00:00कौकरोज जन्ता पार्टी के उस प्रोटेस से जो की सुमवार के दिन पूरे देश में हेड्लाइंस बरकर सामने आया मंगलवार
00:06उससे कुछ अलग नहीं था लेकिन इस बार फोकस शिफ्ट हो गया प्रधान मंत्री नरेदर मोदी के निवास्तान के ठीक
00:10बाहर जहाँ पर कॉं
00:28क्या पहले ही जो दवाव सरकार पर था अभीजीत दिप के सोनम वांग्चुक के प्रोटेस को लेकर उससे जादा आप
00:34जब कॉंग्रेस के साथ ऐसा किया जा रहा है क्या बीजेपी के लिए उसकी ताबूत में ये आखरी कील हो
00:39सकता है
00:39बिल्कुल पंकज कॉक्रोट जनता पार्डी का पर दरसन पिछले एक महीने से चल रहा है बीस दिन से सोनम वांग्चुक
00:46और उनके कई साथियों का अंसन भी चल रहा था लेकिन पिछले 24 घंटे में ऐसा क्या हुआ है कि
00:50सरकार थोड़ी सी बैक पुट पर भी नजर आ रही ह
00:53और ऑपोजिशन भी एक्टिव है ऑपोजिशन वही कल से सारा ऑपोजिशन एक्टिव हो गया तीस दिनों से जो आंदोलन चल
00:59रहा था उसमें एंटरी होती है डिमपल यादव की अखलेश यादव की धरमेंदरी यादव की वरिंदा करात की उसमें एंटरी
01:05होती है और जो �
01:07एक consolidated opposition इस समय है, minus Congress,
01:11हलांकि Congress के भी कुछ leader गए थे उस protest में,
01:14लेकिन कल की जो घटना है, अचानक से एक साथ सारे opposition को activate कर देती है,
01:21और जो opposition activate कल होती है, उसमें और आज उफान आ जाता है,
01:26जब इस पूरे protest को lead करते हैं, राहूल गांधी,
01:29और cjp की demand होती है धर्मिन्द प्रधान का इस्तिफा,
01:32इनकी मांग है accountability और प्रधान मंत्री का इस्तिफा,
01:37तो सरकार दवाब तो जरूर महसूस कर रहे हैं,
01:39और सवाल है कि राहूल गांधी को पहली बार मारसल लगा के सदन से बाहर नहीं कर वायागा,
01:44पहले राहूल गांधी के साथ ऐसा होता रहा है,
01:46लेकिन इस वार जिस तरह से बल प्रयोग किया गया है,
01:49और जो मुद्दा है, ये एक ऐसा issue है,
01:52जिस पर देश भर के युवा consolidate हो सकते हैं,
01:57भारतिये जनता पार्टी को ये खत्रे की गंटी जरूर लग रही होगी,
01:59ये लग रही होगी, और तभी शायद इस तरह के action लिया जारा है,
02:02लेकिन ये knee-jerk reaction निकनी, क्योंकि राहूल गांधी के साथ अखिलेश यादब भी मौजूद थे,
02:15उन्हें भी दिल्ली पुलेस उठा कर लेगी है, जो तस्वीर हैं आप भी स्ट्रीन पर देख रहे हैं,
02:23वो सीधा बया कर रहे हैं कि स्थिती वहां पर कैसी थी,
02:26कि नीट पेपर लीक को लेकर ही, वो देश भर में यात्राएं करेंगे, आंदोलन चलाएंगे,
02:30और उन्होंने गूंज नामक अभियान की केम्पेंट की शुरुवात भी किती उत्राघंट से,
02:34तो अपोजिसन के बड़े लीडर है राहूल गांधी, ये लोग सभा में प्रक्षिनेता है,
02:38उनका अपना अजेंडा है, उनके अपने कारेकरम है,
02:42सीजेपी आई इस प्रोटेस्ट को उन्होंने फ्यूवेल जरूर किया,
02:45लेकिन राहूल गांधी ने पहले से कहा था कि ये आंदोलन करेंगे,
02:48राहूल गांधी अपने राफ्ते पर बढ़ रहे थे,
02:50हाँ ये जरूर है कि सीजेपी ने इस पूरे मुव्मेंट को,
02:54इस पूरे कैम्पेन को पॉपुलराइज जरूर किया है,
02:57जो कांग्रेस की विचाल हारा सहमती नहीं भी रखते हैं,
03:00जो कांग्रेस के फॉलोवर और सिंपेथाइजर नहीं है,
03:03अभीजीत दीपकेया और उनके समर्थ को ने ये बात देश के कोने-कोने में पहुंचा जरूर दिया,
03:08और उसका मुझाहिरा हम कल देख चुके हैं, जब जंतर मंतर से इनका काफिला चला था,
03:13पार्लियमेंट की तरब तो वो क्या दृष्य था,
03:16कि मतलब जो हम आजादी के समय में, जो जापरकास नाराइन के अंदोलन के समय में,
03:21और कुछ हद तक अना के अंदोलन में भी 2011 में देखा था,
03:25वही द्रिश्ट कल दिल्ली की सरकों पर था,
03:27और उसका आज उत्सा में दिखाई दिया है राहूल गांधी के कैम्पेन में,
03:30यह तस्वीरें इखास करके केशब मैं कहूंगा,
03:32जिस तरह से राहूल गांधी जमीन पर लेटे हुए हैं,
03:34अपने ट्रेडमार्क सफेड टी-शिर्ट और खाकी रंग की पैंट्स में,
03:37और देखे किस तरह से जमीन पर लेटे हुए हैं,
03:53समाज़ादी पार्टी हमने डिंपल यादव को देखा था,
03:55हमने श्रवानाजबी को भी देखा,
03:56और अब राहूल गांधी जब इसमें जुड़ते हैं,
03:58तब उनके साथ इस तरह से होता है,
04:00मुझे लगता है कहीं न कहीं,
04:01इसको सरकार जिस तरह से हैंडल करना चाहिए थी,
04:04वो सुरक्षा के तर्श्रकोन से ज़रूर कह रही है,
04:06लेकिन अगर वो प्रोटेश शांति पूर्ण है,
04:08वापर किसी तरह के लठबाजी, पत्थरबाजी नहीं हो रही है,
04:11तो इसको हैंडल करने का तरीका क्या होना चाहिए?
04:13बिल्कुल पंकत जो आप कह रहे हैं,
04:14मैं तो ये कहना चाहूंगा कि वो राहूल गांधी नहीं है,
04:17वो विपक्ष का चेहरा है,
04:19और विपक्ष नहीं, दरसल मैं तो कहूंगा,
04:21इस वक्त धर्ती पर गिड़ा हुआ भारत का लोक तंत्र है,
04:24जिसे एक सरकार जिसके पास तमाम संसाधन है,
04:29उसको मैं हैंडल कर रही है,
04:30उसको बलपुरवक्त नियंत्रिट करने की कोशिस कर रही है,
04:33इस सरकार की सबसे बड़ी कमजोडी मैं कहता हूँ,
04:36और इस सरकार की नहीं, तमाम सरकारे जो रही है,
04:38सब्ता की सबसे बड़ी दुर्वलता होती है,
04:40समवाद नहीं करने की प्रविर्ती,
04:42आखिर एक महीने से कौकरोच का अंदोलन चल रहा है,
04:45क्यों नहीं बात की गई,
04:46राहूल गांदी जब यह मुद्दे उठा रहा है,
04:47क्यों नहीं बात की गई,
04:48और आज की बात देखिए,
04:49पंकज पार्लियमेंट में प्रधान मंत्री क्या बोलते हैं,
04:52ये एक राष्ट्रिये चिंता है,
04:53नीट पेपर लीक एक राष्ट्रिये चिंता है,
04:55भाई ये सरकार है या क्या है,
04:57वो कैसे हैं कि युवाओं को भड़काओं नहीं,
04:59अगर युवाओं के अधिकारों की बात करना,
05:02अगर युवाओं खुद अपने अधिकारों की मांग करना तो उसको भड़काना कहा जाएगा,
05:08पर ना किया है सब से पहले सरकार को सुनीशित करने चाहिए
05:13पर जिए अपर कहनी करें दूसरी बात मैं जो बात यहां पर कहना गोडाया
05:30हें पर कोई कोबिड आए对 एilly जनतानी पटले नोट वंदी जनतानी प्टलेद में
05:36पठले जो भी मुश्कीले आई सम्में जनता नि पठले नीट का पेपर लिख हो जनता नहीं पठले हाँ प्रेस कॉंफरस
05:42में कहा था धा कि हमें मीडिया से सही हो जबकि मीडिया के त्रूई उन्हें पता से ला थाथग यह
05:47पेपर लिख वा है दो चीज़ों पर आपका ध्या
06:01और बस में ठूच दिया गया फिर उन्होंने अपनी मांगे रखे हैं उससे पहले प्रियंगा गांधी ने वहाँ पर जब
06:06गिरफसारी के समय उन्होंने कहा तब मोधी गवर्मेंट is cowardly डर्पोक सरकार है वो डरी हुई है और लेकिन हम
06:11उससे नहीं डरते हैं कॉंग्रेस महासर
06:26करीब डियर सालों तक चला था और साथ सो के आसपास लोगों की जाने गई थी लेकिन उसमें किसी भी
06:32मृतक के घर में प्रधान मंत्री या प्रधान मंत्री के कैबिनेट का यहां तक की बीजेपी का कोई बड़ा ओहदेदार
06:38वक्ती नहीं गया था आज देखिए एजेपी �
06:41नडड़ा जाते है रामानोर लोहिया हॉस्पीटल में जो कल के प्रधरशन में घायल हुए हैं उनको देखने उनसे मिलने तो
06:49आखिर सरकार की तो इस बार चूले हिली जरूर है और इस बार ऐसा मुद्दा किसानों का जो मुद्दा था
06:55एक बड़ा मुद्दा था और आखि
07:09भारत में हर घर में युवा है हर घर में चात्र है इसी लिए सरकार ये समझ रही है कि
07:14शायद इस बार निशाना सही जगह लगा है विपक्च का और सरकार से एक के बाद एक चूक होती रही
07:21है आप देखिए धर्मेंदर प्रधान इस मोधी कैबिनेट में मैं तो कहूंगा कि
07:26सबसे विवादित मंत्रियों में से एक रहे हैं इससे पहले युजीसी वाले में भदपिट वाली जब पिछली बार नीट पेपर
07:32लिख हुआ तो यही सामने आकर कहे थे कि यह आखरी गलती है और सायद उनका आखरी होई यह सितम
07:38हर सितम हम सोच कर यह सहगे हर बार चंता ठ
07:56इश्वास जताया है अब इसका समाधान कौन करेगा अगर यह जो नीट पेपर लिख का मामला है पहले ही इस
08:02पर कारवाई हो गई होती तो यह पुरा प्रोटेस्ट नहीं होता सरकार को यह मौका आमिन विपक्ष को यह मौका
08:08नहीं मिलता सरकार हिलाने का अब आप समझे पं
08:25हैं उनको एक मां की ममता के साथ आसरे देती हैं ये उत्तर प्रदेश के आगामी चुनाव का संखनाध है
08:34और वही ये घड़ी थी जिसने इस सरकार को सोचने पर मजबूर किया और फिर आनन फानन में जेपी नड़ा
08:42से बाचित की तैयारी कराई गई
08:44चलिए ठीक है हम आपको दर्जोंगों को बता दें राहूल गांधी जब जमीन पर लेटे हुए थे तब भी मीडिया
08:50उनसे बातचीत करी थी मीडिया के माइक्स उसके मुह से उनके मुह से हटाए जा रहे थे उसको भी लेकर
08:55कॉंग्रेस ने ट्वीट किया है उस वीडियो को स
08:56साथ ही साथ एक बहुत ही पाउरफुल विज्वल के साथ जहां पर दिल्ली पुलिस के आठ से दस कर्मचारी राहूल
09:01गांधी को अपने जबरदस्ती उठाय हुए है पूरी तरह हवा में उठाय हुआ है उसको लेकर कॉंग्रेस ने ट्वीट किया
09:08है अंडर मोधी डिमोक्र
09:22को कैसे दबा रही है या इसको क्यों मान नहीं रही है पॉइंट यह है कि अगर डिमोक्रेसी में जहां
09:27पर खुर्म प्रतानमंत्री मोधी भी कहते हैं कि हम इस पर चर्चा करनी चाहिए बहस करनी चाहिए अगर उसका स्कोप
09:32है तो फिर इस तरह का जबरन लाठी चार्ज और
09:52कि इस पूरे प्रोटेस्ट को अगर हम डियो वन से कवर कर रहे हैं तो आप हम और हमारे कई
09:57सारे सहयोगी जाते रहे हैं जिस तरह से इस मुद्य को उठाया जाना चाहिए था जंता की आवाज बननी चाहिए
10:04मीडिया शुरुवात में थोड़ा पीछे था लेकिन जैसे जैस
10:21और सपस्ट कहता हूं कि यहां पर भी दो गुट बने हुए हैं लोग एक तरफ सरकार के स्टेंट को
10:25तरह तरह से जस्टिफाई करने की कोशिश करते हैं अब प्रोटेस्ट के क्रेडिबिलिटी पर सवाल उठाते हैं और राइकली सो
10:31वो उनका हो सकता हूं की एडिटोरियल �
10:47में होता है सवाल यह है कि वो मीडिया कर्मी खास करके जो कि जेफरी एपस्टीन जैसे कॉन्विक्टेड पीडोफाइल को
10:54अगर वो कहते हैं कि वो बिजनसमेन है और वो फिर बाद में ऐसी तस्वीरें डालते हैं जहां पर स्टूडेंट्स
11:00पुलिस द्वारा फेके गए प
11:14देश की प्रॉपर्टी को तोड़ रहे हैं कि आपको पत्रकार्टा यहीं नजर आती है आप सवाल क्यों नहीं कर पाते
11:19हैं कि क्यों यह ऐसी स्थिटी आई उसमें तो यहां पर भी फिल्टर्ड अप्रोच में भी फिल्टर एडड किया गया
11:26है जी आप देखें एक आप में
11:41की वधता है देखें कि किस तरह से सब कुछ प्लान किया है एक विज्युल तेयार करने के लिए जिससे
11:47लगे कि छात्रों ने युवाओं ने सरकारी संपत्रिक को नुकसान पहुँचाया गया है
11:52दरसल वो सब कुछ planted दिख रहा है दिख रहा है वहां पर की planted है पुलिस को देखा जा
11:58सकता है कई फ्रेम्स में कि किस तरह से जबकि इस आंदोलन के शुरुवात से लोग कहें पुलिस के ध्यरे
12:04की काफी तारीफ भी कर रहे थे फिर अचानक से क्या बदल जाता है क्या आगा को
12:10पुलिस तो ध्यरे जो वहां दिखा रही थी हम लोग वहां पर उस प्रोटेस साइट पर थे पुलिस वहां पर
12:13बैठी रहती थी किसे पतर का कोई एक्शन नहीं लिया गया पहले बीस पच्चिस तीस दिन बीस जुलाई के पहले
12:18से वो crackdown शुरुआ जब वहां पर जो प्रो
12:38तो इसको कमाड नहीं आता है क्योंकि वही उनके सुर्वेदार मालिक भी है इस चीज़ को ध्यान में रखते हुए
12:45दिल्ली पुलिस को इसले इस तरह का और है कभी कवार होता था अभी जी दिपके कहते थे कि देखी
12:49दिल्ली पुलिस हमारे साथ सपोर्ट कर रही है उनके ब
13:07बहुत रिस्क पे बोल रहा हूँ कि पुलिस को भी पत्थर फेकते हुए कुछ फ्रेम्स में देखा गया है अकि
13:12यह कौन सा लोग की तंद्र है जिसमें लोग की मर्यादा का भी हमें ध्यान नहीं है पुलिस पत्थर फेक
13:19रही है अब पुलिस तो कहेगी कि हमारे उपर पत्
13:34सब्टी विकार भी रख दी जाती है कि चात्रों ने उपद्रब किया है सरकारी संपत्ति को नुक्सान पहुंचाया है बलकि
13:41हम लोग डे वन से यह देखते आ रहे हैं कि देश का जंजी बहुत सतर्क है वह आंदोलन की
13:49निष्ठा को समझता है आंदोलन की गरिमा को समझता ह
13:53है जैसे हमारे परोशी देशों में हुआ सरकारी संपत्ति को नुक्सान पहुंचाया गया आंदोलन अक्रामक हो गया लेकिन इहां तक
14:00कल हमने देखा दिल्ली की सरकों पर जुंड के जुंड लोग चल रहे हैं लेकिन किसी ने एक पेड़ की
14:06डाली तक तोड़ने का कोई यत
14:08नहीं किया बारिश हो रहे थी कुछ लोगों के सर पेचाता था कुछ लोग बारिश में भीगते हुए चल रहे
14:13थे किसी ने सोचा भी नहीं कि किसी के दुकान या फिर किसी के मकान से कोई चीज खीच लिया
14:20जाए पुलिस वालों से कोई बलप्रियोग किया जाए धक्कामु
14:38जो इमर्जेंसी में जेल में बंद थे जो इमर्जेंसी के दौरान ऐसी यातनाओं के शिकार हुए थे और उसका प्रतिरोध
14:46करते हुए आगे आये थे और उस समय की जो सत्ता थी उसकी जड़े हिला दी थी और जब आप
14:53सरकार में आते हैं फिर वही सारी चीज़े रिपीट कर
14:56रहे हैं अगर ये कहा जाए कि क्या देश में अगोशित इमर्जेंसी है तो मुझे नहीं लगता है कि बहुत
15:02बढ़ा आतिशोक्ती हो गया चलिए अगोशित इमर्जेंसी है और कॉंग्रेस का ये दावा कि प्रधान मंतरी मोधी कॉंग्रेस से डरते
15:08हैं प्रधान मंतरी मो�
15:22सभी आपके सामने लेकर आएंगे
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