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The Ram Mandir donation controversy has taken a fresh turn after former General Secretary Champat Rai broke his silence and Trust Treasurer Govind Dev Giri clarified his role in financial matters. In this video, we explain the complete timeline, their statements, the ongoing SIT investigation, and what is officially known so far. Watch this detailed report for verified facts, key developments, and the latest updates on the Ram Mandir donation case.

राम मंदिर दान विवाद में बड़ा मोड़ आया है। पूर्व महासचिव चंपत राय ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है, जबकि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने बैंक खातों और वित्तीय जिम्मेदारी को लेकर अपना पक्ष रखा है। इस वीडियो में जानिए पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन, दोनों नेताओं के बयान, चल रही SIT जांच और अब तक सामने आए आधिकारिक तथ्यों को आसान भाषा में। देखिए पूरी रिपोर्ट और समझिए इस मामले की पूरी कहानी।

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00:00राम मंदिर
00:01करोडो शधालू की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र
00:05लेकिन अब इसी मंदिर के दान को लेकर उठे सवालों ने पूरे देश का ध्यान अपनी और खीच लिया है
00:10सबसे पहले चोरी की खबर आई फिर गिरफतारी हुई और उसके बाद एसाइटी की जाच शुरू हो गई
00:16और अब दो बड़े चहरे सामने आकर अपनी अपनी सफाई दे रही है
00:20एक तरफ ट्रस्ट के पूर्व महासची चंपत राय तो दूसरी तरफ ट्रस्ट के कोशा अध्यक्षिस्वामी गोविन देव गिरी
00:28लेकिन आखिर किस की क्या जिम्मदारी थी और कौन क्या कर रहा था
00:33आई समझते हैं इस पूरी कहानी को शुरू आट से
00:35नमस्कार मैं हो जस्वी कोशेक और आप देख रहे हैं वनिंजिया हिंदी
00:40अयोध्या की श्री राम जन्म भूमीतीत शेत्र ट्रस्ट से जुड़े दानविबाद में हर दिन
00:46कोई ना कोई नया बयान सामने आ रहा है
00:48ये मामला सिरफ कथे चोरी तकसीमित नहीं रहे गया बलकि अब ट्रस्ट के भीतर जिम्मेदारियों
00:54वितई व्यवस्था और जवाब देही पर भी सवाल उठ रही हैं
01:00वही दूसरी तरफ ट्रस्ट के वरिष्ट पद अधिकारियों ने भी पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है
01:07आज की इस रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे चंपत राएं ने अपनी चुपी क्यों तोड़ी
01:12गोविन देव गिरी ने स्तीफा देने से इंकार क्यों किया बैंक खातो और वितेय अधिकारियों को लेकर क्या दावा किया
01:19गया और आखिर इस पूरे विवाद में अभी तक क्या तत्थिर सामने आये हैं
01:24तो चलिए शुरू करते हैं पूरा मामला उस समय चर्चा में आया जब दानपात्रों की गिंती के दोरान कथित अनय
01:31मिताओ की बात सामने आये
01:32इसके बाद पुलिस ने कारवाई की कुछ लोगों की गिरफतारी हुई
01:36मामले की गंबीता को देखते हुए विशेश जाच डल यानी SIT का गठन किया गया
01:42जाच शुरूई और धीरे-धीरे सवाल ट्रस्ट के वरिश पद अधिकारियों तक पहुचने लगे
01:47देश भर में चर्चा होने लगी कि आखिर इतनी बड़ी विवस्ता में विताई जिम्मदारी किसकी थी
01:53या सिरफ नीचे के करमचारियों की गलती थी या फिर प्रशासनिक स्तर पर भी जवाब देई तैह होगी
02:00इसी बीच मीडिया की नजर ट्रस्ट के कोश अध्यक्ष स्वामी गोविन देवगिरी पर आई
02:05जब मीडिया ने गोविन देवगिरी से पूछा कि क्या वे नेतिक जम्मदारी लेते हुए स्तीफा देंगे
02:10तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मैं इस तीफा नहीं दूंगा
02:14उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर सीधे आरोप हैं उनके खिलाफ फुलिस कारवाई कर रही है
02:18उनका कहना था कि इस कतित वित्तही गड़बडी में उनकी व्यक्तिकत भूमिका नहीं थी
02:24यहीं से विवाद ने नया मोर ले लिया क्योंकि इसके बाद उन्होंने कुछ ऐसे दावे किये जिनकी चर्चा हर जगे
02:29होने लगी।
02:30ट्रस्ट की बैठक के बाद गोविन देवगिरी ने कहा कि वे अधिक तर समय यात्राओं पर रहते हैं।
02:35उन्होंने बताया कि महीने या डेड़ महीने में सिरफ एक बार अयुद्या आते हैं।
02:40इसके साथ उन्होंने कहा कि बैंट से जुड़े किसी भी बुक्तान या लेंदेन में उनके अस्ताक्षर नहीं होते थे।
02:46यानि उनका दावा है कि वे ट्रस्ट के कोशा अधिक्ष जरूर थे लेकिन रोज मरा के विताई संचालन और बैंकिंग
02:52प्रक्रिया में उनकी सीधी भूमिका नहीं थी।
02:55उन्होंने यहां तक कहा कि दानपातों के गिंती की पूरी प्रक्रिया उन्हें हाल ही में विस्तार से समझाई गई।
03:00इससे पहले उन्हें इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं थी।
03:04अगर उनके इन बयानों को देखा जाए तो उनका पक्ष यही है कि उनके पास पच जरूर था लेकिन विताई
03:09संचालन का वास्तविक नियंत्रण उनके पास नहीं था।
03:13अगर कि उनका पक्ष है इन दावों की पुष्टी या खंडन जाच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही सपष्ट
03:18हूँ।
03:18अब बात करते हैं उस नाम की जिस पर पिछले कुछ दिनों से सबसे ज़्यादा चर्चा हो रही है।
03:24पूर्ब महासेचीफ चंपत राय कहीं दिनों तक चुप रहने के बाद उन्होंने पहली बार सारवजनिक बयान चारी किया है।
03:31उन्होंने कहा कि 7 जून 2026 को दानपात्रों की गिंती के दौरान हुई कथे चोरी के बाद उनके खिलाफ लगातार
03:38आरोप लगाये जा रहे हैं।
03:40लेकिन उन्होंने अब तक जान भूच कर मोन रखा।
03:43क्यों? क्योंकि मैं चाहते थे कि जाच पूरी हो।
03:46उन्होंने कहा कि S.I.T. की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद बेहरारोप का क्रमवार जवाब देंगे।
03:52उन्होंने अपने बयान में लिखा कि उनका लगबग पे 45 वर्षों का सार्वजनिक जीवन एक कुली किताब की तरह है।
03:59उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका और जाच एजन्सियों पर पूरा भरोसा है।
04:03और अंत में जीत सत्ते की ही होगी।
04:05चंपतराहे ने अपने बयान में एक और महत्वपूर्ण बात की।
04:08उन्होंने कहा कि SIT की प्रारंबिक रिपोर्ट गोपने होनी चाहिए।
04:12लेकिन उसके कुछ हिस्से सार्वजनिक चर्चा का विशय बन गए।
04:16उनका कहना है कि इससे कहीं तरह की अटकले और अफ़ाहे फैल रही हैं।
04:21हाला कि ये भी आद रखना जरूरी है कि अभी तक SIT की अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है।
04:26इसलिए किसी भी प्रारंबिक जानकारी को अंतिम निशकर्श्म नहीं माना चाह सकता।
04:30अब यहाँ सबसे बड़ा सवाल यही है।
04:32अगर गोविन देव गिरी के अनुसार बैंक हातों पर उनके हस्ताक्षर नहीं होते थे।
04:37और अगर चंपत राय जाज पूरी होने तक जवाब देने की बात कर रही हैं।
04:42तो आखिर मंदिर के विताई संचालन की जिम्मेदारी किस के पास थी।
04:45कुछ मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि प्रशासनिक और वित्ताई कामकाज में पूर्व
04:51महासचीव की महत्वपूर भूमिका थी।
04:54लेकिन ये बात अभी जाज के अंतिम निशकर से प्रमाडित नहीं हुई है।
04:59यही कारण है कि इस समय किसी भी व्यक्ति को दोश या निर्दोश गोशित करना उचित नहीं होगा।
05:05जाच जारी है और अंतिम तस्वीर अभी सामने आनी बाकी है।
05:08अब सबकी नजर एस आईटी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
05:11यह रिपोर्ट तै करेगी कि क्या मामला केवल कुछ करमचारियों तक्सीमित था।
05:15यह जिम्मेदारी उचे स्तर्ट तक भी जाती है।
05:18क्या ट्रस्ट किये कारे प्रणाली में बदलाव की जरुरत होगी।
05:22क्या जवाब दे ही तै होगी।
05:24और क्या शधालों के मन में उठे सवालों का जवाब मिल पाएगा।
05:27इन सबी सवालों का जवाब आने वाले समय में जरूर मिलेगा।
05:30फिलाल इस पूरे मामले में दो बाते तो बिलकुल साफ हैं।
05:33पहली जाच अभी पूरी नहीं हुई है।
05:35दूसरी दोनों प्रमुक पक्ष अपनी अपनी सफाई दे चुके हैं लेकिन अंतिम फैसला जाच और कानून की अधार पर ही
05:41होगा।
05:42अब सबसे बड़ा सवाल फिर वही है कि SIT की अंतिम रिपोर्ट इस पूरे विवात की दिशा बदल देगी और
05:48अगर उसमें बड़े खुलासे हुए तो क्या ट्रस्ट की कारे प्रणाली में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
05:54इस मामले से जुड़ी हर बड़ी अपडेट आपके लिए हम लाते रहेंगे। जुड़े रहे हमारे साथ।
05:59नमस्कार आप देख रहे हैं One India Hindi
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