00:00मेरे प्यारे चात्रों नमस्ते
00:04एक दो दिन पहले आपके प्रधर्शन की तस्वीर ने देखकर
00:08मन व्याकुल भी हो और दुखी भी
00:12किसी भी चात्र को अपनी बात कहने के लिए
00:14ऐसी परिस्थितियों से नहीं गुजरना चाहिए
00:19मैं भी कभी चात्र था
00:21मैंने भी सपने देखे सवाल पूछे
00:24विवस्था से अहसमती जताई
00:28आज भी मेरे संस्तान में सैंकडों विद्यारती है
00:32इसलिए मैं आपकी बेचैनी आपका गुसा
00:36और आपकी उमिदें तिनों को समझ सकता हूँ
00:42मेरी नजर में चात्र आंदुलन समाज की सबसे सच्ची आवाज होती है
00:48उनमें कोई स्वार्थ नहीं होता
00:50उनमें उनने बस अपनी भविश्य की चिंता होती है
00:54अपने अधिकारों की बात होती है
00:57और देश को बेटर बनाने का सपना भी होता है
01:00उसलिए मैं दिल से आपके साथ हूँ
01:08लेकिन एक बात और मैं आपसे बड़े भाई की तरह कहना चाहता हूँ
01:14जब आपके आंदोलन में बाहर के लोग घुसने लगते हैं
01:22राजनेतिक अफसरवादी हर आंदोलन में अपनी मौजूदगी दर्च ख़़ाने वाले लोग
01:30जिनका मकसद आपका मुद्दध नहीं बलकि अपना एजन्डा होता है तब साबधान हो जाईए
01:41शुरू में आपको लगेगा कि जितने ज्यादा लोग जुड़ेंगे आपकी ताकत उतनी बड़ेगी
01:50लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता
01:56बहुत बार वही लोग आपकी सबसे बड़ी ताकत को आपकी सबसे बड़ी कमदूरी बना देते हैं
02:05वो आपकी आवाज नहीं बनते वो आपकी आवाज का इस्तिमाल करने लगते है
02:15वो आपके दर्द को मेसूस करने नहीं आते
02:20वो आपके दर्द पर अपनी राजनीती की इमारत खड़ी करने आते हैं
02:28धीरे धीरे मुद्दा आपका नहीं रह जाता
02:34कैमरे उनके हो जाते हैं
02:36नारे उनके हो जाते हैं
02:38मकसद उनका हो जाता है
02:41और शायद मुकसान आपका
02:45आपकी सच्चाई पीछे छूड़ जाती है
02:49आपकी लड़ाई आपकी ही रहनी चाहिए
02:54उसे किसी और के एज़न्डे का मंच्बत बनने दीजिए
03:00लोग तंतर में सवाल पूछना आपका अदिकार है
03:06परदर्शन करना आपका अदिकार है
03:09अपनी बात मजबूती से क्याना आपका अदिकार है
03:14लेकिन उतनी वड़ी जिम्मेदारी ये भी है
03:17कि आपकी आवाज पर किसी और का कफ़ा ना हो
03:24याद रखिए
03:26छात्र किसी भी देश की सबसे बड़ी पूंजी होते है
03:31आपकी उर्जा, आपकी मानदारी, आपका अदर्श्वाद ही आपकी असली ताकत है
03:39उसे किसी के हाथ का आज़ार मत बनने दीजे
03:44मैं आपके साथ हूँ, आज भी, कल भी
03:49मैं चाहता हूँ कि आप निडर होकर अपनी बात कहें
03:55लेकिन अपनी शर्टों पर, अपने विवेक से, अपने आत्मसम्मान के साथ
04:04इश्वर आपको स्वस्त रखे, सुरक्षित रखे
04:07और हमेशा सच के साथ खड़े रहने का सास दे
04:15नमस्ते, जैंद
Comments