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Sonam Wangchuk के साथ Safdarjung Hospital में क्या हुआ? Delhi Police पर उठे गंभीर सवाल! जानिए आखिर क्यों 24 घंटे के अंदर सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को तोड़ने के लिए पुलिस पर बेदर्दी और क्रूरता के आरोप लग रहे हैं।

Climate activist Sonam Wangchuk, who has been leading a protest for Ladakh's constitutional safeguards, has allegedly faced harsh treatment at Delhi's Safdarjung Hospital. Reports suggest that Delhi Police and authorities are taking stringent measures over the last 24 hours to break his ongoing hunger strike. Watch the full report to know the ground reality of the Ladakh protest and Delhi Police's action.

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Transcript
00:00मेरी हालत कुछ ऐसी भी नहीं है कि मैं दो-चार दिन में मर जाओं।
00:05बड़े बुजर्ग नेतागन आकर मुझे कोई प्यार से कोई गुस्से में बोल रहे हैं।
00:12और कुछ ने तो अदालत से अपील की है कि सरकार मुझे जबरदस्ती आना के लिए।
00:20तो 20 जुलाई को बहुत से सामसदों के साथ आप सब आईए अजारों की संक्या में।
00:2818 जुलाई 2026 दिन शनिवार जंतरमंतर पर वो कुछ हुआ जिसने एक बार फिर देश के लोगतंतर को सवाल ये
00:36केरे में डाल दिया।
00:37रिपक्ष लगातार सवाल पूछ रहा है, सीजेपी प्रोटेस्टर सवाल पूछ रहे हैं, सवाल पूछ रहे हैं वो बच्चे जिन्होंने नीट
00:44पेपर लीग का दर्द छेला।
00:46आखिर क्यों सोनम वांग्चुक को उनके शांती पून अंशन से जबरन उठाकार हॉस्पितल में भरती कराया गया, सवदर जंग ले
00:53जाया गया।
00:54सोनम वांग्चुक ने खुद इस मामले पर टपणी की हैं, उन्होंने बड़ा दावागरती हुए कहा कि उनकी इच्छा के विरुद्ध
01:00उन्हें अस्पताल में रखा गया है।
01:24नहीं दिया गया है। उनके नारूप के बाद अब सवाल तीज है कि आखिर अस्पताल के भीतर उनके साथ को
01:30क्या रहा है और अब वे पूरे घटना करम पर आखिर कैसे नज़र रख पा रही हैं, इस प्रोटेस्ट को
01:36आंधूलन को कैसे देख रही हैं।
01:54नहीं दी गई। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कई बार सपर्ष्ट किया कि यदि स्वास्ते संबंधी जाच पूरी हो गई
02:00तो उन्हें वापस भीश दिया जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
02:03उनके अनुसार ये फैसला उनकी सहमती से नहीं था बलकि प्रिशाश्टिक स्तर पढ़ लिया गया एक कठोर फैसला है ये।
02:10उन्होंने कहा भी अस्पताल में रहने के दौरान उनकी आवास को सीमित करने की कूशिश की गई।
02:40किसी व्यक्ति या राशनातिक दल के खिलाफ नहीं थी।
02:43उन्होंने साफ किया कि वे लगदाक की लोगों की अधिकारों परियावरण की सुरक्षा और क्षेत्र के भविश्य को लेकर आवास
02:50उठा रही है।
02:51उनका ये कहना है कि विकास और परियावरण के बीच संतुलत बनाये रखना आवश्यक है और इसी मुद्दे को लेकर
02:57वे लंबे वक्त से अभियान चला रही है।
03:00उन्होंने ये साफ किया कि अस्पताल ने बिताए गए दिन उनके संकल्प को कमजोर नहीं कर पाए बलकि और मजबूत
03:07करते जा रही हैं।
03:08उनके अनुसार यदे किसी मुद्दे के लिए शांती पूमन तरीके से आवाज उठाने पर ऐसी परिस्तीथियों का सामना करना पड़े
03:14तो वो पीछे बिलकुल नहीं अटेंगे।
03:16उन्होंने साफ किया कि समर्थकों का वे धन्यवाद करते हैं और इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि देश
03:22भर से मिले समर्थन ने उन्हें हिम्मत दी है आंदूलन को और मजबूत करने का भरूसा दिलाया।
03:28इसके साथ ही उन्होंने अपने इस बयान में ये भी शामिल करने की कोशिश की कि लोग लोकतांत्रिक अधिकारो और
03:35जनित के मुद्दे को लेकर जागरुक है इस तरह की ताना शाही को लेकर लोग आवाज उठाएंगे और ये जाता
03:42दिनों तक चलने नहीं वाली।
03:44रांग्चुक ने अंत में कहा कि वे आगे भी सम्विधान और लोकतांत्रिक मूलियों के दायरों में रहकर अपनी बात रखते
03:49रहेंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे शान्ति पूर्ण और अहिंसक तरीके से अपनी आवाज उठाएं।
03:55इसके साथ उन्होंने ये भी शामिल किया कि उद्धिश्य उनका किसी प्रकार के टकराफ को पैदा करना नहीं है।
04:25तोर पर रश्च चर्चा का विशय बनना चाहिए। उनके इन बयानों के बाद अब राजन्यातिक बहस तीज है जबकि प्रशाष
04:31उनके और से मामले पर अलग पक्ष सामने आया है।
04:34दिल्ली पुल्स का कहना है कि दिल्ली हाई कूट के आदीश के बाद ही इस तरह से हॉस्पिटल में सोनोंग
04:40चुको भरती करवाया गया।
04:41उनकी देखपाल के लिए उनके अच्छे स्वास्त के लिए।
04:45बहराल मामले को आप कैसे देख रहे हैं कॉमेंट बॉक्स आपके लिए हैं।
04:48आपके अमन में कोई सवाल भी है तो अपने सवाल कॉमेंट बॉक्स में जरूर डालें।
04:53आपके लिए एक नया विडियो बनाएंगे जिसमें आपके सवालों के जवाब ज़रूर होंगे।
04:57वहराल मामले पनमाई नजर है अपडेट आपको देती रहेंगे।
05:00मेरा नाम है मुकंद आप बने रहें वन इंडिया के साथ शुक्रिया।
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