व्यवस्था में
06:48है
06:51लेकिन हमारे हैं ऐसा नहीं है सबसे ज़्यादा दुख की बात यह है कि इन युवाओं को अब सिर्फ अपने
06:55भविशे की चिंता नहीं है
06:57उन्हें इस बात की भी चिंता है कि कहीं उनकी आवाज अंसुनी ना रह जाए
07:01वो ऐसे प्लाकाद्स बनाते हैं ऐसे नारे लिखते हैं जो प्रतिकात्मक चीजें लेकर आते हैं जिन पर लोगों और सरकार
07:08की नजर तो पड़े
07:09यानि ये सारे युवा अंदोलन भी कर रहे हैं और इनी पर ये भी जिम्मेदारी है कि वो किसी तरह
07:14सरकार का ध्यान अपने मुद्दों पर खीच सके
07:19ये बैनर्स, ये प्लेकार्ड, ये तराजू, ये गीत, ये देखे
07:26वेकेंसी निकलेगी तभी शेहनाई बजेगी
07:30ऐसे प्रकाद्स लेकर आना पड़ रहा है और चेहरों की मायूसी देखे
07:35व्यांग, ये प्रतीक जो है, ये सब को, मेरा सीवी तयार है, सिस्टम कब तयार हुआ
07:40ये उस पीडी की मौन चीक है, जो कहना चाहती है कि हमें विरोध करने का शौक नहीं है
07:46नो जोब, नो शादी, हमें तो सिर्फ एक निश्पक्ष परीक्षा चाहिए, एक निश्पक्ष, एक इमानदार परीक्षा
07:54जिसमें पेपर लीग नहों, नौकरियों में धान्दली नहों
07:58मेरे होने वाले से सुर कहते हैं, पहले नौकरी, फिर लड़की
08:02नो जोब, शाद इस पूरे आंदोलन का सबसे दर्दनाक सच यही है
08:07जब आप इस तरह के पोस्टर देखते हो और पीछे इन मायूस चेहरों को देखते हैं
08:11इन युवाओं ने अपनी क्रियेटिविटी विरोध के लिए नहीं सीखी थी
08:13उन्होंने ये कलपना शीलता भारत का भविश्य बनाने के लिए सीखी थी
08:19पहले लड़े थे गोरों से, अब लड़ेंगे चोरों से
08:25उन्होंने अपने सपनों के पोस्टर बनाने के लिए नहीं बलकि देश बनाने के लिए संजोया था
08:29लेकिन विवस्था ने उन्हें ऐसी जगह खड़ा कर दिया
08:31जहां उन्हें अपने भविश्य की लड़ाई लड़ने के लिए
08:33अपना दर्द आकर्शक बनाना पड़ रहा है
08:36ताकि लोग रुकें, तस्वीरें तो देखें, पोस्ट शेर करें
08:40उनकी बात तो फैले, बहस करें और शायद तब जाकर सत्ता तक उनकी आवाज पहुचेगे
08:48किसी भी देश के लिए, इससे बड़ी विड़नबना क्या हो सकती है
08:51कि उसके सबसे होनहार युवा अपने सपनों का निर्मान करने के बजाए
08:55तूटे हुए सपनों का प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो
08:59इसलिए इन तस्वीरों को सिर्फ एक आंदोलन की तस्वीर मत समझे
09:02ये भी मत समझे कि आंदोलन रील बनाने के लिए है
09:05ये चात्य से फिसली अपने अंदोलन को आकरशक बनाने के लिए मजबूर है
09:09क्योंकि वो अपने मुद्दों पर समाज तेश सरकारों का ध्यान चाहते है
09:12और यही इन संघर्ष कर रहे युवाओं की असली पीडा है
09:17देखे
09:37तेखे
09:38क्योंकि युवाओं की खाव्या दो
09:47कावदे युवाओं की अवोड़
10:06आप्राथ अब घृट यहां हो जो झातमु जो जो जो जो बहुत हो जो जो झातमु जो जो जो गए
10:14जो जो περι्चे जो ईसे डाइक आधा दामास हूं
10:18कि अ कि वह एक अ का ऊंसे नियुण के भाश्ट को जो पाटे के जिसाए तरह को जो टामास
10:31हुआ है
10:40हमारा सिर्फ ये कहना है कि ये क्रियेटिविटी जो आज इस आंदोलन में दिख रहा है ये वाकई काविले तारीफ
10:47है और बच्चे जो महनत कर रहे हैं उस उस क्रियेटिविटी की हर तरफ प्रशंसा हो भी रही है
10:52लेकिन इन बच्चों को ऐसी स्थिती में लाने पर मजबूर किस ने किया उसके खिलाफ हमारी आवाज है ये क्रियेटिविटी
11:01आंदोलन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए थी ये क्रियेटिविटी उनकी जिंदगी के सपनों के पूरे करने की यात्रा में शामिल
11:09होना चाहिए थ
11:10कि भई उनकी नौकरी लगी और नौकरी में उन्होंने अपनी ख्रियेटिविटी दिखा उनके अच्छे जगा दाखला लगा और उस पढ़ाई
11:18में उन्होंने पूरी ताकत जोकी लेकिन ताकत कहा जोकनी पढ़ रही है आंदोलन में सरकार कहती है उसके दरवाजे हमेशा
11:25�
11:25युवाओं के लिए खुले हैं लेकिन हमें लगता है कि ये ऐसे दर्वाजे हैं जिन पर भले ताला नहीं है
11:30लेकिन इन पर सुनने वाले कान भी नहीं है
11:33हम ऐसा क्यों कह रहे हैं उसके लिए आपको 13 साल के इस बच्चे को सुनना होगा
11:37जो मुक्यवंती हिमंध सुराइन और आची से आने वाले पूर्फ क्रिकटर महिंद्र संग्धोणी से अपील करता है
11:42और जानते हैं क्या कहता है कि घलतियों से जुदा तू भी नहीं, मैं भी नहीं
11:47दोनों इंसान हैं खुदा तू भी नहीं मैं भी नहीं सुनिया
11:54गलतियों से जुदा तू भी नहीं मैं भी नहीं दोनों इंसा हैं खुदा तू भी नहीं मैं भी नहीं
11:59मैं तुझे और तू मुझे इल्जाम देते हैं, मगर अपने अंदर जाकता, तू भी नहीं, मैं भी नहीं
12:05माना की गलत फैमियों ने कर दी दोनों में पैदा दूरियां, वरना बुरा, तू भी नहीं, मैं भी नहीं
12:11जितने भी students हैं, दिनके 2-3 years, 5 years के मैनत यू ही राइगा चली गई, जब वो आते
12:16तो पता चलता कि ये paper cancels हो गया, ये paper रद कर दिया गया, तो paper leak हो गी,
12:20तो मैं सोचें, नहीं, मुझे भी आवाज उठाने चाहिए for my future and for the these and भीया's future
12:25So just we are appealing that every exam should be taken with, conducted with the transparency and with the fair
12:31opinion, generally sir, राची एक बार popular हुआ था MS Dhoni sir के वजा से, और जंतर मंतर जो की
12:36देली है और उसमें ज्यादा तादाद में protest भी हुई, इसले celebrities और जितने भी influencer थे, वो भी इस
12:41सड़क पर आई थे इस protest को देखने हैं, यहां पर जो हमारा protest हो रहा है, वो प�
12:54quantity कम है, बस हम एक ही मांग कर रहे हैं सरकार से, सिर्फ हम एक ही मांग कर रहे
12:59हैं माने निया है, हमन सौरें सर से, because we want our rights, our accountability, we want that every exam
13:05should be conducted, not only JPC, not only JSC, every exam should be conducted in the fair and transparent way.
13:13कई लोग कहते हैं कि उन्हें जारकन में आंदोलन कर रहे हैं चात्रों का मुद्दाब तक समझ नहीं आया है,
13:18तो ऐसे लोगों को आज हम एक तस्वीर दिखाना चाहते हैं, जिसमें इस आंदोलन की वज़े साफ साफ नजर आती
13:24है, यह तस्वीर है, उस तराजू की जिसमे
13:27सरकारी नौकरियों का पूरा रेट चार्ट बनाया गया है, जैसे इसमें लिखा है कि एफारों की नौकरी का रेट पचास
13:34लाख रुपे, महिला सुपरवाइजर की नौकरी का रेट बीस लाख रुपे, मादिमिक आचारे की नौकरी का रेट पैतीस लाख रुपे,
13:43आबका
13:58मेरिट मेहनर इमानदारी इसका क्या मतलब रह जाएगा आज यह तमाम युवाद प्रदर्शन कारी इसी रेट कार्ड को लेकर रांची
14:05के जैपाल सिंग मुंडा स्टेडियम में बैठे हैं और सरकार के लिए गाना गार है कि तुम तो धोके बाज
14:11हो वादा करके भूल जाते ह
14:35तुम तो धोके बाज हो वादा करके भूल जाते हो
14:42रोज रोज तुम जपे प्रवी कि करोगे जाते उखे जाएंगे तो हाथ बाज हो तुम तो धोके माज हो वादा
14:54करके भूल जाते हैं
15:01इतराजू के मध्यां से हीमन सोरेंग के बता दे रहे हैं कि देखे हीमन सोरेंगी यह रेट देख़ें रेट आप
15:07एपरों का 50 लाग, लेडी सुपर वाइजर का 20 लाग, मध्यमिय अश्या पर 35 लाग, उत्पास स्पाहे का 15 लाग,
15:14पन्चाहे सचीव का 15 लाग रुपिया,
15:17अपि यहां जिस तरह के अप यहां पर एग्जाम लेने के बाद यहां पर नेपाल ले जाते हैं यह छारखन
15:24में एग्जाम होता है यहां बाप रेबाप ले जाता है � democracy यहां पर रत्वाने के statewide जब रट नहीं
15:32पाता है तो फिर में
15:36तो आप एक रेट बता दिजिए फिक्स रेट बता दिजिए है मेरा में दम रहेगा तो हम लेंगे नौकरी ने
15:43तो नहीं लेंगे
15:45इनकी व्यता कौन सुनेगा इस अंदोलन में शहीद आजम भगत सिंग महत्मा गांदी जॉक्टर भीम राउं अमबेट कर लोकनाएक बिरसा
15:53मुंडा जी और दवंगत नेता शिबू सोरेन जी की तस्वीर को बंच पर रखा गया है
15:57और सियोचे ये बात कितनी खुबसूरत है ये बचे हिमन सोरेन की सरकार से इंसाफ मांग रहे हैं उनके खिलाफ
16:06विरोध प्रदशन कर रहे हैं और इसी विरोध प्रदशन में उन्होंने उनके पिता शिबू सोरेन की तस्वीर को प्रेणा के
16:12तौर पर अपने साथ रखा है
16:13इसे पता चलता है कि ये आंदोलन छात्रों के असली मुद्दों का है, उन्हें भी बातों की गंभीरता समझ में
16:20आ रही है, वो दिन रात संघर्ष कर रहे हैं, ये युवा कैसे देशभक्ती के गानों से अपना जोश बढ़ा
16:25रहे हैं जरा वो भी देख लीजे
16:47स्काल गुझ मंदाग जे भो गानों, जे जरात कर रहे हैं, वो भात रहे हैं!
16:52कर दो को भी धिया कर दो कि एलь में रस कर दो дорогे कि वेख़गद कर दो भात हैं
17:24आज आमरे रंशन पर बैठे प्रदर्शन कारी छात्तर राहुल क्रांती की काफी तब्यत बिगड़ गई
17:30जिसके बाद उन्हें रांची के सदर अस्पिताल ले जाया गया है
17:34उन्होंने यारोब भी लगाया कि कई बार अनुरोद करने के बाद भी मेडिकल जाँच के लिए डॉक्टर्स की टीम को
17:38धरनासल पर नहीं बेजा गया
17:40और सरकार को शायद इस बाद से फरकी नहीं पड़ता कि उसके राज्य के छात्र अपनी मांगों के लिए भूख
17:45हरताल पर बैठे हैं
17:47शुरुआत में केवल देवेंद्रनात में तो अंचन पर बैठे थे लेकिन चार अगस की राज से चार और छात्र जिनमें
17:53दो छात्राएं भी शामिल है अंचन में शामिल हो गए
17:56इनमें 40 वर्षे राहूल क्रांती की कहानी हमारी सरकारों पर कई सवाल उठाती है
18:03राहूल क्रांती पिछले 20 सालों से सरकारी नौकरी की तयारी कर रहे है और उनका दावा है कि 172 अंक
18:10लाकर वो एक बार परिक्षा में पास भी हो गए थे लेकिन सिस्टम की बैइमानी ने उनसे उनके हक को
18:15छीन लिया
18:16दूसी चात्रा है हबीबा जो राची की रहने वाली है और वो भी लंबे समय से जारकन लोग से वायोग
18:23की सरकारी नौकरी की तयारी कर रहे है उनका अरोपे की बार बार पेपर लीक और भरती में धानलियों ने
18:34उनके जैसे ही कई युवाओं का भविश्य बरबाद ही कर द
18:42दरा पारदर्शी बने निश्पक्षों और चौरती चात्रा है सवता कुमारी जिनका कहना है कि परिक्षाओं की धानलियों ने उनके भी
18:51कई साल बरबाद किये और अब तो उनके माता पिता भी कहते हैं कि ये व्यवस्था कभी नहीं बदलेगी यानि
18:57भूखरताल पर बैट
18:58के इन चात्रों की कहानी इनका संघर्ष इनकी पीड़ा एक जैसी है जिसे अभी तक किसी ने समझाने ही सुनिये
19:16अगर सोच लिए ना कि अगर नहीं नोकरी करना है छोड़ देए लेकिन क्या करें घर से बाहर ना नोकरी
19:25के नाम से ही घर से बाहर निकले है
19:27यह तकलीफ ना इसलिए है अगर घर से निकलते हैं कि पापा जा रहे कुछ करने के लिए तो साहिद
19:33इतना तकलीफ ना होता
19:42आप ने भी प्रतियोगी परिख्शाएं दी थी अपने समय में
19:44जे पीएसी के लगातार परिखते हैं पहले तो पीटी निकल जाता था इस बार तो वो यह मारे लिख हो
19:50गया तो बिके गया तो निकलना तो दूर की बात है
19:54सहय कचार कभी परिख्शाप कवाली फाई हों सीट खाली है फिर भी सरकार नेवति नहीं दे रही है
20:13मैंने पंचा सची का एक्जाम दिया था 2017 की वैकेंसी थी तो उसमें मैं पास हो गई थी फिर उसमें
20:20सेकेंड एक्जाम था हिंदी टैपिंग का तो उसमें भी क्वाइलिफाई हुई फिर डिवी भी हो गया डोकुमेंट वेरिफिकेशन के बाद
20:27वहा ऐसे भी तो डिल्या करी रही थी तुरंद नहीं कर रही थी एक्जाम अगेरा फिर एक सल लगे फिर
20:31दो सल लगे उस एक्ज
20:50त्यारी करते करते हैं अभ तो मेरा वी निकलते जारा है 28 साल होने जारा, 28 मैं पार होने जारा,
20:5529 मैं पहुंच आएंगे, एक ससे दु साल में मेरा एज भी खतम होने रहेगा, त्रि रहा हम तो कई
21:00भौम भी ने पहर सकते हैं, आर ह्ड़ाई
21:03में हम आगे कुछ और पढ़ाई नहीं किया हम मेरा घर के इस्तिती बहुत खराब था सर इसे लंप को
21:08यहीं लगता था कि यह जोब ले ले उसके बाद जो आगे के भविसे होगा आगे देखा जाएगा
21:14इस बीच आज All India Students Association की राश्ट्री अध्यक्ष नहाबोरा पर एक व्यक्ती ने स्याही फेक दी यह घटना
21:21राची में उस वक्त हुई जब नहाबोरा उनके चात्र संगर्टन के कारकरता और समर्थक विदान सभा की ओर मार्च कर
21:28रहे थे
21:29पुलिस ने स्याही फेकने वारे व्यक्ती को बॉक्रे पर हिरास्त में ले लिया जिसका कहना ये है कि
21:34नेहा बोरा उमर्वालित की समर्थक है और इसलिए वो उनके आनदोलन में शामिल हने का विरोध कर रहा था
21:41हाला कि नेहा बोरा ने आरूप लगा है कि उन्हें सांदोलन में हिस्ता लेने से कुछ राजनितिक लोग रूप ना
21:46चाहते हैं
21:48सुनियों
21:54कि अजयों अजयों और यह लिए फिलीज आपनों को अप्लेट किजेंगे अगर बटने आपने फिलीज अगर वाइट का होगे
22:06कि यह वह भाजपा और आरेसेस के गुंडे जो स्टैडियम में बैच करके बोल रहे हैं
22:15कि हम चात्रों के साथ खड़े हैं जब JPSC को रद करने के लिए
22:20JSSC, CGL को रद करने के लिए चात्र विधान सबा तक मार्च निकाल रहे हैं
22:27तो वही गुंडे जो खुद को चात्रों का हितैशी कहते हैं
22:31मेरे उपर इंक भेखते हैं ये कौन सा चात्रों का ही तैशी है
23:01ये आल्बम देखे फिर बताते हैं
23:46प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात आज 45 सांसदों से हुए
23:49इनमें अधिकतर वो सांसद हैं जो हाली में इंडिये का हिस्सा बने है
23:53अब पूरी स्ट्राटेजी समझे इनमें 20 सांसद वो हैं जिनने आप टीमसी के बागे कह लीजिए
23:59जिहां ऐसे बागी जो अब NCPI यानि Nationalist Citizens Party of India के सांसद बन गए
24:07आज प्रधानमत्री मोदी से मिलने वाले NCPI के सांसदों में काकोली गोश तस्तिदार
24:12मतलब एक वक्त पर ममता बैनर जी की सबसे मजबूत सिपहसालार और मोदी के खिलाफ बोलने में सबसे आगे
24:19सुदीब बंदोपाध्याय ठीक ऐसा है सायोनी गोश वो तो BJP के किसी नेता को छोड़ती नहीं थी
24:26श्रतापदी रोय और बापी हलदर समेच 17 सांसदों के अलावा तीन सांसदों का खास जिक्र हो रहा है
24:35यह बहरामपूर के सांसद यूसुप पठान याद होगा आपको बहरामपूर वही सीट है
24:42जहां पर एक वक्त पर यूसुप पठान को जब ममताबाना जी ने टिकट दिया तो खोल को भूब हगामा हुआ
24:47था
24:48जांगीपुर के सांसद खलीलपुर रहमान, मुर्शीदाबाद के सांसद अबुताहिर
24:55इनका जिक्र खास है और वो क्यों है ये समझे
24:59ये तीनों मुस्लिम सांसद 28 जुलाई और 4 अगस को एंडिये की मंगल मिलन बैटकों में शामिल नहीं हुए
25:04फिर चर्चा शुरू हो गई कि मुस्लिम सांसद है वो तो मोदी की बैटक पर जाने को तयार नहीं है
25:10बाकी के NCPI के सांसद उन बैटकों में आये थे
25:14इसलिए इन तीनों सांसदों को लेकर अटकले लगनी शुरू हो गई थी
25:18लेकिन आज जब प्रधानोंती मोदी के साथ नाश्टे पर चर्चा के बाद तस्वीरें आई तो अटकलों पर फुल स्टॉप लगा
25:24यहां मैं बता दू कि NCPI में टीमसी के बागी सांसदों के विलाय को लोगसभा स्पीकर ने भी मानेता नहीं
25:30दी है
25:30और टीमसी के चुने हुए 27 लोगसभा सांसदों में से अलग गुट बनाने के लिए दो तिहाई नंबर 18 है
25:36यानि ये तीन सांसद बहुत एहम है
25:42NCPI के 20 सांसदों की प्रधानोंतुरी के साथ बैठक का अधिकारिक ब्योरा तो सामने नहीं आया है
25:47लेकिन कुछ सांसदों ने आज तक से बातचीत की है
25:50वो इस बैठक को लेकर क्या कह रहे है
25:52पहले वो सुनिए
25:55फ्यू मोमेंट्स वोट वी स्पेंट तोगेदर डट वी एवर मेमरेबल फो मी
26:00जिन्देगे में बहुत कुछ आते हैं जाते हैं सब कुछ होता रहता है
26:04पर आज का जो सुबह आज का सुबह का ब्रेटफिस्ट के लिए हम लोग को इन्वाइट बिला था
26:10हमारे ओनरूरबल पी-म से और उनसे बात किये और उनका जो राय है
26:15नगा जो देखनी का अंदाज है देश के उपर और जैसे वह काम कर रहे हैं सब के लिए सभी
26:22लोगों के लिए पच्चों से बुजर्गत तैंच सब के लिए सोचके जैसे हमारे टियम काम कर रहे हैं
26:30उनके साथ दो मिनिट वक्त गुजारना हमारे लिए बहुत बहुत बहुत भाकशार की।
26:34क्या खास मैसेज दिया है कुछ उन्होंने सांसदू को आज जो गुला काती।
26:37उनके साथ हमारे ग्रूप के जो हैं हम आपके साथ है यही षब्से बरी बात है कि उन्होंने यह कहा
26:48है कि जैसे हम सोचते हैं आप उसी सोच पर विश्वास रखिये और उस लिसाब से और वहीं बढ़ते चलिए।
26:56किन मुद्दों पे चर्चा हुई सर और हार है डिवलेमेंट के बारे हैं कई सारे आपके साथी हैं जो मुस्लिम
27:02समधाय से हैं खास्तोर पर मुर्शिदाबाद के जो सांसद हैं तीनों सब ठीक है पीम वह भी मौझूद थे मीटिंग
27:09में समझूद थे वो लोग भी सबूद कि
27:12चला इस पर मजजिदों को लेकर जो इश्यूरा है तर आखरी सावाल सर एफ सी आरे पर क्या रूख रहेगा
27:18आप लोगों का सर्थ हम लोगों का से प्रदानवंति मोदी ने आज जिन सांसदों से मुलाकात की है उनमें शिवसेना
27:25उदफ गुट के शिंदे गुट में शामि
27:41प्रदानवंति मोदी के साथ मुलाकात में एक नाच शिंदे ने उन्हें भगवान विठल और देवी रुकमणी की मूर्ती भेट की
27:50सोलापूर से आने वाली शिवसेना की राज्य सबासांसर जोती वागमारे ने उन्हें सोलापूर हैंडलूम धवल उपहार में दिया धवल सोलापूर
27:56का पारंपरे को एक विशिष्ट हस्त करगा वस्त रहा आज नाच शिंदे ने प्रदानमंतिरी के साथ अपनी मुलाकात
28:04की तस्वीरों को एक्सपर पोस्ट करके लिखा है कि इस बैठक के दौरान लोगसभा के वर्तमान संसदिय सत्र उसकी कारवाही
28:12शिवसेना के सांसदों की भूमिकार राज्य में चल रहे विकासकारियों केंद्र और राज्य सरकार के बीच समनवय तथा राज्य में
28:19बारिश
28:32उसेना संसदों की चर्चा हुई है ये बात एहम इसलिए हो जाती है क्योंकि विदेशी फंडिंग पर सोमवार को सरकार
28:38संसद में नया एफसी आरे बिल पेश कर सकती है एफसी आरे बिल को पास कराने के लिए साधारन बहुमत
28:43चाहिए लेकिन इस बिल के खिलाब जिस तरह �
28:46आशंकाओं को खड़ा करने की कोशिश हुई है उसके बाद सरकार संसद में एक जुट शक्ती के साथ दिखने की
28:51कोशिश कर रही है यहां ये भी बता दें कि कॉंग्रस ने भी 10, 11, 12 अगस्त यानी सोमवार से
28:57लेकर बुद्वार तक अपने लोगसभा राज्यसभा संसदों
29:00को विप जारी कर दिया है विप में कहा गया है कि संसद में महतवपूर्न चर्चा होनी है इसलिए आपका
29:06संसद में रहना जरूरी है चलिए
29:11संसद तो सबाएंगे
29:13जैसे मैंने आपको पहले ही बताया कि संसद में गतिरोध है
29:15संसद में जंतरमंतर प्रोटेस्ट पर दिली पुलिस के आक्शन पर केंद्रेग्रे मंत्री
29:19अमिच्छा के बायान की विपक्ष में मांग कर रहा है
29:22हंगामा कर रहा है
29:23इनी परिस्तियों में न्यू एंडिये की शक्ती से सरकार विपक्ष का मुखाबला करनी की कोशिश में तयार होती देख रही
29:30है
29:30यानि शक्ती प्रदर्शन का ये पूरा एक जो है डिस्प्ले है
29:34आपको एंडिये का नंबर गेम भी बता देती हूँ
29:36लोगसभा में NDA के 318 सांसद है, जिनमें BJP के 240, NCPI के 20 जोड लीजे, शिवसेना 12, NCPI जित
29:45पवारगुट 1, TDP 16, JDU 12, अन्य दलों के 16 सांसद है, जिनमें BJP के 117, TDP के 4, JDU
29:57के 4, NCPI जित पवारगुट 4, शिवसेना के 2, और अन्य दलों के 11 सांसद मौझूद है
30:05खर, इन मुलाकातों के भी चर्चा यही है कि सरकार परिसीमन और विदेशों से मिलने वाली फंडिंग को लेकर जो
30:10नए बिल लाना चाहती है, उनके लिए सांसदों को एक जुट किया जा रहा है
30:14यह इसलिए भी एहम है क्योंकि एक दिन पहले ही ग्रे मंत्री अमिट शाह ने जॉइंट आक्शन फोरम और माइनॉरिटीस
30:20के प्रतिनिदियों से मुलाकात की, जिसमें चर्चर्चस से जुड़े पादरी और कुछ प्रतिनिदी शामिल थी
30:26यह वैठक एक घंटे तक चली थी, जिसमें विदेशी फांडिंग से जुड़े बिल को लेकर इनकी आपतियां रखी गई थी
30:32इसे पहले अमेरिकी राश्वपती डॉनल्ड ट्रम्प की रिपाब्लिकन पार्टी के सांसर रैले मूर ने ये कहा था
30:40कि अगर भारत सरकार इस कानून को लेकर आई तो ये कानून भारत और अमेरिका के दोए पक्षिय रिष्टों में
30:47बड़ा मुद्दा बन जाएगा
30:48उन्होंने ये आरोप भी लगाया कि भारत सरकार का ये नया खानून इसाई धर्म से जुड़ी संस्ताओं और चर्चों पर
30:54कब्जा करने के लिए लाए गया है
30:56इसे इसाई पर सीधा क्रिश्टानिटी पर सीधा हमला माना जाएगा
31:00ये बड़ी बात ये है कि हमारे देश में मौर के इस बयान पर कई नेताओं और लोगों ने चिंता
31:06जताई है
31:07क्योंकि वो इसको सीधा सीधा इस बिल को कह रहें कि अमेरिका के साथ भारत के रिश्टे खराब होंगे
31:12अगर ये बिल आया तो ये क्रिश्टानिटी के खिलाफ है इस बिल पर उन्होंने सवाल खड़े कि आज समझना बहुत
31:18जरूरी हो गया कि आखर इस बिल में ऐसा क्या है और इस सवाल इतने सारे इस एफसी आरे बिल
31:25को लेकर क्यों उठ रहे है तो हमने सोचा सरल भार्षा मे
31:28आपको बता दें कि ये बिल है क्या इस नहीं बिल का नाम है फॉरन कॉंट्रिब्यूशन रेगिलेशन अमेंडमेंट बिल दोहजार
31:36चब्वीस और ये पुराने एफसी आरे जो एफसी आरे कानून है उसका बदला हुआ रूप है सरल शब्दों में समझे
31:43तो एफसी आरे व
31:55पासचिद, स्कूल, अस्पतार या सामाजिक संस्थाओं के विदेशी फंडिंग लेने पर रोक नहीं है लेकिन इसके लिए इन संस्थाओं को
32:04कुछ नियमों का पालन करना होगा क्या नियम होंगे जिसे ये बताना होगा कि पैसा किसने बेजा कितना भेजा, क्यों
32:15भेजा �
32:16और इसका इस्तमाल कहा हुआ है? यानि लेखा जोखा देना होगा.
32:19ऐसा भी नहीं कि ये खानून मौझूदा सरकार में पहली बार आया.
32:36सरकार पर दूसे देशों का प्रभाव पड़ेगा. आतंकवाद, अलगावाद को फंडिंग हो सकती है.
32:42यानि सरकार को जब ऐसा लगा कि विदेशी फंडिंग से सरकारیں गिराई जा सकती है.
32:46कहीं कोई विरोध प्रदशन आंदोलन कराया जा सकता है
32:50कहीं किसी प्रोजेक्ट, फैक्टरी या प्लांट को बंद कराया जा सकता है
32:53तब ये कानून बना
32:55ये दावा भी गलत है कि मौझूदा सरकार इस कानून में पहली बार बदलाओ कर रही है
32:59इस कानून में पहला संचोधन 1984 में हुआ जब विदेशी फंडिंग लेने वाले संगटनों और धार्मिक संस्थाओं के लिए रेजिस्ट्रेशन
33:06को अनिवारिक किया गया
33:07इसके बाद 2010 में UPA की सरकार ने इस कानून को और सखत बनाया
33:12ये तैह हुआ कि अब किसी भी NGO का रेजिस्ट्रेशन केवल 5 सालों के लिए होगा
33:17नियमों का पालन नहीं करने पर रेजिस्ट्रेशन कैंसल हो जाएगा रद हो जाएगा
33:21और निगरानी को लेकर ज्यादा सखती की जाएगी
33:24इसके बाद साल 2020 में मौझूदा सरकार ने पहला संशोधन किया
33:29दूसरा संशोधन साल 2022 में किया गया
33:32यानि समय के साथ इस कानून में बदलाओ होते रहे
33:36और सरकार अभी ऐसा कह रही है कि वो पहली बार ऐसे संशोधन इस कानून में नहीं कर रहे है
33:43अब ये समझे कि मौझूदा कानून में सरकार ऐसे कौन से बदलाओ करना चाहती है
33:47जिन पर विवाद है जिसको लेकर लोग विरोध कर रहे है
33:51इसमें पहला प्रावधान है designated authority का
33:54इसके तहट अगर विदेशों से funding लेने वाली कोई संस्था बंद हो जाती है
33:59या उसका license रद हो जाता है
34:01तो ऐसी सिती में उस संस्था की सारी संपत्ती इस authority के अधिकार में चली जाएगी
34:08यानि मान लीजे अगर किसी संस्था ने विदेशों से funding लेकर अस्पताल बनाया
34:14स्कूल बनाया या कोई धार्मिक स्थल बनाया
34:18बाद में वो संस्था बंद हो गई
34:20तो उसकी संपत्ती इस authority के पास चली जाएगी
34:23अब इस पर विरोध करने वाले लोगों और संस्थाओं का ये कहना है कि
34:26सरकार इस कानूं का दुर्पयोग कर सकती है
34:29या नहीं उन्हें डर है कि सरकार अगर जानबूच कर किसी संस्था का
34:33license कैंसल कर दे तो उसकी संपत्तियां इस authority के पास चली जाएगी
34:39जबकि सरकार ये कह रही है कि ये डर या ऐसी कोई भी आशंका सही नहीं है
34:43सरकार का कहना है कि अगर किसी संस्था का license दोबारा बहाल होता है
34:46तो उसकी संपत्तियां वापस लोटा दी जाएगी
34:49अगर हमेशा के लिए license रद्ध हो जाता है
34:52तब ऐसी स्तिती में इन संपत्तियों को public purpose के लिए इस्तमाल किया जाएगा
34:58इसी बात को लेकर बहुत सारे लोग अभी यह कह रहे है
35:00कि ऐसा होने से कई church सरकार के कबजे में चले जाएगे
35:03जबकि सरकार कहती है कि यह सब जूट है
35:06सरकार का कहना है कि जो church, masjid, mandir, विदेशी funding से बनाए गए है
35:10उनका कभी भी धार्मिक स्वरूप नहीं बदला जाएगा
35:13यहाँ यही समझना भी जरूरी है कि इस कानून की जरूरत क्यों पड़ी
35:18सरकार कहती है कि इसके पीछे ऐसे कई मामले है
35:21जिनमें कुछ लोग NGO बना कर पहले विदेशी funding लेते थे
35:24फिर उस NGO को बंद कर देते थे और बाद में समपत्यों की tracking मुश्किल हो जाती थी
35:30ऐसा ना हो और इन समपत्यों की tracking की जा सके
35:34यही सोच कर सरकारने इस बिल में यह प्रावधान जोड़ा है
35:38दूसरा प्रावधान इसमें यह है कि अगर किसी NGO ने अपना registration पांच साल में फिर से
35:43renew नहीं कराया तो उसका registration अपने आप रद हो जाएगा
35:47इसी में यह नियम भी चोड़ा गया है कि अगर किसी NGO ने दो साल में कम से कम
35:5210 लाख रुपे की विदेशी फंडिंग का इस्तमाल नहीं किया तो उसका लाइसेंस रद कर दिया जाएगा
35:57इस पर विरोध करने वाले लोगों का बड़ा तर्किय है कि जो छोटे NGO's है जो छोटे संगठन है
36:03और जो जादा पैसा खर्च नहीं कर सकते वो बंद हो जाएंगे
36:07हलाकि सरकार का कहना है कि वो ये नियम इसलिए ला रही है क्योंकि अभी बहुत सारे NGO's
36:12रेजिस्ट्रेशन लेकर बैट जाते हैं लेकिन काम नहीं करता
36:17सरकार का दावा है कि जो डमी NGO's है जिन पर विदेशी फंडिंग को एक जगह से दूसी जगह घुमाने
36:23का आरोप लगता है
36:25पैसा इधर से उधर करने के लिए उनके लिए ये बदलाव किया जा रहा है
36:29इसके लिए केंज सरकार ने इसमें तीसा और सबसे अहीं प्रावधान ये जोड़ा है कि अब ये अब से एक
36:34NGO, दूसरे NGO को विदेशों से मिली फंडिंग ट्रांसफर नहीं कर पाएगा
36:38चौथा प्रावधान रिपोर्टिंग को लेकर है इसमें विदेशी फंडिंग लेने वाले संगटनों को ये बताना होगा कि उन्होंने विदेशों में
36:45किस संसा से पैसा लिया
36:47किस से लिया, किस उदेश से लिया, किस राज्य में खर्च किया और किस चीज पर खर्च किया.
36:55मतलब कहाँ कहाँ खर्च हुआ है उसका ब्योरा है.
36:57यानि अगर किसी NGO ने मद्रप्रदेश में स्कूल बनाने के लिए विदेशी फर्डिंग ली होगी,
37:01तो उसे उस पैसे को किसी और चीज़ पर खर्च नहीं करना है, वो नहीं कर सकते हैं
37:07अगर आपका उदेश था स्कूल बना रहा तो आपको स्कूल ही बनाना होगा
37:10और यही नहीं, वो NGO इस पैसे को किसी दूसरे राज में नहीं बेज सकेगा
37:16यानि ऐसा नहीं है कि आप पैसा ले रहे हैं कि आप यहाप स्कूल बनाएंगे
37:19और उससे आप अपनी बिल्डिंग बना रहे हैं या उससे आप आपस में बाट रहे हैं
37:24विदेशों से पैसा अगर किसी राजी में स्कूल या कोई भी चीज़ बनाने के लिए आया है
37:28तो उस से वही काम किया जाएगा और वो विदेशी फंडिंग दूसे कामों में इस्तमाल हो ही नहीं पाएगा
37:34माना चाहरा है कि ये प्राफधान इसलिए लाए गया
37:36क्योंग अभी सरकार को लगता है कि पैसा तो किसी और काम के लिए आता है
37:39खर्च किसी और काम पर होता है और ऐसा भी नहीं है कि ये बात सिर्फ मौजूदा सरकार को लग
37:44रही है
37:46साल 2012 तमिल नाडु के कुड़न कुलम नूकलियर पाप प्लांट के खलाफ कई विरोड प्रदर्शन हुए
37:54ये तब की तस्वीर हम आपको दिखा रहे हैं
37:56प्रदर्शन करने वाले लोगों का कहना था कि इससे पर्यावरण और लोगों के स्वास्ते को नुकसान हो सकता है
38:02उस वक्त जब इस पूरे मामले की जाज हुई तो ततकालीन प्रदानमंतुरी डॉक्टर मन मोहन सिंग ने
38:07साइन्स पत्रिका को दिये इंटर्व्यू में कहा था कि विदेशों से फंडिंग लेने वाले कुछ एंजियों इन विरोड प्रदर्शनों को
38:14करवा रहे हैं
38:16बाद में यूपीए सरकार में ही ग्रेम अंट्राले ने इस मामले की जाज समाली थी
38:19और ये कहा था कि तीन एंजियों ने सामाजिक कामों के लिए विदेशों से फंडिंग ली
38:25और बाद में यही पैसा इस नुक्लियर पाफ प्लांट के खिलाफ विरोड प्रदर्शन कराने में लगाया है
38:30जो कि भारत के लिए बहुत महत्रपूर्ण था
38:37अब इस विल्स के सबसे एहम मिंदू पर आते हैं जिसमें धर्म परिवर्तन का जिक्र किया गया है
38:44सरकार कहती है कि उसने ऐसे सभी धार्मिक कामों और गत्यविदियों की एक सूची बनाई है
38:49जो विदेशों से फंडिंग लेकर किये जा सकते हैं
38:51लेकिन इन कामों में धर्म परिवर्तन और उसके प्रचार प्रसार को शामिल नहीं किया गया है
38:55इसका मतलब यह हुआ कि अब विदेशों से फंडिंग लेकर धार्मिक स्थलों का रखरकाओं हो सकता है
39:00दार्मिक शिक्षा दी जा सकती है घरीबों की मदद भी हो सकती है
39:04अस्पताल चलाय जा सकते हैं स्कूल खोले जा सकते हैं
39:07लेकिन विदेशी फंडिंग का इस्तमाल धर्म परिवर्तन के लिए नहीं हो सकता
39:12भारत में 52,156 एंजियों और संस्थानों को विदेशी फंडिंग का लाइसंस दिया गया है
39:17जिन में सिर्फ 14,435 के करीब एंजियों से हैं जो सक्रिये हैं आक्टिव है
39:2422,496 है जो की लाइसंस रख है अब देखिए जो 14,435 है जो सक्रिये हैं
39:32जबकि 72 प्रतिशर्थ एंजियों के लाइसंस जो है वो या तो रद है या रिन्यू नहीं हुए है
39:39दूसरा भारत उन देशों में शामिल है जहां इन एंजियों को सबसे जादा विदेशों से फंडिंग आती है
39:44ग्रेव अंत्राले के मुताविक साल 2019 से 22 के बीच 55,741 करोड रुपे की विदेशी फंडिंग आई
39:52अगर सिर्फ 2024 पच्चिस की बात करें तो सिर्फ इस एक साल में 22,963 करोड रुपे की विदेशी फंडिंग
40:00आई और ये पैसा कम नहीं है
40:04अगर आप भारत के इस नक्षे को देखेंगे तो हमारे देश के जिन पाच राजियों में विदेशी फंडिंग लेने वाले
40:09इंजियों की संख्या सबसे जादा है
40:12उसमें तमिलाड पहले स्थान पर है, महराष्ट दूसरे स्थान पर, आंद्रप्रदेश तीसरे, पश्रम बंगाल चौथे और करनाटक पाच्वे स्थान पर
40:20है
40:20इसके अलाबा, रेंटेक, डिजिटल के मुताबिक 2020 के मुकाबले भारत में चर्चेस की संख्या 6 प्रतिशत बढ़ी है
40:28इनमें भी सबसे जादा इंजियों आंद्रप्रदेश में है, फिर तमिलाड में है, तीसरे सान पर सूची में तलंगाना है
40:35यहां सरकार एक और बात यह कहती है कि इस कानून में सांसद, विधायक, चुनाओर लड़ने वाले उमीदवार, सरकारी करमचारी,
40:42जज, राजनितिक दल, पत्रकारों के विदेशी फंडिंग लेने पर रोक लगाई गई है
40:46और ऐसा इसलिए किया गया है ताकि भारत का लोकतंतर प्रभावित ना
40:51लेकिन सरकार कहती है कि अगर यह विदेशी फंडिंग भारत के लोकतंतर को प्रभावित करने लगे, तो वो क्या करेगे
40:59खेर, आगे बढ़ते हैं और आपको यह बताते हैं कि आज नाश्रल हानलूम डे है, यानि राष्ट्रिय अहतकरगा दिवस
41:05हमारी तरफ से इस देश के असंख्य बुनकरों को बहुत बहुत बढ़ाई, उनके हातों से महनत से जो कपड़े बनते
41:13हैं इस देश की वही शान है
41:15अगर आप देखिए तो कई लोग ऐसे होंगे जिन्होंने पिछले हफ़ते ही फ्रेंड्शिप डे मनाया होगा, लेकिन उन्हें अपने देश
41:21का नाश्रल हानलूम डे पता है
41:24इस दिन को समझने के लिए सबसे अच्छा शब्द है ताना बाना, अपक्सर सामाजिक, राजनिते, धार्मेक और जाती है ताने
41:31बाने के बारे में सुनते हैं
41:33कि जुनाओं का या वारते समाज का चीज़ों का है वाना पर जानते हैं दूसरे से गूता जाता था
41:49इसे ताना बाना कहते थि जबकी बाना एक किनारे दूसरे किनारे तक जाने वाले धागे कि":
41:59लेकिन सोचे आज इस बात को कितने लोग जानते हैं
42:05अकीकत यह है कि भारत में हैंडलूम का इतिहास हजारों साल पुराना है
42:09कपड़े की बुनाई ने भारत को सांस्कृतिक रूप से बुना है
42:24दुनिया में सबसे पहले कपास की खेती सूती वस्र बनाने वाले देशों में भारत सबसे आगे हुआ करता था
42:30इसका प्रमान हरपपा, मोहंज़दारों और रखीगड़ी जो रखीगड़ी की प्राचीन सभिता हैं उनमें मिलें
42:38जहां कपास के रेशे, सूत कातने की कलियां और कपड़े के निशान मिलें
42:44The Vegetable Lamb of Tartree नाम की एक पुस्तक में बताया गया है कि योरोप में लंबे समय तक लोग
42:50यही मानते थे
42:51कि कपास किसी पौदे पर उगने वाले भेड जैसी चीज होती है
42:56और ऐसा उसलिए मानते थे क्योंकि योरोप के लोगों ने कभी कपास का पौदा देखा ही नहीं था
43:00जिसके कारण उनके लिए समझना ही मुश्किल था कि कपास बनता कैसे
43:04यह उस दौर की बात है जब जादतर सभिताओं और देशों में उनके कपड़े
43:07जो उनके कपड़े हैं वो पहने जाते थे और भारत में कपास के खेती होती थी सूती वस्त्र पहने जाते
43:14थे
43:15मौरेकाल गुप्तकाल में भारत ये सूती कपड़ों का स्वनकाल आया
43:19रोमन इतिहासकार लिखते हैं कि उस यूग में भारत से इतनी मात्रा में कपड़ा खरीदा जाता था कि रोम का
43:25सोना भारत चला जाता था
43:27और यही सोना बाद में भारत के राजा महराजा मंदिरों में दान कर देते थे
43:31सोचे आज भारत समेट कई देशों में पश्चमी देशों के फाशन को फॉलो किया जाता है
43:36जबकि उस दौर में रोमन महिलाएं भारते सूती और मलमल के वस्त पहनना पसंद करती थी
43:42और ये बड़ी बात थी
43:43सिल्क रूट और समुद्री व्यापार के जरिये भारत में बने कपड़े रोम, मिस्र, अरब, फारस तक कई कशित्रों में भेजे
43:50जाते थे
43:51जब मदे काल और मुगल काल आया तब भी भारते कपड़ों की प्रभाव उनका जो प्रभाव है वो कम नहीं
43:57हुआ
43:57मुगलों ने बनारसी, सिल्क, जामदानी, ब्रोकेट, पश्मीना के इन खाप को संरक्षन दिया
44:04अपने दर्बारों में विशेश बुनकर नियुक्त किये यह वही बुनकर थे जो उस दोर में मुगलों के लिए खास कपड़े
44:10बुनते थे
44:11इसके कारण आंगस मैडिसन के मुताबिक साल 1700 तक दुनिया के अर्थविवस्ता में अकेले भारत की हिस्सेदारी जानते है 24
44:17प्रतिशती
44:19लेकिन जब अंग्रेज भारत आये तो सब कुछ बरबाद हुआ
44:23ब्रिटिश इंडिया कंपनी ने भारत से कच्चा कपास खरीदा सस्ता कच्चा कपास
44:28इसे इंग्लेंड को मिलों में लगी मशीनों में इसे कपड़ा बनाया और फिर वही कपड़ा भारत में बेचना शुरू कर
44:35दिया
44:35नतीजा यह हुआ कि भारत का कपड़ा उद्योग खत्म होने लगा भारतिय बुनकरों को मजबूर और अंग्रेजों को कपास बेचने
44:42के लिए मजबूर किया गया और इसे लाखों बुनकरों की आजीविका समाथ हुई
44:471905 में जब अंग्रेज संयुक्त बंगाल का धर्म के आधार पर विभाजन करना चाते थे तब भारतियों नहीं अंग्रेजों की
44:56स्कुरूरता का विरोध किया
44:57उस जमाने में क्रांतिकारी विफिन चंदरपाल ने स्वदेशी का नारा दिया और यह आवान किया कि भारत के लोग अंग्रेजों
45:03की मिलों में बना कपड़ा नहीं खरीदेंगे और क्योंकि स्वदेशी कपड़ा जो है उसका आवान किया कि भारत के लोग
45:10अब अंग्रेज
45:11कपड़ा नहीं पहनेंगे और स्वदेशी कपड़ा ही चलेगा अगली ख़बर करूख करते हैं अमेरिका में जमोक्राटिक पार्टी के एक चुनाओ
45:19में फिलस्तीनी समर्थक और इसराइल विरोधी
45:23अमेरिका के मिशिगन में ये जमोक्राटिक प्राइमरी चुनाओ था इसमें जीतने वाले उमीदवार को सेनेट पत के चुनाओ में उतारा
45:45गया
45:45इस और इस रेस में जोमोक्राटिक पार्टी की तरफ से तीन उमीदवार थे
45:51मुखाबला डॉक्टर अब्दुलालसायद, हेली स्टीवंस और मेलरी मेक्मोरो के बीच में था
45:56जिसमें अब्दुलालसायद ने जीत दर्ज की
45:59उन्होंने हेली स्टीवन्स को बहुत कम अंतर से हरा दिया
46:02चुनाव में 30 से नंबर पर मैलरी मैकलोरो थी
46:07मैकमोरो माफ कीजेगा
46:08हेली स्टीवन्स की हार और अब्दुल सायद की जीत
46:11लोगों को चौका रही है
46:12और इस पर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है
46:15वजह यह है कि हैली स्टीवन्स पिछले चार बार से सांसद रही है
46:17वो एक ऐसे व्यक्ति से हार गई जो इसराइल का विरोधी माना जाता है
46:21और पहली बार किसी पार्टी की तरफ से सेनेट पद का
46:25कोई मुस्लिम उमीदवार अमेरिका में बना है
46:28अमेरिकी सेनेट के पिछले धाई सो वर्षों के इतिहास में आज तक
46:32कोई मुस्लिम उमीदवार सेनेट में नहीं पहुँचा
46:35अगर अब्दुल सायद जीतते हैं तो पहली बार
46:38कोई मुस्लिम व्यक्ती सेनिटर बनेगा
46:40और यही बात पुलिटिकल पंडितों को हैरान कर रही है
46:44अब्दुलाल सयद के माता पता मिश्टरी से थे
46:46अब्दुल फिलस्तीन के समर्थक है
46:50वो मानते हैं कि गाजा में हो रहे इसराइली हमलों को नरसंगार उन्होंने कहा है
46:54और युद विराम की अपील की थी
46:56अब्दुलाल सयद ये भी मानते है कि अमेरिका को इसराइल की सेन मदद नहीं करनी चाहिए
47:02इसराइल को लेकर विचारों की वज़े से माना जा रहा था कि अब्दुल को समर्थन नहीं मिलेगा
47:07लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि अमेरिका में एक बड़ा तबका अब ऐसी सोच रखता है
47:11जिसमें वो इसराइल को लगातार हतियार देना और लगातार फिलिस्तीन पर बंबारी के खिलाफ है
47:18हैली सीवन्स का दावा बहुत मदबूत था क्योंकि वो चार बार की सांसर थी
47:23और उन्हें जमोक्राटिक सेनेट के वरिश नेताओं का समर्थन भी मिला हुआ था
47:27हैली सीवन्स को इसराइल समर्थक लॉबी जैसे अमेरिकन इसराइल पाबलिक अफेस कमिटी जमोक्राटिक मिजॉरिटी फॉर इसराइल का पूरा समर्थन मिला
47:35था
47:35इन लोगों ने हैली को चुनाव जितवाने के लिए करीब 514 करोड रुपे खर्च किये थे
47:40ये पैसा अब्दुलल सायद के चुनावी खर्च के मुकाबले बहुत ज्यादा था
47:46बावजूद इसके अब्दुलल सायद ने हैली सीवन्स को हरा दिया
47:49इस जीत ने अमेरिकी चुनावी पंडितों को नए बदलाव का इशारा दिया
47:52मिशिगन राज अमेरिका की राजनीती में एक स्विंग स्टेट माना जाता है
47:56स्विंग स्टेट का मतलब ऐसे राज जिसे है जहां जमोक्राटिक पार्टी और रेपबलिकन पार्टी की जीत की सम्भावना
48:0250-50 होती है
48:04कई बार ऐसे राज्यों को वहाँ बैटल ग्राउंड स्टेट या पर्पल स्टेट भी कहा जाता है
48:09यही वज़ा है कि स्विंग स्टेट पर दोनों पार्टियों और पूरे अमेरिका की नजर होती है
48:17तो आज के लिए ब्लाक इट वाइट में इतना ही अब आपसे हमारी अगली मुलाकात होगी
48:21कल रात 9 बजे तब तक खुश रहिए स्वस्त रहिए सुरक्षत रहिए और कितना फरे भी हो चुका है इंसान
48:27पीठ पीछे जिसकी धजियां उडाता है उसी के साथ ठाहा के भी लगाता है पसकार
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