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  • 17 minutes ago
आखिरी Instagram पोस्ट के बाद कहां गायब हुई बबीता? उत्तरकाशी की गुमशुदगी बनी पहेली

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00:00नमस्कार मैं हूँ शम्स ताहर खान और आप देख रहे हैं वारदात
00:0324 साल की M.B.A. स्टूडेंट बबीता पांडे का 41 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिला
00:10बबीता को तलाश करने की तमाम कोशिशे नाकाम होने के बार
00:14पुलिस ने भी सर्च उपरेशन रोक दिया है खासकर उस जगे पर जहां से बबीता 29 माई को गायब हुई
00:21थी
00:21अब पुलिस ने बबीता की तलाश का दाएरा बदल कर उसे रिशिकेश, हरिदवार और नैनी ताल में ढूंडने की कोशिश
00:29शुरू की है
00:37क्या क्या कोशिशे नहीं की
00:42क्या क्या तरीका नहीं अपनाया
00:50कैसे कैसे और कहा कहा नहीं ढूंडा
00:56किन किन चीजों से नहीं ढूंडा
01:01पूरे महीने भर जील, नदी, पहाड, जंगल, पस्ती, सब छान मारा पर कोई फायदा नहीं
01:1441 दिन हो चुके हैं पर 24 साल की MBA स्टुडेट बविदा पांडे का कोई सुराग नहीं मिला
01:21अब तो आलम यह है कि पुलिस प्रशासन ने भी एक तरह से हाथ खड़े कर लिया
01:26जिस जगह से 19 मैं को बविदा गायब हुई थी, उस पूरे इलाके की तलाशी है सर्च आउपरेशन पूरी तरह
01:34से लगढग अब रोग दिया गया है
01:36अलबता इस्थान ये लोगों को अब भी पुलिस ने हिदायत दे रखी है कि कहीं से भी बविदा का कोई
01:43सुराग मिले तो पुलिस को बताएं
01:46बविदा को ढूंडने की एक आखरी कोशिश के तहट पुलिस परशासन ने दैयारा बुग्याल की उस जील को भी पूरी
01:53तरह सुखा दिया
01:54जिस जील में बविदा के ढूबने का अंदेशा था
01:57लेकिन उस खाली जील से भी बविदा के बारे में कोई सुराग नहीं मिला
02:02अब दैयारा बुग्याल से बाहर निकल कर उत्राखंड पुलिस बविदा को रिशिकेश, नैनीतार और दूसरी जगों पर भी तलाश रही
02:11है
02:12इस उमीद में कि अगर बविदा दैयारा बुग्याल में नहीं है तो शायद कहीं और मिल जाए
02:17बविदा की तलाश में उत्राखंड पुलिस ने आजपास के सारे अपराधियों तक की कुंडली खंगाल डाली
02:24कईयों को उठा कर पूचताज भी ती पर यहां भी कोई सुराग नहीं मिला
02:30पूचताज सभी संबावित आपराधिक पेवलों की भी गंबीरता और सभी संबेदन सीलता के साथ जांस की जा रही है
02:54इस बीज कुछ मीडिया और सोशल मीडिया पर बवीता को लेकर कुछ गलत खबरे भी पहलाई जा रही है
03:00उत्राखन पुलिस ने ऐसे लोगों को आगाह किया है कि वो अफवाह न पहला है
03:07बवीता पांडे गुमसुदगी प्रक्रण में सोशल मीडिया के विविन प्लेटफॉर्म पर कुछ ब्यक्तियंद्वारा ब्रहमक अपुस्ट एबं तत्यहीं जानकरी प्रसावित कर
03:16आम जन में भ्रहम के स्थिती उत्पन की जा रही है
03:19उत्रकासी पुलिस सभी नागरिकों से अपील कर दिये कि ऐसी अववाह एबं अप्रमान अप्रमान सोचनाओं पर विश्वास न करें तथा
03:28उन्हें साजा करने से बचें
03:36उत्राखन की राजधानी 13 दून से 144 किलोमेटर दूर ये है दयारा बुग्याल ट्रेकिंग के दिवानों की पसंदीदा जगों में
03:46से एक
03:48चारों तरफ उचे उचे पहाणों से घिरे इस दयारा बुग्याल तक पहुचने के तीन सबसे एहन रास्ते हैं
03:56ये तीनों रास्ते तीन गाउं से होकर गुज़रते हैं बर्शु, रैथल और नट्लीम ये रैथल गाउं है
04:0929 माई को 24 साल की MBA स्टुडेंट बबीता पांडे अपने दो दोस्तों हर्मन पाल सिंग और हर्मन प्रीट सिंग
04:17के साथ
04:17इसी रैथल गाउं के रास्ते दयारा बुग्याल पहुची भी
04:25ट्रेकिंग का पहला दिन था, रात होने से पहले तीनों एक टेंट में रुगे
04:29लेकिन साड़े बारा बजे के बाद बबीता अचानक गाइब हो गए ऐसा गाइब हो जए उसका कोई सुराग नहीं मिला
04:36अगर बबीता गाइब हो गई है तो गुम होने के सुराग क्यों नहीं मिल रहे
04:43अगर बबीता को किड्नैप किया गया है तो किड्नैपिंग के सबूत क्यों नहीं मिल रहे हैं
04:48अगर बबीता को जानवर उठा ले गये तो जानवरों के उठाने के कोई निशान क्यों नहीं मिले हैं
04:54अगर बवीता का गतल कर दिया गया
04:56तो इसकी मौत के भी कोई सुराग और सबूत क्यों नहीं मिले
05:00यानि न बवीता के जिन्दा होने के सबूत मिले न मुर्दा होने के
05:08तो फिर सवाल है कि बवीता को पहाड खा गया या जंगल निगल गया
05:13और बस यही वो चीज है जिसके बाद अब दबी जुरावान में लोग बबिता की गुमशुदगी को परियों से जोडने
05:20लगे
05:21कहने वाले कह रहे हैं कि बबिता अब कभी नहीं लोटेगी क्योंकि उसे परियां ले गई
05:27उत्राखंड में रहने वाले लोग परियों का मतलब अच्छी तरह जानते हैं
05:35ये बबीता के भाई हर्शित पांडे हैं
05:37इतने दिन बीट जाने के बाद भी जब बहन का कोई सुराग नहीं मिला
05:41तो रिष्टेदारों और दोस्तों के कहने पर ये भी गाउं के लोग देवता के पास पहुँचे
05:47हर्शित ने आज तक को फोन पर बताया कि लोग देवता ने उन्हें यहीं बताया कि बबीता को परियां लेगा
05:53बकॉल हर्शित लोग देवता का कहना था कि जो लोग हल्ला गुल्ला मचाते हैं या अकेली होते हैं उन्हें परियां
06:01अपने साथ ले जाते हैं
06:02पर क्या वाकई ये सच है हमने इस सिल्सले में जब उत्राखंड पुलिस से बात तो उनका कहना था कि
06:08कानून इन सब बातों को नहीं मानता लेकिन यहां लोकल लोग परियों की कहानी को सच मानते हैं
06:16अब बड़े बढ़े बुच्छारो कि शुब जाओ कि ऊपरियों के रध चल रहे हैं और हम प्रतिएक
06:24परसी हैं हमारे कानों में आवाज आती थी रथ चलने की और बिलकुल घंटियों के आवाज आती थी जो कि
06:30दस साल बाद भुजवासा में भी सुनाई देती थी और वो केवल गंगा इस्नान के लिए आती थी
06:55अब सवाल यह कि इन परियों का सच है क्या दयारा बुजवाल में 29 माई को जिस कैंप में बवीता
07:01रुकी थी
07:02चा वहाँ भी परियों का बसेरा था वैसे आपको मजाख लगे लेकिन यह सच है कि खुद उत्राखंड सरकार ने
07:09टेहरी के खैंट परवत और आसपास के इलागों को परियों का देश घोशित कर रखा है वो भी लिखित है
07:16यह बोर्ड उसी उत्राखंड प्रशासन का है दे
07:31से उत्राखंड सरकार की तरफ से घोशित परियों के इस देश यानि खैंट परवत की दूरी 167 किलो मिटर है
07:39लोग कथाओं को सच मानने वालों का कहना है कि परियां सिर्फ उन लोगों को उठा कर ले जाती है
07:45जो इन परवतों पर शोर मचाते हैं हंगामा करते हैं चत्कीले
07:49कपड़े पहनते यहां कर गन्नगी पहलाते पहाड़ी जबान में परियों को आच्री और आच्री भी कहा जाता है
07:59जो दार्मिक मानताई एंट आजबी यहां पर परियां वास करती है यह परियों का देसिसी ले कहाजाता जाते है
08:18तो इसमें आज भी हम और हमारे गाउंवासी हमारे गाउं से खैट परवत में परियां बिचरण करते वे दिखाई देती
08:27हैं नासते वे दिखाई देती हैं सफेद वस्तर में साथियों वहां परवास्ता में आज भी परियां वास करती है ऐसी
08:34कई लोगों के साथ यह गटना य
08:46जो आछ्षी है उन्होंने कुछ हमें संकेत दिये क्योंकि हमने वहां पर बिना देखे तो हम विश्वास नहीं कर पाते
08:51कि सच्मुञध है की नहीं है।
08:53वो भगवती ने हमें कुछ चीज़ें ऐसी बताई है या फिर हमने वहाँ पर देखा है चोटी चोटी चीज़ें को
08:57हमने सच मुझ मैसूस किये वहाँ जी वहाँ पर
09:02यू तो पूरे उत्राखंड में परियों की कहानी आम है लेकिन लोगों का मानना है कि परियों का असली निवास
09:08यानि परियों का देश तीड़ी गड़वाल के इस खैंड परवत पर है
09:12खेंट परवत की लोग कथाओं के मुताबिक प्राचीन काल में इस्थानी राजा आशारावत की नो बेठियां थी जिनके पास दिव्वे
09:21शक्ती थी बाद में यही नो बेठियां यानि नो बेहने परियां बंदे
09:26याज भी इसी खैट परवत की नो चोटियों पर रहकर गाउवालों की हिफाज़त करती है
09:31इस्थान ये लोगों का मानना है कि परियों को शोर शराबा, तेज संगी और चट्कीले कपड़े पसंद है
09:38और जो भी इन परवतों पर इन नियमों को तोड़ता है, वो उसे उठा कर ले जाती है
09:43या आने वाले को बाकाइदा ये बाते पहले से बताई जाती है
09:48परताब नवर बिदान सभा के खैट परवत की, जो कि परियों के देश के नाम से भी जाना जाता है
09:54बहुत अच्छा परशिद्ध तिर्थिस्तल है
09:58और जो जो साथी यहां पर गए हैं, जो जो जो जो जनों ने यहां पर जाने का परियास किया
10:03है
10:03तो जब मंदिर उपर पहुंचे हैं तो उन्हें अइसास है, उन्हें अनभव है
10:09वह एक हैसास होता है कि आध्यात्मी के एक ऐसी वाइपस वहां से निकलती है
10:13कि लगता है कि वाके ही हम मा भगोती के गोद में हैं
10:17आच्री, मांत्री जिनका वो इस्थान है, उसकी गोद में बैठे वे हैं
10:22तो ये आच्री और मांत्री जिनको आच परियों के नाम से भी जाना जाता है
10:27उनका भी एक अलाग इतियास है, बाल या अवस्ता में ही इनको हर लिया गया था, बेहने थी आपस में
10:33सभी
10:34जिस जगह से बबीता गाइब हुई और जो चश्मदीद है, जिन्होंने आखरी बार बबीता को देखा
10:40उनका कहना था कि रात बारा से साड़े बारा बजे के दरमयान बबीता अकेली कैम के बाहर बैटकर मॉबाइल पर
10:48गाने सुन रही थी
10:49गाने की आवास काफी तेज थी, जिस पर कैम्प में मौजूद स्कूली बच्चों के टीचर ने बबीता को टोका भे
10:56और उसे कहा कि रात ज्यादा हो रही है, वो जाकर सो जाए
11:00अब गौँवालों ने इसी बात को पकड़ कर ये कहना शुरू कर दिया, कि बबीता ने परियों के नियम तोड़े
11:06और इसलिए उसे परिया उठा ले गए
11:09लेकिन जहां तक पानून और पुलिस की बात है, तो वो अब भी बबीता की तलाश में लगातार अपनी मुहीं
11:15चला रहे है
11:17जस मलेरी थाने में बबीता की गमसुद्वी की रिपोर्ट दर्ज है, उस थाने के इंचार्च दीपक नौटियाल ने आज तक
11:24को बताया
11:25कि बबीता की तलाश के लिए अब नई टीमों को उन इलाकों में भेजा जा रहा है, जहां बबीता के
11:31होने की उम्मीद हो सकती है
11:33दीपक नौटियाल के मताबिक फासतार पर दैयारा बुग्याल के करीब के तीन बड़े गाउं, रैथल, नतीय, और बरसू और उसके
11:41इर्दगिर्द के पहाड और जंगलों के चप्पे चप्पे को छाना गया
11:48अब तक 40 से 50 किलोमीटर दैयरे के अंदर पहाड, जंगल सभी का कोना कोना छान मारा, लेकिन कोई सुराग
11:56नहीं मिला
11:57तमाम गाउं के लोग भी बबीता की तलाश में तमाम एजन्सियों की मदद कर रहे
12:03यहां तक कि बक्राल यानि वो लोग जो गाय भैस, बक्री चराने, जंगलों और पहाडों की तरफ जाते हैं
12:09उनकी मदद भी ली जा रही है, इस पहलू से भी मामने की जाच की जा रही है
12:13कि कोई जानवर तो बबीता को उठा कर नहीं ले गया
12:18लेकिन अब तक उसके भी सबूत नहीं मिले, अगर ऐसा होता तो कम से कम जंगल या पहाड में ऐसी
12:24कोई भी निशानी जिनमें ववीता के कपड़े, चपड़, मोबाय या फोन की बूंदे नजर आते, लेकिन ऐसा कुछ नहीं पहाड
12:34और जंगलों के अलावा, पुलिस दैर
12:36बुग्याल को जाने वाले तमाम रास्ते, जहां जहां सीसी टीवी कैमरे लगे हैं, यानि बस्तियों, बाजारों, हाईवे, लौज, केस्टाउस, होटेल
12:44की भी परताल कर रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि बवीता खुद ही उस कैम से निकल कर
12:50कहीं और तो नहीं चली ग
13:05बवीता किसी कैमरे में कैमरे में कैम नहीं है, जैसा कि सभी को पता है कि बवीता पांडे 29 तारीक
13:12को रात 11.30 बजे से जैसे रिपोर्टिंग को यह मिसिंग है, तो उसमें जितने भी हमारे एफोर्स थे, चाहे
13:22पुलिस हो, NDRFO, SDRFO, FOREST की टीम, NIM की टीम और जितने भी यहा
13:34चलाया, लगातार चलाया, और अभी भी थाना अस्तर पर जन्पत्लफ पुलिस अस्तर पर वो झटेस को जा से भी टीम
13:43होई थी. उसकी निग्रान ही हम लगातार कर रहे है, इधर से हमारा Moi Sun UTSU का जो बवाला सुनाशों
13:50को एफोर्चिवरी सिंग सीी
14:01भी हमारे जो CCTV अपने भी सरकारी भी और जो प्राइवेट भी लगे वे तो ये एक अलग से टीम
14:07जो है उनके वो अवलोकन के लिए लगी थी
14:11अब तक बबीता का मुबाइल फोन भी बरामत नहीं किया जा सका है
14:15बबीता के पास आईफोन था आईफोन से फोन की लोकेशन ट्रेस की जा सकती है
14:20उतरखन पुलिस ने इस सिलसले में एपल से भी मदद मांगी है
14:24ताकि ये पता किया जा सके कि बबीता के मुबाइल की आखरी लोकेशन कहा थी
14:29बबीता के दोस्तों के मताबिक 29 माई की रात जब वो लोग कैम्प में पहुँचे थे
14:34तो बबीता ने फोटो खींचने के लिए पहले से ही अपना मुबाइल 100 फीसदी चार्च कर रखा था
14:40जब वो कैम्प के बाहर रात को निकली तब भी 55 फीसदी पैंट बची हो थी
14:48पुलिस के मताबिक बबीता के साथ ट्रेकिंग पर गए उसके दोनों दोस्तों से लगातार पूछताच की गए और अभी वी
14:55की जा रही है
14:56लेकिन उनसे भी ऐसा कोई सुराग या सबूत नहीं मिला जिससे शक हो कि बबीता की गमशुदगी में इन दोनों
15:03के हाथ है
15:04दोनों की बातों को कई बार क्रॉस चेक भी किया गया पर उनकी हर बार सही साबित थी
15:10इसलिए दोनों को अब तक गिरफतार भी नहीं किया गया है
15:13उधर बबीता के भाई हर्षित के मताबक उन्हें बबीता के गायब होने की खबर 30 मैई के शाम 5 बजे
15:20मिली थी
15:20बबीटा के दो दोस्तों में से
15:22एक हर्मन पाल ने फोन कर
15:24पहली बार उन्हें बबीटा के गाइब होने की जानकारी थी
15:27हर्शित के मताबक वो हर्मन पाल
15:30और हर्मन प्रीट से कई बार बात कर चुके हैं
15:33उन दोनों ने जो बताया
15:34उसके मताबिक 19 मैं की रात 11 वजे वो कैम्प में थे
15:38बबीता कैम्प के बाहर तहलने चली थे
15:40फिर दोनों सो गए सुबह देखा तो बबीता गायब
15:44तीनों कार से रेथल गाउं तकाय थे
15:46और कार गाउं में ही छोड़ दी थी
15:48तीनों के बाकी बैग और सामान कार में ही थे
15:51बबीता का बैग भी अगले दिद उसी कार में ही मिला
15:55हर्शित ने बताया कि पुलिस उसके परिवार को लगातार बबीता के सर्च ओपरेशन की जानकारी दे रही है
16:01पुलिस की एक टीम रामनगर और नैनीताल में बबीता को तलाशने जाने वाली है
16:06तरसल बबीता ने नैनीताल की ही डियेवी स्कूल से पढ़ाई की थी
16:11इसके बाद वो ओनलाइन एम्बिया का कोर्स कर रही थी
16:14साथी कुछ वक्त पहले तक दिल्ली में जौब भी कर रही थी
16:18गंसाली से पंकड भट और नैनीताल से लीला सिंग बिस्त के साथ
16:22ओंकार बहुगरा उत्तरकाशी आज तक
16:29बबीता पांडे 19 माई को अपने दो दोस्तों के साथ ट्रेकिंग पर गई थी
16:34लेकिन उसी राद गायब हो गई
16:36खुद उत्तरकंड पुलिस हैरान है कि इतने बड़े सर्च आपरेशन के बावजूद
16:40बबीता का एक भी सुराग क्यों नहीं मिला
16:43हलाकि इस दोरान लोकल पुलिस अंगिनर टी में और कई अजेंसियों को बबीता की तलाश में लगाया गया
16:53उत्रकंड की वादियों में बसा ये है ट्रेक दयारा बुक्या
16:57तक्रीबन 21 किलोमीटर लंबे इस ट्रेक को नापने के लिए दुनिया भर के 20 यों परियाटक हर साल उत्रकंड के
17:04उत्तरकाशी जिले में पहुँचते हैं
17:06और इसे पूरा करने में तक्रीबन 4-5 दिनों का वक्त लगता है
17:10रामनगर की रहने वाली 24 साल की MBA स्टूडेंट बबीता पांडे ने भी अपने दो दोस्तों के साथ इसी एडवेंचर
17:18की तलाश में उत्तरकाशी के इस दयारा बुग्याल ट्रेक तक पहुँची थी
17:24तारीक थी 29 मई लेकिन अभी उनकी ट्रेकिंग शुरू ही हुई थी कि बीच रास्ते से बबीता ऐसे गायब हो
17:32गई कि उसकी गुमशुद्गी अब एक पहली बन चुकी है
17:37बबीता के गायब होने के बाद अगर पीछे कुछ बचा है तो वो है बबीता का एक बैग जिसे लेकर
17:43वो ट्रेकिंग के लिए गई थी
17:44और यह आखरी CCTV फुटेज जो 28 मई को दिन में उत्तरकाशी के एक होटल के बाहर रिकॉर्ड हुई
17:51इस CCTV फुटेज में बबीता अपने दो दोस्तों के साथ दिखाई दे रही है
17:57बबीता का दूर दूर तक कोई सुराग नहीं है
18:02सवाल है आखिर उसके साथ क्या हुआ वो कहां चली गई
18:07आखरी बार उसे कब और किसने देखा
18:10क्या वो अपनी मर्जी से कहीं गई
18:12या फिर उसकी गुमशुदगी के पीछे कोई और वज़ा है
18:17फिलाल आईए उसके ट्रेकिंग के लिए घर से निकलने से लेकर
18:20गायब होने तक की इस पूरी कहानी को
18:23एक बार सिलसिलेवार तरीके से समझने की कोशिश करते हैं
18:28बबीता 25 मई को उधम सिंग नगर से अपने दो दोस्तों के साथ निकली थी
18:32इसके बाद वो अलग-अलग जगहों से घूमती हुई 28 मई को रेथल गाउं पहुची
18:38ट्रेकिंग पर जाने से पहले बबीता ने घरवालों को बताय था
18:41कि वो अपनी कुछ फीमेल फ्रेंड्स के साथ ट्रेकिंग पर जा रही है
18:45चुकि बबीता पहले भी कई बार ट्रेकिंग पर जा चुकी थी
18:49घरवालों ने उसकी स्ट्रिप पर कोई भी ऐतराज नहीं किया
18:53मगर सचाई कुछ और थी
18:55बबीता लड़कियों के साथ नहीं बलकी दो लड़कों के साथ ट्रेकिंग पर गई थी
19:00और उसका सबूत उसकी गुमशुदगी के पहले के ये आखरी CCTV फुटेज है
19:05इन में वो एक होटल के बाहर गाड़ी से उतरती हुई और कहीं जाती हुई नजर आ रही है
19:10यहां बबीता के साथ दो लड़के भी देखे जा सकते हैं
19:14असल में उधम सिंग नगर से निकल कर बबीता अपने इनहीं दोस्तों के साथ गाउ रेथल पहुची थी
19:19और यहां से तीनों ने ट्रेकिंग की शुरुआत करते हुए गोई तक अपना सफर पूरा किया
19:25गोई के बाद ही असली ट्रेकिंग शुरु होती है
19:28जानकारी के मताबिक बबीता और उसके दोस्तों ने गोई के पास ही एक टेंट लगाय था और रात को वहीं
19:34रुके थे
19:34ये पूरा इलाका जंगलों से घिरा है लेकिन सुवा होने पर जब बबीता के दोस्तों की आँखें खुली तो उन्होंने
19:42देखा कि बबीता गायब है वो टेंट में नहीं थी हलंकि बबीता का बैग टेंट में ही रखा था
19:48बविता को गायब देखकर पहले तो उसके दोस्त खबरा गए और फिर उन्होंने पुलिस को इसकी खबर दी
19:54बविता को आखरी बार देखने वाले उसके दोस्तों ने पुलिस की पूछताच में ये स्विकार किया है
19:59कि उस रात वो दोनों टेंट लगाने के बाद शराब पीने लगे थे
20:04जिसके बाद बबीता कुछ देर के लिए टेंट से बाहर निकल गई थी
20:07चुकि वो शराब के नशे में थे इसलिए उनकी आँख लग गई
20:11और उन्हें बबीता का ख्याल ही नहीं रहा
20:14लेकिन जब अगले दिन उनकी आँख खुली तो बबीता गायब मिली
20:17बबीता सिर्फ एक चपल पहने हुए अपने मोबाइल फोन के साथ
20:22टेंट से बाहर निकली थी और गुम हो गए
20:26पुलिस को बबीता की गुमशुदगी की जानकारी तीस में की रात को मिली
20:29चुकि यह इलाका जंगली है और यहां जंगली जानवरों की भी मोजुदगी है
20:34पुलिस ने लड़की को अपने तौर पर ढूंड में के साथ साथ
20:37उसकी गुमशुदगी के बारे में वन विभाग को भी सूचित किया
20:41और तलाशी अभियान में कई और महकमों की मदद लिए
20:44यहां तक कि पुलिस ने बबिता के पोस्टर वगरा बना कर भी आसपास के इलाकों में सर्कुलेट किया
20:49ताकि अगर किसी को उसके बारे में पता हो तो वो पुलिस को बताएं
20:55लेकिन पुलिस की इसकोशिश का भी कोई असरदार नतीजा अब तक सामने नहीं आया है
21:00अब सवाल यह है कि आखिर बबिता की गुमशुदगी के पीछे क्या-क्या संभावित वजह ही हो सकती है
21:06तो तफ्तीश में पुलिस उन सारी वजहों को एक्स्प्रोर कर रही है
21:23तीसरा यह कि वो टेंट के बाहर निकली हो और कोई जंगली जानवर उसे उठा ले गया हो
21:28और चौता यह कि वो या तो जंगलों में रास्ता भटक गई हो या फिर उसके साथ कोई और अन्होनी
21:35हुई
21:35जिला प्रशासन ने गोई के पास मौजूद एक जील की गहराई को नापने का फैसला किया
21:40और इसके लिए खास तोर पर गोताखोनों की टीम बुलाई गई
21:44वैसे भी अगर खुदा नखास्ते बबिता किसी जंगली जानवर का शिकार बनी होती
21:48तो फिर उसके कुछ न कुछ निशान अब तक की तलाशी में जरूर नजर आ गई
21:53ऐसे में अब ये शक होने लगा है कि कहीं बबिता गलती से पानी में तो नहीं गिर गई
21:59इसी के बाद लगभग 9 फीट गहरे इस जील को भी खंगाला गया
22:04लेकिन बबिता का कोई सुराग नहीं मिला
22:06अब जब बबिता की तलाश शुरू हुई तो पहले ही कदम पर शासन प्रशासन और खासकर उत्तरकाशी के परेटन विभाग
22:14की घोर लापरवाही
22:15और परेटन के नाम पर चल रही धंदेबाजी का खुलासा हो गया
22:19असल में ट्रैकिंग के लिए जाने वाले हर परेटक के बारे में एक्स्प्लोर उत्तरकाशी नाम की एक वेबसाइट में पहले
22:26से ही जानकारी दर्ज करवानी होती है
22:28ताकि परेटन विभाग के पास हर सैलानी की खबर मौझूद रही
22:32लेकिन जब बबिता की गुमशुदगी के बाद परेटन विभाग ने अपने तोर पर उसका बेवरा खंगालना शुरू किया
22:38तो देखा की बबिता और उसके नाम से तो उनके डॉकुमेंट्स में कोई एंट्री ही नहीं है
22:43और जो एंट्री हुई भी है वो फर्जी है
22:48फिलहाल डॉकुमेंटेशन के नाम पर फर्जी वाड़ा करने वाले ट्रैवल एजनसी का लाइसेंस परेटन विभाग ने सस्पेंट कर दिया है
22:55लेकिन ये भी सच है कि इस फर्जी वाड़े के बाद एक लड़की गायब है और उसका कोई पता ठिकाना
23:01किसी के पास है
23:03फिलहाल बवीता के घरवाले इस उम्मीद में हैं कि आने वाले दिनों में बवीता का कोई पता चले और ये
23:09इंतजार खत्म को
23:10बवीता दो भाईयों की इकलौती बहन है और घरवाले उसकी गुमशुगी से सदमे में है
23:17नैनिताल से लिला सिंग बिष्ट के साथ ओंकार बहुगुणा उत्तरकाशी आज तक
23:25तो वारदात में फ़ला इतना ही मगर देश और दुनिया की बाकी खपरों के लिए आप देखते रहें आज तक
23:31आज तक तेश का सरवश्रेश्ट न्यूज जर्ल
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