00:00जंतर मंतर पर इन दिनों सिर्फ एक आंदोलन नहीं चल रहा बलकि एक नई पीड़ी अपनी भाशा अपने तोड़ तरीकों
00:08और अपने विरोध के नए तरीके के साथ लोगतंत्र के सबसे पुराने औजार परदर्शन को नए अंदाज में परदर्शित कर
00:17रही है डिजिटल क
00:19आंती के दौर में पली बढ़ी नई पीड़ी यानि जंजी जब सड़कों पर उतरती है तो आंदोलन का धर्रा बदल
00:27जाता है वो धर्रा दिख रहा है जब आपको नौट प्लेस इस तर्ट जंतरमंतर पर कदम रखते हैं तो आपको
00:34एहसास होता है कि यह पारंपरिक दौर क
00:49किसी से ड़ते हैं अपनी बात रखते हैं और सीना चौड़ा करके चलते हैं यह आंदोलन भी इलग है यहां
00:57कोई बड़ा नेता नहीं है कोई राजनितिक पार्टी का जंड़ा नहीं है फिर भी हजारों युवा दिली के जंतरमंतर पर
01:03डटे हैं यह वो पीड़ी है जिसकी �
01:06अक्सर री वाली या ओटिटी वाली जंजी कहकर हलके में लिया जाता है लेकिन जब यही जंजी सड़क पर उतरती
01:15है तो आंदोलन का तरीका ही बदल जाता है और सिस्टम के सामने सवाल भी आखिर जंतरमंतर पर क्या बदल
01:23रहा है जंतरमंतर पर पहुंसते ही जो चीज मौ
01:36वीडियोज और रील्स जिसमें आपको पता चलेगा कि इसमें आये थे महरास्ट, पंजाब, मध्यपरदेश, राजस्थान, यूपी, बियार, कोई ऐसा राज
01:46नहीं था जहांके युवा यहां पे मौजूद नहीं थे, तेशवर्ट से आये युवा यहां परदर्शन कर रहे
02:06अगर आप नहां जाएंगे, तो कई बार सब कुछ बेहत व्यवस्थित दिखाई देता है, लेकिन एक बात साफ है, इस
02:12भीर को कंट्रोल करना अब ना पुलिस के वस में रहा है और ना ही सरकार के, ना ही छात्र
02:19परतिनिदियों के लिए क्योंकि जिंजी किसी व्यक्ती को न
02:35सोशल मीडिया, परपली, बड़ी, एफिरी कम शब्दों में बड़ा संदेश देती है, इमोजी से आसो गहाती है, लेकिन वह आसो
02:44नहीं होते, वह लोट पोट हो रहे होते हैं, उनके पोस्टर, उनके इंस्टागाम स्टोरी के तरह हैं छोटे, तेज और
02:51सीधे दिल पर अस
02:52करने बाले.
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