00:00आज हम चंडिगर सेक्टर 16 में पंजाब कला भवन पहुंचे हैं
00:03उसका कारण ये है कि यहाँ पर एक नया हॉल रेनोवेट हुआ है
00:07कला संस्कृति के प्रेमियू के लिए कलाकारों के लिए
00:10ताकि वो यहाँ से बहुत कुछ सीख करके आगे देश-परदेश में
00:14अपना जो है नाम रोशन कर सकें
00:16और कला संस्कृति के प्रेमियू के लिए नए नीचीज़े ला सकें
00:19डॉक्टर रतन सिंग जग्गी जी के नाम पर यहाँ पर एक नया रेनोवेट किया गया है
00:24उसके बारे में तो जानेंगे ही
00:26और पंजाब कला भवन की जो एतिहासिक प्रिष्ट भूमी रही है
00:29और आगामी योजनाई प्रियोजनाई क्या है
00:31उनके बारे में आज हम बात करेंगे
00:33पंजाब कला भवन के चेर्में सरदार स्वनजीत सिंग सभी जी हमारे साथ है
00:48पंजाब भारत में आपका बहुत-बहुत स्वागत है
01:07ते सारियां जडियां ललित कलामाने उनना दा एक मक्का बनाया जावे
01:11सो इदी सिच्वेशन बड़ी खूब सूरत है कि इट्स पार्ट आफ रोजगार्डम
01:15उस्तवाद देविच तिन अकैडमियां ने जडियां अलग अलग लेग्ज ने
01:23मालो के आम चेयर मैं आफ आर्ट्स कांसल आर्ट्स कांसल देग्यों
01:28अकैडमी जडियां जडियां मेरे आउन तो पहला तिन अकैडमियां से गियां
01:33एक साहित अकैडमी, एक ललित कला ते एक संगीत नाटक अकैडमी
01:38पर मैंनों लगया के होंदे समय देविच एक जड़ी मेन लोड़ा ओ हो है कि
01:46सिनमा एंड डिस्टल आर्ट्स सो मैं आके चौत्थी अकैडमी इंट्रिडूस कीती है
01:52पंजाब अकैडमी ऑफ सिनमा एंड डिस्टल आर्ट्स सो ये चार अकैडमिया होने थे कम कर दिया ने
01:59ते एदे वेच सारे जड़े कलाकार ने, राइटर्स ने, ठीटर परसंस ने
02:06ओहो पंजाब दे, ते पंजाब तो बारों इत्थे हों देने
02:10साड़े को ले थे एग्जविशन हाल ने दो, होन भी एक नवी एग्जविशन आज जो अपन होनी है
02:15गवर्नर साभ ने आउना शाम नो
02:18सारे इंडिया तों, साड़े को ले बड़ोदा ग्रोप हो, जिनने वड़े वड़े आर्ट दे ग्रोप्स ने
02:24ओ आउन देने, ओ अपनी एग्जविशन लाउन देने, साड़े आर्टिस्ट जो थे जान देने
02:28सो एक अदान पर दाना जड़ा, कल्चर दा, आर्ट दा, लिटेचर दा, ओ करन ले यह एक सेंट्रल इंसिचूट है
02:39एथों साड़े कुड़ों ग्रोप्स जान देने, जिमें पिछे जैसी एक प्रोग्राम दा ना, साहत पुल, ओदे विच जैसी शिरी नगर
02:51जाके, ओथों दे जड़े राइटर्स ने, उनना दा एक प्रोग्राम कीता, जिदे विचे एक बुक आएगी छपके, कि ओधी ट्
03:02आएगी तरह से सारे हिंदोस्तान दे पांच जोन बढाये ने, उनना पंजया जोन दे विचे सी जाके, उनना दे राइटर्स
03:09ना दे इंट्रक्शन कर दे हैं, उनना दे याँ ट्रांसलेशन दे हैं, फिर उनन दे पुब्लिकेशन होंगी हैं, बस इसी
03:15जड़े चार जोन सा
03:17कर लिया, कि ताके साधे कुड़ों एबरिज ली जिडियां लैंगुजिज एसोसियेटर ने ने ने जिमें, जम्मु कश्मीर दे विचे पिंजाबी
03:29दियां, बढ़ियां, डोगरी, गोजरीयों, सारियां अठ नौ लैंगुजिज ने, इसे तरह ही तामिल ते लगू एक ग
03:47सारियां स्टेट नाँ कवर हों दियां अधिज, साधे कुड़े हराना ते चंडिगाड जिनने स्टूडेंट्स ने, जिनने आर्टिस्ट ने, उनना दे
03:57शो साल देविच दो तिन बार लग देने, ते ओ सडियां गैलरीज देविच आके एक्जूईशन लां देने, ते ब�
04:16अपनियां पेंटिंग दे शो लाया, ते यही साधा मेर परपस यही है कि एक दूसरे नाड शेयर करिया अपने, हाँ,
04:25तो यह साधा मेर प्रोजेक्ट है का सारा, पंजावदियां सारी हैं, लैंगुजेज जेड़ियां, बाच स्टेट्स डवाइड हो गयां, असी हमाचल
04:33�
04:33जानने हैं, ते यह सी, ओ कहने हैं भी हमाचली है, जदो बोल देने इट्स पंजाबी, हर्यान भी था थोड़ा
04:38एक्सेंट दा फरक है, अदर्वाइस वो बेसिकली पंजाबी लैंगुज देनारी जो देने सारे, सो साधेली यह पूरे बड़ा पंजाब सी
04:47हो दियां, सारे �
04:48लैंगुज देनारी इंट्रक्शन करना, सो यह अपना तर्म सामें देना, और रेगुलर सी ओ प्रोग्राम्स करते हैं।
05:18साकी बताया सवी जी ने की रोजगार्डन की बात हो, या जब चंडिगड बसाय जा रहा था, उस दोरान कैसे
05:23नक्षे बनेंगे, कहां पर क्या होना चाहिए, कैसे उनके प्रामर्श जो है, पंडित नहरू जी ने सुने, और आज आप
05:30उनको एक खुबसूरत चंडिगड के
05:32रूप में देख भी रहे हैं, कैमरामेन किशन के साथ, मैं विनाज शर्मा, एटीवी भारत, चंडिगड
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