00:01करनाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिध्धा रमया ने 2028 विधाल सभा चुनाव नहीं ललने का एलान करके सियासी कर्यारों में संसनी
00:10फैला दी है
00:11मंडिया में एक कारेकरम के दोरान सिध्धा रमया ने राजनीती भष्ट होने और अपनी बढ़ती उम्र का हवाला देते हुए
00:18सन्यास का एलान कर दिया
00:19हाला कि उन्होंने साफ किया कि वो सक्रिय राजनीती में बने रहेंगे और जनता के मुद्दे उठाते रहेंगे
00:25सिध्धा रमया ने एक लंबे चोड़े एक्स पोस्ट के जरीए अपने फैसले की जानकारी दी
00:30चूकि आज राजनीतिक शेत्र भष्ट हो चुका है इसलिए मैं दोहजार अटाइस के विधाल सभाद चुनावों में चुनाव नहीं लड़ूँगा
00:37आला के राजनीती में सक्रिय रहते हुए मैं लोगों के सुख दुख और उनकी कठिनाईयों के लिए एक आवाज के
00:43रूप में खड़ा रहना जारी रखूंगा
00:45वरुना निर्वाचन क्षेत्र के लोग मुझे एक बार फिर चुनाव लड़ने के लिए मजबूर कर रहे हैं लेकिन मैंने ये
00:51फैसला कर लिया है कि मुझे अब से किसी भी चुनाव में नहीं उतनना चाहिए
00:55अतीत में जब मैंने चुनाव लड़ा था तो निर्वाचन क्षेत्र के लोगों ने ही हमें पैसे दिये थे और हमारी
01:02जीत सुनिश्चित की थी लेकिन आज वैसी इस्थती अब नहीं रही
01:06अपनी उम्र का हवाला देते हुए सिध्धा रमय्या ने कहा कि मैं अब 89 वर्ष का हूँ हमारी सरकार के
01:13कारेकाल में अभी देड़ साल बाकी है तब तक मैं 81 से 82 वर्ष का हो जाऊंगा मेरा स्वास्थे अब
01:19उतना मजबूत नहीं है जितना पहले हुआ करता था अब पहले जै
01:3578 में एक तालुक बोर्ड सदस्यक रूप में शुरू की थी मैंने हार और जीत दोनों देखी है लेगिन मुझे
01:42इस बात का संतोश है कि मैंने उन सिध्धान्तों के खिलाफ काम नहीं किया जिन पर मैंने विश्वास किया और
01:49नहीं अपनी अंतरात्मा को धोखा दिया
01:53सिध्धारमया ने भरष्ट राजनीती पर भी सवाल उठाए उन्होंने कहा कि वह समय आ गया है जहां यदि हम चुनाव
02:00लड़ते हैं तो हमें लोगों को पैसे देने होंगे
02:02आज की राजनीती पूरी तरह से भरष्ट हो चुकी है इमानदार राजनीती का कोई वजूद नहीं दिखता इस प्रष्ट भूमी
02:10में मैं भविश्य के चुनाव न लड़ने के फैसले पर पहुँचा हूँ
02:13पांच दशकों से राज्य के लोगों ने मुझे अपने बीच का एक हिस्सा माना है और स्नेह पूर्वक मेरा मार्क
02:20तर्षन किया है
02:21ये कर्ज मुझ पर भारी है इसलिए मेरा भविश्य का जीवन भी जनसेवा को समर्पित रहेगा
02:29सिध्धारमया का ये एलान ऐसे समय में आया है जब करनाटक में कॉंग्रेस मंत्री मंदल विस्तार को लेकर मंथन चल
02:36रहा है
02:36करीब 20 मंत्री पदों के लिए 60 से अधिक विधायक दाविदार बताया जा रहे है
02:41कॉंग्रेस नेत्रत्व नई दिल्ली में मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार, सिध्धारमया, मलिक आरजुन खडगे और राहूल गांधी के साथ बैठक करके
02:50अंतिम फैसला ले सकता है
02:52ऐसे में सिध्धारमया के चुनाव नलने के एलान को राज्य की भविष्य की नेत्रत्व राजनीती और सत्ता संतुलन से जोड़
03:00कर देखा जा रहा है
03:02सिध्धारमया के बयान के बाद करनाटक की राजनीत में नई बहस शुरू हो गई है
03:06कॉंग्रेस इसे उनका व्यक्तिकत फैसला बता रही है जबके बीजेपी ने सिध्धारमया के बयान को लेकर कॉंग्रेस पर तीखा हमला
03:15बोला है
03:15क्या राहुल गांधी जी अपने भरष्टाचार को कबुजागर करेंगे
03:25सिध्धारमया ने सिधा आप प्यारोप लगाया है
03:30अभी तक आपने विदेश यात्रा का खर्चा नहीं बताया है
03:37कांग्रेस भरष्टाचार की गंगोत्री है
03:46कांग्रेस के सब बड़े लीडर धीरे धीरे छोड़ के जा रहे
03:49इसलिए कि उनको जो मान समान जो रिस्पेक्ट जो विजिबिलिटी कुछ नहीं मिलती
03:55इसलिए कि सब कुछ राहुल गांधी और परिवार है
03:58इसलिए लोग दुखी है और धीरे धीरे करके अपना रुख और मुह दोनों मोड़ रहे हैं
04:03कि हमारे वो गारजियन हैं और उन्होंने एक बहुत बड़ा पहचान करनाटक में लोगों के बीच में एक छाप छोड़ा
04:12है
04:12और आज भी हम उनसे सीखते हैं कॉंग्रेस पार्टी के जितने भी जुआ वरग हैं उनके पीछे वड़ा पिढ़ी है
04:18वो सब लोग हम लोग उनसे सीखते हैं और वो हमारे गारजियन हैं उनका जो भी इक्छा होगा जो भी
04:25उनका मन का बात होगा
04:49that would be a huge loss for not just the party but also for the country and the state
04:55because people like leaders like Sidharamaya are very rare very rare he is a very very valuable asset for our
05:03party and for the state and for the country
05:06BK Shiv Kumar के साथ लंबे समय तक चले सथा संगर्ष के बाद Sidharamaya ने इसी साल 28 मई को
05:14मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था
05:16और 29 मई को राज्यपाल ने उसे मनजूर कर लिया था अब करीब दो महीने बाद उन्होंने
05:212028 का विधान सभा चुनाव नहीं लडने का एलान कर दिया है
05:26ऐसे में उनके इस फैसले ने करनाटक में कॉंग्रेस के भविश्य के नेत्रतु को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है
05:33वहीं राजनीति के भष्ट होने और चुनाव लडने के लिए पैसे खर्च करने की उनकी टिपणी ने कॉंग्रेस समेत पूरे
05:41राजनीतिक तंत्र पर भी कई सवाल खड़े कर दिये है
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