00:00मेरी हालत कुछ ऐसी भी नहीं है कि मैं दो-चार दिन में मर जाओं।
00:05बड़े बुजर्ग नेतागन आकर मुझे कोई प्यार से कोई गुस्से में बोल रहे हैं।
00:12और कुछ ने तो अदालत से अपील की है कि सरकार मुझे जबरदस्ती आना के लिए।
00:20तो 20 जुलाई को बहुत से सामसदों के साथ आप सब आईए अजारों की संक्या में।
00:2818 जुलाई 2026 दिन शनिवार जंतरमंतर पर वो कुछ हुआ जिसने एक बार फिर देश के लोगतंतर को सवाल ये
00:36केरे में डाल दिया।
00:37रिपक्ष लगातार सवाल पूछ रहा है, सीजेपी प्रोटेस्टर सवाल पूछ रहे हैं, सवाल पूछ रहे हैं वो बच्चे जिन्होंने नीट
00:44पेपर लीग का दर्द छेला।
00:46आखिर क्यों सोनम वांग्चुक को उनके शांती पून अंशन से जबरन उठाकार हॉस्पितल में भरती कराया गया, सवदर जंग ले
00:53जाया गया।
00:54सोनम वांग्चुक ने खुद इस मामले पर टपणी की हैं, उन्होंने बड़ा दावागरती हुए कहा कि उनकी इच्छा के विरुद्ध
01:00उन्हें अस्पताल में रखा गया है।
01:24नहीं दिया गया है। उनके नारूप के बाद अब सवाल तीज है कि आखिर अस्पताल के भीतर उनके साथ को
01:30क्या रहा है और अब वे पूरे घटना करम पर आखिर कैसे नज़र रख पा रही हैं, इस प्रोटेस्ट को
01:36आंधूलन को कैसे देख रही हैं।
01:54नहीं दी गई। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कई बार सपर्ष्ट किया कि यदि स्वास्ते संबंधी जाच पूरी हो गई
02:00तो उन्हें वापस भीश दिया जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
02:03उनके अनुसार ये फैसला उनकी सहमती से नहीं था बलकि प्रिशाश्टिक स्तर पढ़ लिया गया एक कठोर फैसला है ये।
02:10उन्होंने कहा भी अस्पताल में रहने के दौरान उनकी आवास को सीमित करने की कूशिश की गई।
02:40किसी व्यक्ति या राशनातिक दल के खिलाफ नहीं थी।
02:43उन्होंने साफ किया कि वे लगदाक की लोगों की अधिकारों परियावरण की सुरक्षा और क्षेत्र के भविश्य को लेकर आवास
02:50उठा रही है।
02:51उनका ये कहना है कि विकास और परियावरण के बीच संतुलत बनाये रखना आवश्यक है और इसी मुद्दे को लेकर
02:57वे लंबे वक्त से अभियान चला रही है।
03:00उन्होंने ये साफ किया कि अस्पताल ने बिताए गए दिन उनके संकल्प को कमजोर नहीं कर पाए बलकि और मजबूत
03:07करते जा रही हैं।
03:08उनके अनुसार यदे किसी मुद्दे के लिए शांती पूमन तरीके से आवाज उठाने पर ऐसी परिस्तीथियों का सामना करना पड़े
03:14तो वो पीछे बिलकुल नहीं अटेंगे।
03:16उन्होंने साफ किया कि समर्थकों का वे धन्यवाद करते हैं और इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि देश
03:22भर से मिले समर्थन ने उन्हें हिम्मत दी है आंदूलन को और मजबूत करने का भरूसा दिलाया।
03:28इसके साथ ही उन्होंने अपने इस बयान में ये भी शामिल करने की कोशिश की कि लोग लोकतांत्रिक अधिकारो और
03:35जनित के मुद्दे को लेकर जागरुक है इस तरह की ताना शाही को लेकर लोग आवाज उठाएंगे और ये जाता
03:42दिनों तक चलने नहीं वाली।
03:44रांग्चुक ने अंत में कहा कि वे आगे भी सम्विधान और लोकतांत्रिक मूलियों के दायरों में रहकर अपनी बात रखते
03:49रहेंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे शान्ति पूर्ण और अहिंसक तरीके से अपनी आवाज उठाएं।
03:55इसके साथ उन्होंने ये भी शामिल किया कि उद्धिश्य उनका किसी प्रकार के टकराफ को पैदा करना नहीं है।
04:25तोर पर रश्च चर्चा का विशय बनना चाहिए। उनके इन बयानों के बाद अब राजन्यातिक बहस तीज है जबकि प्रशाष
04:31उनके और से मामले पर अलग पक्ष सामने आया है।
04:34दिल्ली पुल्स का कहना है कि दिल्ली हाई कूट के आदीश के बाद ही इस तरह से हॉस्पिटल में सोनोंग
04:40चुको भरती करवाया गया।
04:41उनकी देखपाल के लिए उनके अच्छे स्वास्त के लिए।
04:45बहराल मामले को आप कैसे देख रहे हैं कॉमेंट बॉक्स आपके लिए हैं।
04:48आपके अमन में कोई सवाल भी है तो अपने सवाल कॉमेंट बॉक्स में जरूर डालें।
04:53आपके लिए एक नया विडियो बनाएंगे जिसमें आपके सवालों के जवाब ज़रूर होंगे।
04:57वहराल मामले पनमाई नजर है अपडेट आपको देती रहेंगे।
05:00मेरा नाम है मुकंद आप बने रहें वन इंडिया के साथ शुक्रिया।
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