00:06वहला वी जारीक कर सकता है पर इस मघृत्ता के साथ जीने का हमरा अपना से हमेशाम जारीक है
00:31जीवन की आखरी सांस तक उन सब की सेवा में अपने आपको समर्पित करता हूँ आप प्रत्यक्ष देखना उन सब
00:39के लिए ही जीऊंगा एक ही संदेश है और दुनिया की कोई भी गुरी नजर पहले मेरे पास आएगी उसके
00:46बात कारिकर्टा तक जाएगी
00:49कारिकर्टा के नाते भारती जन्ता पालिटी में अपने साधारन कारिकर्टा की भूम का हमेशा निभातार हूँगा आप तो मुझे आप
01:11समझे हमारे अपने जलाजदक्ष का ही पत्र जारी करा दिया
01:15मैंने सुभावी आप लोगों से निवेदन किया था मैं फिर निवेदन कर रहा हूँ
01:19मेडिया ये लोकतांत्रिक विवस्ता में बड़ा महत्तपूर उपक्ष है
01:23चोथा इस्तम इसलिए कहा गया है
01:25तीन इस्तम अगर दुर्भागे से भटकते हैं तो उन्स सब को दिशा देने का काम मीडिया करता है
01:30मेरा निवेदन है आप कभी कांग्रेस से पूछें कि विकास के नाम पर आप बड़ाताओं के बीच में क्यों नहीं
01:37जाते हैं
01:38इसका पत्र जारी कराना उसका वीडियो जारी कराना जाती के जहर घोल देने आखिर कब तक शडेंत की राजनीती पर
01:46कब तक और मुझे लगता है पर कुछ लोग टिम टिम आते रहते हैं
01:51लेकिन 80% हिस्से से कॉंग्रेस गायव होने के पीचे मूल कारण ही है कॉंग्रेस सडेंत की राजनीती करती है
01:58और जागरुक मद्दाता लगातार कॉंग्रेस को नकारता जा रहा है
02:09अब दको अलग अलग किरदार हैं सब के किरदार हैं मैं अभी केवल इतना कहूंगा कि सब को उनके किरदार
02:19मुबारक पर जो अभी सवाल किया आशुतोर्स
02:26कि शिकार करने की चीज़ लेकिन आपको यह सुन से पता दें कहिंने कर दो एक व्यक्ति के जीवन में
02:38कुछ व्यवहार इस्थायत के साथ आते हैं
02:42कि उन व्यवहारों को बहुत जल्दी किसी कारण से परवर्ति करना ये ठीक नहीं मानता मैं पर राजनीती का छेत्र
02:52है
02:53कहां मुझे क्या बात करनी चाहिए मैं उचित मंच पर ये बात रहूँ
03:03आप लोगों से मेरी ये अपिक्षा नहीं है मैंने पहले ही बोला है कि आशुतोस तिवारी भारती जिनता पाईटी के
03:10कारी करता के नाते मैं केवल एक व्यक्ति की बात नहीं कर रहा हूँ
03:13और तरहा कि आशुतोस क्या हैं पर भारती जिनता पाईटी के कारी करता आश्दोस हैं तो बहुत कोचे अधाश अब
03:34आज के दिन उनकी क्या भूमिका है वो तैकी थी तो वह अपनी भूमिका का निरुभवन कर रहे थी
03:53मुझे प्रत्यासी के नाते किस भूमिका का निर्वाहन करना
03:56मैं अपनी भूमिका का निर्वाहन कर रहा था
04:04दतिया के लिए मन्थन जैसा कुछ नहीं है
04:06देखो एक और आप लोगों से मेरी बिंती है
04:10बहुत बिनमरता के साथ है
04:12यह माई की नगरी है
04:15यहां बहुत ज्यादा चिंतन मन्थन व्यक्ति को माई की नगरी है
04:23केवल और केवल एक ही चिंतन करनी चाहिए
04:26कि माई जो चाहती हैं हमें वही करना
04:29अतरिक्त दिमाग लगाना दतिया की पवित्र नगरी पर एक घातक सिद्ध होता है
04:34ये शिद्ध होता रहेगा और ये आपकी ध्यान में है
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