00:16।
00:17तब सीवान के तीर बलवा गाउं का नक्षा पूरी तरह बदल जाता है। चारों तरफ सिर्फ पानी नजर आता है।
00:26सडकें गायब हो जाती है। लेकिन यहां के लोगों की जिंदगी नहीं रुकती। क्योंकि हर आंगन में एक नाव खड़ी
00:35रहती है। जो संकट के समय जी�
00:47पकर दी हो। मविश्यों के लिए चारा लाना हो या फिर बाढ़ के दौरान सुरक्षित जगह तक पहुचना हो। हर
00:56काम नाव के सहारे ही होता है।
01:27सबसे दिलचस्त बात यह है कि यहां नाव चलाना सिर्फ पुरुषों तक सिमित नहीं है। महिलाएं, युबतियां, यहां तक की
01:35छोटे छोटे बच्चे भी नाव चलाने में पूरी तरह माहिर है।
01:40गाओं के बज़ुर्ग बच्चपन से ही बच्चों को नाव चलाना सिखाते हैं।
02:20तीर बलवा की एक और खास पहचान है। यहां लोग अपनी नाव खुद बनाते हैं।
02:27करीब 25 से 30 हजार रुपए की लागत से तयार होने वाली नावें इस्थानिये जरुवतों के मताबिक बनाई जाती है।
02:55यही कारण है कि आज तक गाउवाले बार को लेकर सरकार पर निरभर नहीं रहते।
03:01खुद ही रहत और बचाव कारिक करते हैं और एक दूसरे को सहारा देकर मुश्किल वक्त साथ काड़ते हैं।
03:10नदी में जलस्तर बढ़ने लगा है। एक बार फिर तीर बलवा गाउं बार से दो-दो हाथ करने को तयार
03:18खड़ा है।
03:22सिवान से ETV भारत के लिए इम्रोव सालम की रिपोर्ट।
03:27झाल प्ड़ियो नदी तेनो 5 तीर उम्रोव सालम की रिदफैोर्ट।
03:35झाल
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