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ईरान संकट और मिडिल ईस्ट की बदलती राजनीति के बीच रूस, चीन और ईरान के बीच बढ़ती नजदीकियों पर दुनिया की नजर है। इस वीडियो में जानिए पुतिन, जिनपिंग और मोजतबा खामेनेई से जुड़े राजनीतिक समीकरण, ईरान युद्ध की ताजा स्थिति और इसका इजरायल, अमेरिका व पूरे क्षेत्र पर संभावित असर। क्या मिडिल ईस्ट में नया पावर बैलेंस बन रहा है? देखिए पूरी इंटरनेशनल पॉलिटिक्स एनालिसिस, ताजा अपडेट और वैश्विक घटनाओं की गहराई से पड़ताल। दुनिया की बड़ी खबरों और भू-राजनीति से जुड़ी हर जानकारी के लिए चैनल को Subscribe करें।

Russia-China Enter Iran War: The global focus is on the changing dynamics of the Middle East as Russia, China, and Iran's leadership strategies become a major topic of discussion. In this video, we analyze the latest Iran war updates, the role of Putin and Xi Jinping, Mojtaba Khamenei's influence, and the possible impact on Israel, the United States, and regional security. Watch the complete geopolitical analysis of rising tensions, international alliances, and the future of Middle East politics. Stay updated with the latest world news, war updates, and global power shifts. Subscribe for more international news coverage.

#IranWarUpdate #RussiaChina #Putin #XiJinping #MojtabaKhamenei #MiddleEastCrisis #Israel #Trump #Netanyahu #Geopolitics

~HT.410~PR.540~ED.520~VG.HM~

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00:00दुनों देश एक दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं, अमेरिका का दावा है कि उसने पिछले तीन दिनों में
00:06करीब तीन सो अमेरिकी ठीकानों पर बंबारी की हैं, उधर इरान की ओड से आयार जिसी दावा कर रहा है
00:12कि वो स्टेट आफ होर्मूज में अपना नियंतन बना
00:29ये दावा कर रहे हैं कि इसे पूर्ण युद्ध की शुरुवात तो नहीं कह सकते, लेकिन अगर ऐसे ही बात
00:35बिगड़ती रही, तो फिर से वैसी ही स्थिति आ सकती है, जैसे स्थिति 28 फरोरी के बाद आई थी, तो
00:43इसी मौझूदा तनाव, मौझूदा युद्ध पर आ�
00:48रही है, ट्रम चाहते क्या हैं, इस्टेट फोरमूज को लेकर इतना ज़्यादा तनाटनी दोनों देशों के बीच में क्यो छड़ी
00:53होई है, अमेरिका की चाहत इस्थित फोरमूज में क्या है, और क्या अमेरिका अब सच में बात चीत से आगे
01:00बढ़ना चाहता है, इस्रा�
01:13के जानकार हैं सबसे पहले करनल मलिक सर के पास चलते हैं सर अभी मौझूदा इस सिति के बारे में
01:19आपको ऐसा क्या लग रहा है कि किस ओर जा रहा है ये युद्ध ये तनाव
01:26वारत माता कीज़े सभी को देखे जो आज की स्थिति दिख रही है ये स्थिति में सच में ये स्थिति
01:33कोई अच्छी स्थिति नहीं है और मुझे लगता है ये एसकेलेशन की तरह बढ़ रहा है क्योंकि अभी एरान का
01:38जितने भी उसके ओपर अड़ेक्ट हुए है
01:39अल्मोंस 140 से लेकर कोई 150 बताता है ये टार्गेट से चलो 140 में लेते हैं तो 140 टार्गेट कोई
01:45कम नहीं होते और ये जो पीछे जो टाइम भीता है यानि पूरा विश इस बात के लिए खुश हो
01:51रहा था कि शाद M.O.U. होने के बाद पूरे विश को रहत मिलेगी और जो प
02:09जोशी थी और पूरी दुनिया के रहे थी कि ये वन साइडिड हो गया है और अमरीका के अंदर इस
02:14बात पर बैक प्लेश भी हो रहा था और वन साइडिड होने का मतलब है जो जो जो है पुलेट
02:17के लोग है जैसे अजिताब सर है जरूर सोच रहेंगे इस बात को कि ऐसा कैस
02:21समभाव है कि जो 48 साल में अमरीका ने इरान को नहीं दिया अचानक उसके प्लेट में रखके दे दिया
02:27तो जाइर सी बात है ये अमरीका के एक चाल थी और अमरीका की एक टैक्टिकल चाल इस तरह से
02:31थी कि उसने 60 दिन का इसमें के प्रोविजिन किया था और 60 दिन के अंदर
03:01समान, और 70 दिन के और 60 दिन कोई समय से है अनाजस का समान वाहां के लोगों के लिए
03:12खाने के समय रोजमर्� shift के थी है तो चाहता है
03:17कि वो मेरे ही जो मैंने रास्ता तै किया उसके त्रू हो करके जाए उसे यह मंजूर नहीं है कि
03:22ओमार की साइड से कोई भी यह नहीं डार्क फ्लिट के तहट जिसको शेड़ फ्लिट कहा जाता है उसके तहट
03:28कोई रास्ता तै करे और कोई शिप महां से जाए क्योंकि एरान अ�
03:40वो ये मैसे देना चाहता है कि आपको आज के बाद से यापके बाद से होज मुझ के तरू मेरी
03:46शर्तों पर ही आपको चलना होगा ये अमरीका को मनजूर नहीं है अगर नई वेश्था अमरीका को मनजूर हो गई
03:53और सभी शिप उसको बताए वे तैखी वी रास्ते पर चलने �
03:57पढ़ेंगे तो साथ दिन या नबे दिन या सो दिन के बाद वो एक फीज लेना शुरू करेगा उस फीज
04:02का भी कोई लिमिल नहीं है आज दो बैलर पर डॉलर बोलता है तर पांच बोल सकता है पर सो
04:07आट बोल सकता है इससे अच्छी वेश्था तो तब होगी कि ये सभी कं
04:24इसी मनी अर्ली मनी बनाने का इरान की चाल है और इरान इसलिए इसको छोड़ना नहीं चाहता क्योंकि कोई भी
04:31और मुद्वस के पास इस ऑपरिशन के मद्दे नजर ऐसा नहीं है जिससे इरान को शक्ती मिलती हो इरान की
04:37जाहरी सी बात है अब अमरिका का पक्ष ये है कि अ
04:53एक तरह ऐसे स्टेंथ मनता है डॉलर के लिए और डॉलर की डिमांड सप्लाई का खेल अमरीका यहीं से इसी
04:59से खेलता है जब डॉलर मजबूत होता है पूरे वर्ड के अंदर आज भी डॉलर में मजबूत देखी जा रही
05:03है तो जाहिर सी बात है पूरे विश्यो के वैपार �
05:05पूरे दर्स की वर्ड वैस्ता पर उसका वर्चरस इस्तापित होता है अमरीका इस बात को कैसे सेहन कर लेगा तो
05:10जब एरान एक नई वैवस्ता की तरह बढ़ने की कोशिश कर रहा है अमरीका उसको नलिफाई कर रहा है यही
05:16बात है कि जब अमरीका ने अटेक किये यह अट
05:34कटर अरिस्ता के पास चलते हैं सर बहुत साय लोगों का ऐसा भी मानना है कि जब युद्ध रुका था
05:40दोरों देशों के बीच में युद्ध वीराम की बाते हो रही थी इसलामबाद में भी चर्चाएं हुई फिर कतर में
05:44भी बात कही गई उस वक्त यह कहा जा रहा था कि अम
06:09इस वाले युद्ध से पहले भी बातचीत हो रही थी लेकिन वो अटैक कर देता है लेकिए बहुत अच्छा आपने
06:18बताया अमेरिका की तो चाल है देखिए राश्पती ट्रंप एक ट्रांजेक्सनल है व्यापारी है उनको जहां बैपार दिखेगा दो पैसा
06:26दिखेगा व
06:32वो तो होने सरा क्योंकि इरान वेनेजुएला तो है नहीं और इग्रायन की जो सत्ता है वो भी इसलामी की
06:39रेजिमे वो जैसा है नहीं तो अमेरिका की चाहत देखिए अमेरिका तो आज के डिट में सिल्फ सफिस्येंटğ है ना
06:47उसको तेल यहां से चाहइए ना उसको गैस �
06:50चाहिए अमेरिका के प्यास वो सारी चीजें हैं तो इरान में आखिर वो गल्फ में आके क्यों बैठा है जैसा
06:56मलिक सर ने कहा ओविसली उसका डॉलर में इंट्रेस्ट है पेट्रो डॉलर से डॉलर की कीमत को बढ़ाए रखना चाहता
07:02है डॉलर का दबदवा बनाए रखना च
07:06इस छितर में उसको न यहां से तेल चाहिए न गैस चाहिए वो जमाना गया जब उसको चाहिए था और
07:12उसके नाम पे उसने यहां इनों 15 से 20 बेसे बना लिये सुरक्षा के नाम पे कि खारी के देशों
07:19के वो सुरक्षा देगा वो उर्जा सिकुरिटी इंस्योर करेगा इस �
07:36गल्फ पे उसका ध्यान पटेगा क्योंकि वो अपने अमेरिका फश की निती को पालन करेंगे वैसा कुछ नहीं हुआ अमेरिका
07:43अपना सिकंजा यहां से बरकराज ही नहीं उसको और बढ़ाना चाहता है और चुकी इरान ने भी अब थोड़ी सी
07:50जवाब देनी सुरू कर द
07:51पालना सिकंजा अमेरिका अपनी तरफ से उस पे और ज़्यादा दबदबा बनाने की कोशिस कर रहा है चाहे वो परमानु
08:03मुद्दा का नाम दे चाहे वो और कोई नाम दे सच्चाई यही है कि उसको यहां तेल और गैस के
08:09ठिकानों पर उसको कबजा करने की उसकी नियत है �
08:13और यह सारी कवायद वो हो रहा है वो जोरना नहीं चाहता इरान हॉर्मुज को और हॉर्मुज पे देखिए इस
08:19वीक में पिछले रैक टु बैक चार बड़े-बड़े अटेक हुए है दोनों तरफ से और इससे तीन सो से
08:26जादा चिकानों पे अमेरिका ने अटेक किया तो �
08:29भाई तो आपकी क्या ताकत है जी आप इरान को एक तरफ कहते हो कि इरान तो खतम हो गया
08:34इरान को हमने बरबाद कर दिया उसकी एकोनमी खतम हो गई उसकी सेना खतम हो गई फिर भी इतने तीन
08:40सो सारे तीन सो अटेक के बाबजूत भी इरान अभी भी डटा हुआ है दैट मि
08:56होते हुए भी अच्छी खासी सीख भी दे रहा है और समझोते के लिए बाद भी करता हुआ नजर आ
09:02रहा है जी बिल्कुल अभी कुछी तर पहले फॉक्स नियू से बात करते हुए राश्टपती ट्रंप ने एक बड़ा बयान
09:08दिया है मलिक सर के पास चलेंगे इस बयान पर �
09:11सर ट्रंप ने कहा है कि समझोता हो चुका था लेकिन उन्हों ने इसे तोड़ दिया वह हमेशा ऐसा ही
09:17करते हैं हमने उनके साथ 10 समझोते किये हर बार उन्हों ने तोड़ा अब हम उन्हें बहुत जोरदार जवाब देंगे
09:23हम बुरी तरह इरान को जवाब देने वाले बु
09:38ज़ी देखें ट्रंप साथ क्या कहते हैं क्या नहीं कहते हैं यह मेरे चाहल से पूरी दुनिया इसको शायदा तर
09:44जो है कि मनोरेंजन के रूप में भी लेती है लेकिन मेरा अपना मानना है जितना मैं चीज़ों को पढ़ता
09:49हूं मुझे लगता है कि वह एक तरह से यह मुख
09:59जाती हैं लेकिन करना वो है कि जोकि उनको मालूम है तिंक टैग उनका क्या कर रहा है उनका मिलिटरी
10:05स्ट्रेजी सुने जनर सुन से क्या बात कर रहे हैं उनके वार मिनिस्टर से क्या बात कर रहे हैं वो
10:10बात सामने नहीं आ पाती है और मुझे लगता है कि अच्छे स्ट्र
10:26करने का तो वो जाहिर सी बात है दुनिया को नहीं बताएंगे बहार ये बात सही है कि उन्हों पने
10:31बदलते हुए वक्त वे से सुबह शाम और एक तरह से दिन में कई कई बार भी उनके टूथ सोशल
10:37पर आते हैं उन्होंने जाहिर सी बात है अपनी रेपोटिशन में तो बहु
10:56जिस कैसे करेगा जो नवंबर की बात हो रही है इलेक्शन में जाने की क्या वो डिफिटिड अमरिका की इलेक्शन
11:02में जाके मां किस किस फेस के साथ उनको फेस करेगा अपनी वोटर्स को तो फिर भी मेरा कंकूलूजन ये
11:07निकलता था कि नहीं ये अमरिका वो नहीं है जो �
11:10अमरिका असली करने वाला है ये अमरिका का एक तरह से खौर मुझ को खुलवाने का एक इमेडियेट प्रोविजन उसने
11:17तयार किया है कि किसी तरह से प्रेशर खतम हो जाए क्योंकि अल्टिमेटली ये 6-7 कंट्रीज कह रहे थे
11:23कि देखे इरान के पास लो कोश वार्फियर क
11:26के तैट उसके पास द्रोन है चोटी बड़ी मिसाइले हैं मिसाइलों का जिख रही रहा है इसके तैट वो हमारी
11:32प्रोडक्शन फैसिलिट्री को एक तरह से कुंद किये जा रहा है और एज रिजर्ट हमारी एकनोमी से चोकि हमारी अर्निंग
11:38का जरिया सिरफ एनरजी और पे
11:56ईंपॉर्ड श्रू किया जया है इस होіль만 हो चके तो यह मेरे ख्याल से उस ताइम का ट्टिकल उन्हें एजिट
12:01ट्रेकल चाल उन्हें चली और उस चाल के तहले था कि जैसे जैसे समय आयेगा हम किसी चीज़ को मानेंगे
12:08किसी को नहीं मानेंगे और ज़्याद नहीं मानेंग
12:10एक बार हो नोच चाले हो जाए उसके बाद हम MOU को कॉल अफ कर देंगे हुआ भी होई लेकिन
12:14ये समय से तोड़ा जल्दी हो गया तो मैं ये कहना चाहता हूं कि
12:18अर्टरम साब की जो सोचल टूथ है वो जरूरासी का पात्र बनते हैं और उनकी बात के पीछे जो अमरिका
12:24का जो थिंक टैंक है उसके ओपरेशन को सीजले लेना चाहिए अमरिका देखे एक पिटावा कंट्री होकर नहीं चाहेगा वो
12:31कुछ ने कुछ करता रहेगा और जो भ
12:48अब बार बार अमेरिका की ओर से कहा जाता है कि वो इरान में IRGC कमजोर करना चाहता है, IRGC
12:54वहाँ पर लोगों पर बहुत अप्तियाचार करती है, दिसंबर और जनुरी में वहाँ पर जो परदर्शन हुए थे, उसमें IRGC
13:00ने किया भी था, बहुत ज्यादा लोगों को वह
13:18वैपम जी ये सारे स्टेटमेंट जो कोई वार चलता है, सायोक्स का हिस्सा होती है, पावर पोजिजनी स्टेटमेंट्स आते ही
13:24आते हैं, दोनों साइड से है, देखे एक चीज़ तो मैं बता हूँ, मेरा पूरा अपना लैसिस इस बात पर
13:28निश्कस के पहुंचता है, एरा
13:44इस नहीं है, रिगनोट नहीं है, आई यार जी सी एक इन सब के उपर बठाया हुआ, वो धार्मिक पावर्फुल
13:50मेर्टी ओर्गनेशन है, जिसके अंडर सब नीचे रहते हैं, इससे उपर कोई नहीं है, आई यार जी सी की एक
13:56तरसे, अभी हुआ क्या है, मैं थोड़ सा ए
14:12कि एरान कमजोर नहीं अमरिका को हरा देगा, तो ये मुझे लगता है, एक कॉन्फिटेंस बिल्डिंग के साथ साथ, जब
14:18ज्यादा कॉन्फिटेंस डेवलप हो जाता है, तो वो कहीं हट धर्मिता में यह चिद में बदर जाता है, तो ये
14:23जिद जो आई यार जी सी कर रहा ह
14:25है, वो अपने देश के नागरे को नुफसान कर रहा है, ऐसा मेरा मानना है, क्यों? कि देखे, इरान के
14:30अंदर भी, सोसाइटी के अंदर दो ऐसे मजबूत धड़े हैं, एक धड़ा वो है, बहुत लार्ज स्टेंट में हैं, जो
14:36की ओरिजिनल आपको पर्शियन बोलता है, औ
14:51और इसी धड़े के अंदर से, इसी सेग्मेंट के अंदर से, आई आर जिसी का मेजर कॉंपोनेंट है, तो ये
14:56जब दो दोनों धड़े हैं, जो पर्शियन अपने आपको पहले बोलता है, उसी का इस तरह से मैं से करवा,
15:02अलग लग लग रहा है, लेकिन अगर मैं उनका एव
15:21जो थोड़ी सी आजा दी ये चा रहे थे, कि हमको बंधन में नेरेरा, हमको मुक्त सोसाइटी के अंदर रहना
15:25है, और 30 से 40 जार लोग आप सफाया कर डालते हो, दो मैने के अंदर, लेकिन इसके पीछे धर्मानता
15:32कट्टरवादता है, और ये ही आज रूल कर रही है एरान को
15:36IRGC के तुरू, और IRGC की जब तक चलेगी, क्योंकि वेभव जी एग्रिमेंट तब होता है, या तो दोनों दोश्य
15:44की रिक्वार्मेंट बराबर हो जाए, और उनको लगा के आगे, देखिए, ओपरेशन लड़ाई-लड़ना मुर्पता है, लेट सीट तुगेधर, टॉक्
15:52क्योंकि एग्रिमेंट गिव गिव पर नहीं होता है, या टेक टेक पर नहीं होता है, इरान देने के लिए कुछ
15:57भी तैयार नहीं है, लेने के लिए सब कुछ तैयार के, मैंने को सब कुछ चाहिए, लेबनन में उसका क्या
16:01मतलब बनता है, कि लेबनन में भी रुकना चाहि�
16:05कीजिए इसराइल लेबनान बैट का अपना सुल्चा लेंगे आप उनकी ऑक्सिजन तो कट कीजिए आपने जो आतंकवादी पाले हुए हैं
16:12जिनको आप लगतार सब कुछ साहिता दे रहो और पूरे वर्ल्ड में अपनी पॉलिसी के तहत उनको आतंकवादी शामिल किये
16:18हैं �
16:19पॉलिसी में आपने आप एक कदम पीछाड़न निकले तैयार नहीं है और पूरे वर्ल्ड से आप गरंटी मांगते हैं कि
16:24मिल पर कोई आज अटेक नहीं हो तो यह सब चीज मैं कहना चाहता हूं कि दूफरा पक्ष यह है
16:30कि आप आगरिमेंट तब पहुँचेंगे कि या त
16:47अभी जारी रहेंगे और इसके लंबा किसने की उमीद है जीवाब बिल्कुल डॉक्टर अजिस्ताब के पास चलते हैं सर ट्रम्प
16:54की जो नई वारी धंकी है उस पर आपका क्या मानना है जो सवाल मैंने अभी मलिक सर से पूछा
16:59था और दूसरा सवाल आप से यह होगा सर कि
17:01अमेरिका के अभी इस्टेट फॉर्मोस को हम फड़ा किनारे रख दें तो इरान में अभी क्या-क्या लक्ष बचे हुए
17:06हैं दोहजार पचीस में बिटू बामर से गिराए गए थे परमार ठिकानों पर बंबारी हुई थी तब टरंप ने कहा
17:11था कि हमने पांथ साल पीछे क
17:27देखिए अमेरिका राश्टपती टरंप की जो धमकी है इसको आसानी से और इसली नहीं न कारा जा सकता क्योंकि जो
17:34खबरे आ रही है वैवाव जी कि फिर से अमेरिका वहाँ पे लाम बंद होने की तैयारी में है लगभग
17:4120 युदपोत वो फिर से डिप्लॉई करने की स्थ
17:45और इरान को घेरने के लिए वो फिर कोसिस कर रहा है राश्टपती टरंप ने जैसा आपने का उन्होंने खुद
17:51धमकी दिया कि 10 डील कर लिया अब उनको हम फिर से बरवाद करेंगे तो ये 10 डील क्या किया
17:57ये तो पता नहीं ये तो राश्टपती टरंप ही जाने हम तो एक
18:01डील को जानते हैं जो अच्छा खासा डील था 2015 में उस डील को भी इन्होंने डील डॉल कर दिया
18:08उसको एक तरह से उखार के ठेक दिया तो अब एक डील जो बना हुआ था उसको तो इन्होंने तोड़
18:14दिया दूसरा ये 10 डील की बात कर रहे है ये कहां पे है वो तो देखन
18:18बाकी है और अभी इस्थिती ये है कि ये डील के फेर में वो अपनी एक तरह से साख उन्होंने
18:25गिरा ली है और इरान की निश्चित रूप से बढ़बादी हुई है तबाई हुई है चाहे उसको सैने शमता कहले
18:32है उसकी पॉलिटिकल कहले है उसकी एकोनमिक कहले हर तरह से
18:36इरान बड़बाद हुआ है और ये कोई आज से तो नहीं है पिछले 47 साल से इरान ने बहुत कुछ
18:43खोया है अमेरिका की वज़ा से अब आपने पूछा कि भाई अमेरिका इरान में अभी क्या बचा है जो राश्पती
18:50टरंप तार्गेट करना चाहते हैं तो राश्पती टर
19:04परवड़ी को लेकिन उसकी जगह और ज्यादा एक कटर कह लीजिए इस्लामिक रेजीमें आ गई कंटिन्यूटी आ गई वो अब
19:13कह लीजिए कि जो है न उसके मुह में खून लग गया है तो वो और ज्यादा खुंखार होके अब
19:19निकलने की स्थिती में है और अमेरिका भल
19:34जो रशम थी उसने दिखा दिया कि उसकी जनता अवाम उसके साथ है कहीं न कहीं अमेरिका ने बहुत कोशिस
19:42की है इरान को तोड़ने की ये भी कहा गया कि इरान की जनता भिखड़ जाएगी इरान में ये हो
19:48जाएगा लेकिन कहां कुछ हुआ इतने दिनों 47 साल की प्रतिब
19:54बंदों के बावजूद चार महिने से जादा बंबारी के बावजूद इरान अभी भी वहीं है अगर वहां जनता उनके साथ
20:02थी तो जनता तो तोड़ देती आपने देखा क्या हुआ नेपाल में क्या हुआ बंगलादेस में क्या हुआ सिरलंका में
20:08क्या हुआ जिंजी के म�
20:11तो अगर इतना ही इरान की रेजीमे अनपॉपलर थी तो उसको तो अब तो कब का हट जाना चाहिता जनता
20:18ही हटा देती लेकिन फिर भी वह वहां इंटेक्ट है इतने सैंक्संस इतनी तबाही बारबादी के बावजूद भी that सोल्स
20:27की वहां कुछ ना कुछ जन समर्थन है और
20:31अमेरिका उसको भेद नहीं कर पा रहा है और अमेरिका अपनी नीतियों अपनी चालबाजियों के कारण इरान को तो खेर
20:39नहीं तब बरबाद कर पा रहा है दूसरी तरफ खाड़ी के देश यह नो मिडिलिस्ट के देश और नेटो के
20:47देश उसके अपने साती भी अमेरिका स
20:50दूर जा रहा है ये अमेरिका को अपनी गिरेबा में जहाकना होगा देखना होगा कि क्यूं उसकी नितिया फेल हो
20:57रही है क्यूं उसको लोग नहीं मान रहे हैं ये वही अमेरिका है जिसको एक समय पूरी एकसेप्टिबिलिटी थी दुनिया
21:04में उसको रेस्पेक्ट दिया ज
21:07रही है कि उसके अपने लोग अपने पार्टनर उससे जुदा हो रहे हैं जी बिल्कुल मलिक सर के पास चलते
21:14हैं मलिक सर जैसा कि भी डॉक्टर हिस्ता बता रहे थे कि पिछले 40-45 सालों से तमाम प्रतिबंदों को
21:19जेल रहा इरान दुनिया के जायतर देशों से ना तो वो व्
21:37आफिशा जखीरा था ब्रोन काफी अच्छे थे उसके काफी अदा ड्रोन अटेक किये उसने खाड़ी के देशों में हाहाकार मचा
21:43दिया वहां के परेटक भाग खड़े हुए अभी युद अभी जी सिस्थिती में इरान है आपके हिसाब से इरान के
21:49पास अभी ड्रोन और म
22:02मौत हो चुकी है, इस दुदि की शुरुवात में ही, वो इरान को कैसे आगे ले जाने वाले हैं, आपके
22:07हिसाब से, जैसा कि भी डॉक्टर अस्ताफ बता रहे थे, क्या इरान अब और ज्यादा कटर होता जाएगा, बदला लेने
22:12की बात होगी, जैसे की बार-बार कही भी जा
22:30होगा, बिल्कुल डॉक्टर साब की बात, बहुत ही बिल्कुल सठीक है, क्योंकि उनका विश्र, जितना मुझे क्या ने, डॉक्टर साब
22:36खाड़ी में उन्होंने काफी वक्त बिताया है, तो वह वहां की लोगों की जैनियत को बहतर समझते हैं, दूफरी बात
22:41यह कि ऐसा क
22:56वक्त पर जब उनको ले जाता है, इरान ने इसको एक इवेंट की तरह पेश किया, वर्ल्ड के सामने, कि
23:02ये दिखाने के लिए कि हमारे अंदर की जो जनता है, वो हमारी पुरी तरह से साथ है, और जब
23:07कुछी देश का बहाई आकरमन होता है, तो इंटरनल जो रिफ्ट होत
23:24सफरिंग में रहेगी, अगर कम्यों में रहेगी, दिक्कत उनको रहेगी, तो यही जन्दा फिर छिटक ने लगती है, पर उसमें
23:31थोड़ा वक्त लगता है, जैसे कि जन्वरी के दोरान जब वहाँ पे नरसंगार चल रहा था, अमरीकर ने कहाता है,
23:37अनों ने शायद इस ब
23:54जित रूप से एरान को इस बात का आलम था, कि अमरीका या जिक इसराइल जिसके साथ भी उसके होंगे
24:00युद होंगे, तो उसमें इसराइल के साथ अमरीका जरूर आएगा, और अमरीका जरूर आएगा तो अमरीका के हिट को अमरीका
24:07में तो हिट नहीं कर पाएगा, लेकिन
24:09उसके जो आसपास के अड़े हैं, मिलिटरी बेसिस हैं, उनको वो हिट करके अमेरिका के हीतों को एक तरह सा
24:15हाम करने की कोशिश करेगा, यही उसने किया भी, और यह उसकी बिल्कुल कैल कुशन, बिल्कुल सटीक बैठी, कि जैसे
24:22जैसे उसके मित्र राश्टू पे वे छोटे
24:24चोटे हातियारों से करेगा, उनकी प्रोडक्शन फैट्रिस वेसिलिटी और उनकी जो एक तरह से यह पूरी रफाइनिस कहली जिए, प्रोडक्शन
24:32फैसिलिटी कहली जिए, इनको डैमेज करेगा, तो उसका जो बैक फ्लो है, वो अमरिका पर ही जाएगा, और गया, इसलि�
24:51कि किसी भी कीमत पर इरान इसको नहीं जोड़ना चाहता, अद तक लड़ेगा भी, अब बात आता हूं कि यह
24:57कैसे संभाव हो रहा है, देखिए इसमें कोई शक नहीं, चाइना की बैकिंग पूरी है, और चाइना क्यों है, देखिए
25:04एक तो मानेंगे, वर्ल्ड की नंबर व
25:18इसे ले जाता हूं, ट्रम्प साहब ने जब टैरिफ कार्ड खेलना शुरू किया, उन्होंने पूरी दुनिया में दुश्वर मना लिये,
25:24लेकिन जब चाइना का नंबर आया, उन्होंने टैरिफ बढ़ाया, तो चाइना ने उनको रिवर्स कर लगा दिया, अब होगा क्या
25:44यहां पर मैं कबज़ा कर सकता हूं, तो एरान पर अगर मैं कबज़ा हो जाए समाओ, तो एरान से जो
25:4990% एरान की एक्सपोर्ट सप्लाई है, एनर्जी की, वो चाइना को जाती है, तो उसको भी टैट करो, तो
25:55इस तरह से चाइना को, इस तरह से उन्होंने उसकी एकनोमी पर
25:58हाट करने की कुछ चिछ करें लेकिं चाइना चैस शैडो फ्लीट के थूँ उसकी जो दूसरी कमपनिया है जो कि
26:06अमरीकन परतिबंद के बाहर होती हैं उनके थूँ चाइना ने एक तरह सा उसका इंपोर्ट चारी रखा यही रिजन है
26:12कि अभी गल्फ और यह अपना इस्टे�
26:27करता का यह मानना है कि अगर इरान को एकनोमिकली टाइट करना है तो खार किसे वह सप्लाई कर ही
26:34नहीं पाएगा तो उसके अंदर पैसा कहां से आएगा उसकी जो पैसा पंपिन होता है उसकी 90% खार का
26:42एक्सपोर्ट होता है तो यह सब चीजे देखते वे चाइना एंगिल �
26:46मुझे लगता है कि अमरिका ने अब इकनोमिकल जो टाइटनिंग का स्कुईजिंग का जो दाव खेला है यह वो जारी
26:53रखेगा और इसमें जरूरी नहीं कि डेली एर अटेक होंगे अटेक होएंगे अटेक आएंगे एजी रेक्शन भी हो सकते हैं
26:59प्रियम्टि भी हो सकते
27:00टार्गेट औरेंटिट भी हो सकते हैं क्योंकि जैसे ही मोसाद या CIA अपने टार्गेट को पकड़ेंगे कि टार्गेट का फ्रिक्वेंसी
27:07मिल गए यह टार्गेट की लोकिशन मिल रही है 100% वो अटेक करेंगे उसको अलिमेंट करने की कोशिश करेंगे
27:12तो यह शैयर मात का �
27:14खेल अभी हम कुछ देखने वाले आगले आने वाले कुछ समय में बिल्कुल अगले सवाल की और बढ़ते हैं जैसे
27:21मलीक सर ने बताया डॉक्टर रिस्ताब इरान क्या सच में बातित खूब हो रही है चीन और रूस यह दो
27:30इरान को पर्दे के पीछे समर्थन देते आये है
27:32लंबे समय से ऐसा कहा जाता है इस युद्ध में युद्ध से पहले या अब अभी जैसे खबर आई थी
27:38कि रूस का एक सबसे सिक्रेट प्लेन जो है वो इरान पहुचा हुआ है ऐसी खबर मीडिया में खूब चल
27:43रही है आपको लगता है कि कोई मदद दी जा रही है दोनों
28:01प्रतिबंध पिछले 47 साल से लगा रखे है है हतियारों पे भी प्रतिबंध तेल बेचने पे प्रतिबंध क्या क्या नहीं
28:08किये है उसके बाद भी अगर चीन और रूस से आ रहा है तो दैट मींज की अमेरिका की वो
28:14ताकत नहीं है कि उसको रोक ले नमबर वन नमबर टू �
28:18अमेरिका भी अकेला नहीं है, अमेरिका को भी तो सपोर्ट कर रहे हैं, अमेरिका को पूरे गल्फ के देश, अमेरिका
28:25को इसराइल का पूरा कंदे से कंधा मेरा के खड़ा है, और कहीं न कहीं यूरोप के नेटेव के देश
28:31भी जो खबरें आ रही हैं, वो भी तो सपोर्ट ग
28:48उसने बहुतेरे की कोई उसके साथ सामने खड़ा होने के लिए तैयार नहीं है आखिर अमेरिका की ये हालत क्यूं
28:54हो गई है अमेरिका भी अकेला नहीं लड़ रहा है और इरान भी कोसिस कर रहा है इरान का ये
29:01दुरभागे है कि चीन और रूस इतने उसके करीबी होते विवे
29:05भी खुल के नहीं आ रहा है रीजन उसके ओवियस है रूस अपने युक्रेन लड़ाई में फसा हुआ है और
29:12चीन बहुत चतूर है चीन को अपने वैपार की चिनता है वो वैपार खाड़ी देशों से भी करता है इरान
29:18से भी करता है यूरोप और अमेरिका तो सबसे बड़
29:21उसका एक तरह से एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन है तो चीन तो खुल के आएगा नहीं चुपचाप वो चाहेगा कि ये लोग
29:28बिजी रहें ये लोग व्यस्त रहें लड़ाई करते रहें और चीन अपनी जो चाल को है या अपने वैपार को
29:35साधता रहे और इस बीच ये दे�
29:49किया इसके पहले इसके इरान के प्रोक्सिस को बैन किया गया है तो हर तरह से इसके सप्लाई चेन को
29:56इसके सपोर्ट को इसके फिनेंसियल एकोनमी को पूरी तरह से दुनिया के ज़्यादा तरदेसों जो अमेरिका के सहयोगी है उन्होंने
30:05तोड़ा है और इसकी वज़े से �
30:07बहुत ज्यादा कमजोड हुआ उसके बावजूद भी है अगर वो खड़ा है उसकी सिर्फ एक वज़ा है कि हॉर्मुज को
30:15उसको क्लोज भी नहीं करना है सिर्फ उसको समय समय पे दिखाते रहना है कि हॉर्मुज में हम खड़े हैं
30:22एक पटाका छोड़ो किसी की हिम्मत नहीं
30:25है कि हॉर्मुज से वो सिप लेके चला जाए तेल निकाल ले और यही उसकी विजय भी है तूटके भी
30:31खटम होके भी वो अमेरिका को एक सीख देके जा रहा है कि अननेसेसरी कहीं भी अगर इस तरह से
30:38इंटेर्फेयर करोगे तो उसका कोई न कोई जवाब मिलेगा और आज
30:43अमेरिका का प्रभुत पूरी दुनिया में उसकी साख उस पे भड़ो सा दुनिया का घटा है क्योंकि जो बहाने लेके
30:51वो चलता है चाहे वो इरान में हो चाहे वो वियतनाम में हो चाहे वो अफगानिस्तान में हो उसकी कीमत
30:57अमेरिका को चुकानी अब जादा पड़ रही
31:00बिल्कुल बातचीत के आखरी हिस्से में अमेरिका और इरान से आगे बढ़कर उन देशों के मुद्दो पर चलते हैं जिनका
31:08भी इंट्रेस्ट है युद्ध में एक तो नेतन्याहू का देश है जो सीधे तोर पर युद्ध में शामिल है अमली
31:14सर के पास चलेंगे सर नेतन्य
31:27साथियरब के अभी क्या चाहत होगी वैभाब जी देखे साथियरब को समझने के लिए हम थोड़ा सा इस बात को
31:34वाइड करेंगे देखे इसलामिक मुल्क में चार बड़े उम्मा खड़े हुए जो की इसलामिक वर्ड को लीड करने की हैसेता
31:42अपनी महत्वा कांक्षा रख
32:08इसलामिक मुल्क को लीड करूंगा और यही करते हुए उसने अपने जो आम्स है लेफ्ट राइट आम्स यानि यह तीर
32:14एच जो है खासकर में लिए चौदा पंदर उसने गुरुप बनाए जिसमें अंसार अल्ला इस दर बैशा दिया यमन के
32:20अंदर बैठाया और उधर आ�
32:26अपना परभूत इस्थामित करने के लिए दबदबा बानाने के लिए किया कोई फिलिस्टीन का मुद्धा सब नहीं करना चाहता है
32:32इतने मुद्ध है पूरे वर्ड के जितने मुस्लिम उम्मा है किसने मुद्ध है उसके फिलिस्टीन के लिए सीधर स्री काम
32:39किया सब के सब
32:40उसको एक political tool एक जिन्दा रखना चाहते हैं
32:43so that उनके पास confront ट्रॉट करने का
32:45या इस्राइल के खिलाब
32:46एक तक्तियार उठाने का एक गुद्धा भी ले
32:48अब चोथा इन में से चोथा चोधरी आ जाता है पाकिस्तान
32:51वो कहता है मैं इसलामे के टंबॉम लेका गूम रहा हूँ
32:54इसलिए चोधरी मैं हूँ
32:55लेकिन इसको चोधरी बनने को देगा
32:57एक आटो मैंने संपायर का जो मुख्या बैठा है उदर
33:00और दूफरा बैठा है अरब
33:01तो ये कहानी के पीछ में टसल चलती रही है
33:04इस उपरेशन से पहले
33:06लास्ट येर का जो उपरेशन हुआ था
33:07उससे ने इस चीज़ को थोड़ा सा परदे के पीछे डाला
33:11जो बारा दिन का उपरेशन हुआ था
33:12अमरिका इस्राइल ने किया था
33:14अभी मैं आता हूँ कि अरब देखी बात ये है
33:16कि यमन हमेशा यमन में जो होती है
33:19सवधी अरब के किलाब ड़ते हैं
33:21उसके शिप्मेंट को नुकसान करते हैं
33:22उसके वैपार को नुकसान करते हैं
33:24ये टसल जारी रहेगी
33:26वो तभी खतम हो सकती है
33:28कि जब कि कोई extensive
33:30एक वर्द समझोता हो
33:32उस समझोते का पालन
33:33बड़ी religiously हो
33:35लेकिन आजकर तुझे समझेते हो हो रहे है
33:38उनकी उम्र जादर नहीं लग रही है
33:39धड़ादर समझोते होते हैं
33:41धड़ादर टूटते हैं
33:42लेकिन इस सब के बावजूद
33:44और कोई रास्ता नहीं देखता
33:46और यही तो अमरिका को डर है
33:47कि अगर मैंने होर मुझ छोड़ दिया
33:50होर मुझ में शर्टे इरान की चलेगी
33:52तो यह छे जितने भी अरब कंट्री हैं
33:55यह मुझ से दूर हटके
33:56वो यह पूछते हैं कि
33:57सुरक्षा तो हमको आप दे नहीं पाते
33:59आपके अड़े होने के बावजूद हमारा नुकसान हुआ है
34:02हमारा इंफरस अच्छा गया है
34:04लेकिन अकर हम एक्सपोर्ट नहीं करेंगे
34:07तो हम तो गर्त में चले जाएंगे
34:08तो एज ए रिजल्ट वो इरान की शर्टे मानने के लिए बाते होंगे
34:12तो वो इरान के नजदी काएंगे
34:14तो इरान के नजदी काने का मतलब है
34:17अमरीका से दूरी होना
34:18तो अमरीका से अगर दूरी होगा
34:20यहीं पर यह काटा फसा हुआ है
34:21यही बात को देखते हुए
34:23यह नहीं होने देगा अमरीका
34:25अब मैं आता हूँ इसराइल के पक्ष पे देगे इसराइल आपने का क्या को चाहेगा बिलकुल चाहेगा उसके दो फाइदे
34:31हैं एक तो बड़ा फाइदा ये होता है कि जब पूरी दुनिया का ध्यान होर मुझ पे है अमरीका के
34:36ओपरेशन पे है तो वो गाजा में या लेब
35:00तक गाजा भी खाली कर दिया था अपनी वहां पर जो उनकी इस्टेबिश्मेंट आउसको भी टा लिया था लेकिन उसके
35:07बाद उसके उपर अटेक जारी रहे तो कोई भी कंट्री अगर अपनी पास्ट की गलतियों से सबक नहीं लेता है
35:13तो वो देश शैने शैनी करके मिट
35:27अपने को बफर एरिया का बनाते हुए अपने को सुरक्षित मोन में रखना चाहता है और उसका मानना इसराइल का
35:33के ओफेंसिव इस बेस्ट डिफेंस और यही बात करते हुए वो आगे बढ़ रहा है जी वह बिलकुल यही आखरी
35:40सवाल डॉक्टर अश्ताप से भी सर आप
35:42पर क्या मानना है देखिए वेववव जी ओविएसली इजराइल तो चाहेगा नहीं इसराइल की तो जनता नहीं चाहती है इसराइल
35:54की जनता जहा Хमास है होती है इसको खतम होना चाहिए
36:07तो जनता नहीं चाहती इसलिए इसराइल की सरकार भी नहीं चाहती और उनकी मजबूरी भी है लेकिन क्या ये खतम
36:14करने से safe security zone बनाने से इसराइल 100% guaranteed सुरच्चा है मेरा मानना है नहीं क्योंकि जिस जोगरफी
36:23में इसराइल है जिस तरह से पूरे middle list में वो घिरा हुआ है उसक
36:29गारेंटी कोई नहीं दे सकता
36:31कि वो पूरी तरह से सेफ रहेगा
36:33इसी लिए राश्पती ट्रंप
36:35ने कोसिस की अबराहम
36:37एकॉर्ड की सुलह की समझोते
36:39की और उस तरह से इसराइल को
36:41एक recognition मिले एक
36:43mutual understanding develop हो जो
36:45मुझे लगता है कि सही कदम भी था
36:47लेकिन उसमें भी जो
36:48Islamic countries है या जो Middle East
36:50के countries है वो उसके लिए
36:52बहुत कम countries अभी तक तयार हुए
36:54मुस्किल से 4-5 country ने उस
36:56समझोते को माना साओधी अरब
36:58ने नहीं माना तुर्की ने उधर नहीं माना है
37:01और मुझे लगता है अगला
37:03जो इरान के साथ समकक्ष
37:05खड़ा हो रहा है इसराइल के
37:06अगेंस्ट में वो तुर्की है
37:08और तुर्की कभी भी इसराइल
37:11पे कहलेजिए उसका
37:13दुस्मनी तो है ही वो तो जगजाहिर है
37:15लेकिन कभी भी दोनों के
37:17बीच तनाव हो सकता है आज जो
37:19तनाव हम इरान और इसराइल के
37:21बीच देख रहा है इससे
37:23इनकार नहीं किया जा सकता है कि
37:24कल को इसराइल और तुर्की के बीच में
37:26भी वो डिफरेंसेज बढ़ हैं तो ऐसे
37:29में इसराइल को कोई गारेंटी
37:31नहीं दे सकता अमेरिका दस जार
37:33किलोमीटर दूर बैठके अगर
37:35चाहेगा कि रिमोट कंट्रोल से
37:36चीजों को चला लें मैनेज कर लें
37:39अब वो जमाना नहीं रहा
37:40सकती आपके पास है
37:42लेकिन उस सकती से भी आप
37:44कितना कंट्रोल कर पाड़ है इरान को
37:46इतने सैंक्संस के इतनी
37:48तबाही के बावजूत भी
37:50आपकी भी एक लिमिटीशन है
37:52ये अमेरिका को दिख गया
37:53और एक अच्छा खासा डील
37:55फिर से मैं कहता हूँ जो
37:572015 में अमेरिका के ही
37:59उन्हों उस समय के राश्पती उबामा
38:01ने किया था उस डील को तोड़के
38:03अब उससे बड़ा इनको कुछ चाहिए
38:05वो बड़ा मिलने की दरकार दिख नहीं रही है
38:08इसलिए वो छटपटाहट में है
38:10उनकी हतासा और निरासा
38:12कभी युद में दिखती है
38:20ये पेच यहीं पे फसा हुआ है
38:22क्योंकि इरान भी इतनी आसानी से
38:24जुकने वाली कौम नहीं है
38:26वो भी चीजों को
38:28अब जब हॉर्मुज उसके कबजे में आ गया
38:31तो वो चीजों को बड़े ही
38:33नाप तोल के
38:34निगोसियेट करके अमेरिका से
38:36अपने रिस्तों पे बात करेगा
38:38क्योंकि उसको भी डर है कि उसको
38:40आखिर गारेंटी कहां से मिले
38:42ये M.O.U हो गया
38:44300 अरव डॉलर बिड देने की बात हो गई
38:47लेकिन क्या अमेरिका
38:48इतनी आसानी से देगा
38:50कौन इसकी गैरेंटी ले सकता है
38:52क्या कतर गैरेंटी देगा
38:53क्या पाकिस्तान गैरेंटी देने की
38:56इस्तिती में है
38:56वो सिर्फ राजपती ट्रॉम्प ही है
39:00जो guarantee दे सकते हैं कि हाँ तुम इस MOU को मानो और तुमको सब कुछ मिलेगा क्योंकि अभी तक
39:06तो कुछ मिला नहीं है
39:07तो ये guarantee ये भडो से कि जो कह लिजे कि कमी है उसकी वजह से इरान जुकने को तयार
39:16नहीं है
39:16और अमेरिका भी देने के लिए बिना अपनी सर्थों पे और give and take वो करेगा
39:23उसके लिए इरान अभी तक एक तरह से कहिए कि रहजी में तयार नहीं है
39:27obviously इरान के अंदर में भी दो गुट्तो है वो गुट्तो अमेरिका में भी है वो गुट्तो इसरायल में भी
39:33है
39:33हर जगे गुट्बंदी होती है वो permutation combination तो होता होता है लेकिन इरान अभी तक अब तो कह रहा
39:40है सिदे सिदे
39:41कि आप हॉर्मुझ में interference बंद करो तब ही हम बातचीत करेंगे दूसरी तरह राश्पती ट्रम कह रहे हैं कि
39:48जी हम तो अब फिर से
39:49दस दील कर लिया अब तुम नहीं मान रहे हो तो हम अटैक करेंगे तो इतनी आसानी से मुझे लगता
39:55है ये अभी मामला सुलजने का नहीं है जैसे एक Korean War में 1952 में
40:01दो साल 53 तक लड़ाई चली थी और साथ साथ बातचीत भी चलती रहे थी वैसा ही मुझे लगता है
40:09कि ये लंबी बातचीत का दौर होगा छोटे मोटे जगड़े होते चलेंगे और लंबे रेस का घोड़ा में कौन जीतेगा
40:17या कौन हड़ेगा ये बाद की बात है सबसे मे
40:19दुनिया को एक रहात मिले उड़ जा संकट से जो त्रही माम मचा है जो आर्थिक महामारी इतनी बड़ी है
40:26उससे रहात मिले ऐसी हमारी सुभकामना है हर कोई चाहता है हर देश चाहेगा
40:32बिल्कुल करनल इसके मलिक सर डॉक्टर रस साब आप दोनों को बहुत शुक्रिया वर इंडिया के साथ आप जुड़े आपने
40:37बहुत ही महात्पूर बाते हमें दर्सकों को बताई हैं इस तनाव से जुड़ी हुई इस दुड़ी हुई पबिश में क्या
40:41कुछ हो सकता है आ
40:57अवाम तरह की बाते हो रही है इरान कह रहा है कि सारा नियंतरन मिरा होगा मेरे बताए रास्तों से
41:01व्यापारिक जहाजों का आवागमन होगा ट्रंप कह रहे हैं कि नहीं हम कंट्रोल करेंगे सब कुछ क्योंकि हमीं करते करने
41:08की हमीं खौहिश रखते हमारे पास यसी ताकत
41:10है ऐसा ट्रंप का कहना है देखते हैं आगे क्या कुछ होता है जो भी नहीं अपडेट आएगी इस तनावस
41:14जुड़ी हुई लगातार आपको वन इंडिया पर मिलती रहेगी फिलहाल तक के लिए इतना ही कल फिर आपसे मुलाकात होगी
41:19बहुत धन्यवाद
41:22subscribe to one India and never miss an update
41:27download the one India app now
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