Skip to playerSkip to main content
  • 2 days ago
कैंसर ने कबाड़ी वाले के बेटे को डॉक्टर बनने पर मजबूर किया

Category

🗞
News
Transcript
00:03कोटा के पास कैथून कस्बे के गोदलियाहीडी गांव के रहने वाले सागर रेगर की कहानी आज की युवा पीधी को
00:09प्रेरित करती है
00:10आर्थिक तंगी, सीमित संसाधन और संघर्षों के बीच पले बड़े सागर ने न सिर्फ डॉक्टर बनने का सपना देखा बलकि
00:15उसे सच करने की दिशा में बड़ी सफलता भी हासिल की
00:18उनकी इस सफलता के पीछे परिवार का संघर्ष, शिक्षा के प्रती अटूट विश्वास और समाज में बदलाव लाने का संकल्प
00:23छिपा है
00:23सागर रेगर ने नीट यूजी में 564 अंक प्राप्त कर 98.6296 परसेंटाइल हासिल की
00:37सागर बताते हैं कि उनका परिवार बड़ा है और अधिकांश सदस्य निरक्षड है
00:42शिक्षा और जागरूकता के अभाव में परिवार के कई लोग नशे की लटका शिकार है
00:46उनकी बुआ की बेटी को लंबे समय तक गुठखा खाने की वजह से कैंसर हो गया
00:49इस घटना ने उन्हें भीतर तक जगजोर दिया और तभी उन्होंने डॉक्टर बनने का संकल पलिया
00:53आपको बता दें कि सागर के पिता मुरली रेगर घर घर जाकर कबाड एकत्रित करते हैं
00:57और उसी से पूरे परिवार का पालन पोशन करते हैं
Comments

Recommended