केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के सीनियर अफसरों के साथ बैठक कर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की. दक्षिण कोलकाता में हुई इस बैठक में राज्य के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल और डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता सहित कई सीनियर अफसर शामिल हुए. ये बैठक पश्चिम बंगाल लोक सुरक्षा एवं असामाजिक गतिविधि नियंत्रण अधिनियम पारित होने के कुछ सप्ताह बाद हुई है. इस कड़े कानून के तहत संगठित अपराध, जबरन वसूली, अवैध खनन, साइबर अपराध के अलावा लोक व्यवस्था भंग करने जैसी गतिविधियों से निपटने के लिए राज्य सरकार को व्यापक अधिकार दिए गए हैं. शाह की ये बैठक इसीलिए भी अहम है क्योंकि राज्य में घुसपैठ एक बड़ी समस्या बनी हुई है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान ये मुद्दा जोर-शोर के उठा था. अब जब बंगाल में बीजेपी की सरकार है, वैसे में डबल इंजन की सरकार इस मुद्दे पर कोई समझौता करने के मूड में नहीं है. पश्चिम बंगाल का बांग्लादेश के साथ 2 हजार 217 किलोमीटर लंबी सीमा है. साथ ही, राज्य की सीमा नेपाल और भूटान से भी मिलती है. बांग्लादेश से होने वाले घुसपैठ को लेकर सरकार चिंतित है और उसे हर हाल में खत्म करना चाहती है.
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