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  • 12 hours ago
कांवड़ यात्रा 2026: गोल्डन बाबा, बिच्छू बाबा और मां को कंधे पर ले जाने वाले बेटे की कहानी

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00:06धर्बनर्ग्री हरिद्वार से लेकर बिहार जारखन तक इन दिनों भगवा पहने कावड़िये चारों तरफ नजर आ रहे हैं।
00:30इस बार भगवान शिप को मनाने निकले भक्तों ने भक्ती की ऐसी तस्वीरे बना दी हैं जिने देखकर लोग अपनी
00:38आखों पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं।
01:00भारत की आस्था का सबसे रंगीन उत्सब बन जाती है।
01:04भारत में शायद ही कोई ऐसी पद यात्रा हो जहां हर कावड अपने साथ एक कहानी लेकर चलती हो।
01:11ये है भगवान शिब के वो भग जिन्होंने इस सावन कावर यात्रा को आस्था का सबसे रंगीन उत्सब बना दिया
01:21है।
01:21हरी द्वार से लेकर सुल्तान गर्स तक और देव घर से लेकर पूरे उत्तर भारत तक इस वक्त सिर्फ गंगा
01:29जलने बह रहा।
01:29बह रही है करोडों लोगों की आस्था। कहते हैं भगवान भोले नात को एक लोटा जल भी परसंद कर देता
01:37है।
01:37लेकिन जब भगती संकल्ब बन जाए तो कोई सैक्रो किलो मिटर पैदल चलता है तो कोई नंगे पैर कोई दौरते
01:45वे तो कोई अपनी पूरी जिंदगी की कहानी कावर में सब्मीट कर निकल पड़ता है।
01:51यही वज़े है कि कावर यात्रा सिर्फ भारत की सबसे बड़ी पद्यात्रा नहीं आस्था के सबसे खुबसूरत रंगों का उत्सब
02:00भी मानी जाती है।
02:01सबसे पहले मैं आपको मिलवाती हूँ गोल्डेन बाबा से। हर्याना के सोनी पत के रहने वाले रोहिश शर्मा ने भगवान
02:09शिप की प्रतिमा को गोल्ड प्लेटेड आवूशनों से ही सजा दिया।
02:13और खुद भी गोल्ड प्लेटेड जूर्री पहन कर कावर यात्रा पर निकल पड़े।
02:18उनका कहना है कि भोले नाथ ने कारूबार की मननत पूरी कर दी।
02:22तो इस बार भगवान को भी सूने जैसा शेंगार पहना कर जल चराएंगे।
02:27लेकिन हर भक्ती सोने से नहीं तौली जाती।
02:30सहारनपूर से चंदिगर जा रहा एक परिवार अपनी बुजर्ग मा को कावर में बठा कर करीब 260 किलोमेटर की यात्रा
02:38कर रहा है।
02:39कभी बेटा, कभी वहू तो कभी पोता।
02:42बारी बारी से मा को अपने कंदों पर उठा कर आगे बठतें ये कावर से जल नहीं सेवा, संसकार और
02:49श्रद्दा भी लेकर चल रही है।
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