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  • 8 minutes ago
वृद्धाश्रम में बुजुर्ग पिता की मौत, बेटियों ने वीडियो कॉल से कराया अंतिम संस्कार

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00:00और अब बात एक ऐसे कपड़ा व्यापारी की करेंगे जो जिन्दगी भर अपने बच्चों के लिए सब कुछ करते रहे
00:07जब उनका अंतिम समय आया तो उनकी बेटियों के पास इतना भी समय नहीं था कि वो उनसे मिल सके
00:13वो व्यापारी 20 दिन तक इंतिजार करता रहा लेकिन
00:17बेटियां नहीं आई और उसने दुनिया से अलविदा कह दिया और वीडियो कॉल पर इस अंतिम संसकार को बेटियों ने
00:23अटेंग किया उनके पास समय नहीं था
00:29बेट बेट वाज़ इस तरवन बीस तरह कुछना आजाँ वाजो
00:55महराश्ट्र का बड़ा कपड़ा व्यापारी अपनी बेटियों से मिलने की चाहत में दुनिया से रुखसत हो गया
01:00लेकिन बेटियों के पास समय नहीं था कि अपने पिता से जाकर मिल सके
01:04किसी कवी ने लिखा है कि बेटा बेटी, रिष्टे नाते, महल अटारी रुपया पैसा सब यहीं छूट जाएगा
01:10अंतकाल में सिर्फ दो गज का कपड़ा ही रह जाएगा
01:14समाज और रिष्टों की बुनियाद हिला देने वाली ये घटना सोनी पत्की है
01:18जहांके वृध्धा श्रम में महाराष्टर के कपड़ा कारोबारी शिवाचरण गुपता रहते थे
01:24उनका कोई बेटा नहीं था, सिर्फ तीन बेटियां है जो अपनी लाइफ में सेट है
01:28वृध्धा श्रम में जब उनकी तबियत बिगडी तो उन्होंने अपनी बेटियों से मिलने की इच्छा जताई
01:33आश्रम संचालक ने बेटियों को फोन लगाया, लेकिन कोई भी उनसे मिलने नहीं आया
02:06श्रम संचाल पहले गुजरी थी, उसके बाद ये मिलने आश्रम मार रहती है
02:28में अस्थियां प्रवाहित कर दें
02:58को सवा तीन साड़े तीन बजए करीब डेट वी हिंगी, उसी टेम में ने दोनों बेटियों को प्रवाण किया, तो
03:05उन्होंने फिर भी ये का कि दूर इतनी है कि हम तुआ नहीं पाएंगे, आप इनका अंतिम संस्कार करा दो,
03:12मैंने का बेटा इन्होंने शरीड़दान के �
03:21अंतिम संस्कार करो तो हमें वीडियो पे दिखा देना वही आप इसके अंतिम संस्कार करें, शिव चरण गुपता एक समय
03:31पर बड़े कपड़ा व्यापारी होते थे, और पैसे भी बहुत कमाए थे, लेकिन ये पैसे उनके काम नहीं आ सके,
03:36और नहीं उनकी बेटियां उन्
03:41पवन कुमार, सोनिपत, आज तक
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