00:00आशा शुकला जुदिया को भगवान जगनात की 52.3.720 वी रधियात्रा राजगर तस्वे से निकानी है।
00:09विगत एकसुबहतर वशों में भगवान जगनात की रधियात्रा का ये की प्रारपिक उपूर है।
00:16एकसुपिचाणवे वर्ष पुराणा भगवान जगनात का जरोड़ वीवी दूपी विमान आज पूनुक से दूपूर रष्टर है।
00:23रधियात्रा का प्रारंब सर प्रतम एशो तासी महाराज जो इस जगनात मंदिर की प्रतम मेंत्वी थी।
00:31उनके द्वारा अठारतों बच्पन में अलवर नरेश के सेयोग से ये जगनाती की रष्टरा प्रारंब भी जगनाती की रष्टरा में
00:40बेंट, पाइटन, गोड़े, खाती, प्रारंब भी गूचने थे।
00:44लेकिन समय के परिवर्टन के साथ इस नया रूप रष्टरा को मिलाएं।
00:48आज रष्टरा को एक सुबैस्तर साल हो रहे हैं और जगनात पुरी के तरश पर गवान जगनात की रष्टरा पूरी
00:57परंपरा का दिर्वेंट टड़ए निकाले जाती है।
00:59जगनात पुरी के बाद पूरे भारत में अल्वर जिली की राज़र देशिता दिर्वेस्तान हैं जो पूरे भारत में एक एधियासिक
01:06और भावन परपरा सथा धर्म सनातन को जोड़ने वारी है।
01:11पीस जुलाई को बगवां जगनात और माधा जानकी का वरमाला मौसव का कारिकरम होगा।
01:16फेवी जुलाई को बगवाँ जगनात माधा जानकी के साथ विवार अचादत हैं।
01:21उन्हें जरूर रूपी विवान पर रिराज़िमान होकर शरी मंदिद पर दारी है।
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01:26government
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01:58Thank you very much.
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