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राम मंदिर से चढ़ावा चोरी की चौकाने वाली दास्तान, देखें कहानी में
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00:15मस्कार में हूं नेहा बाथबर आप देख रहे हैं कहानी 2.0
00:18कहते हैं भगवान के दर्बार से कोई खाली हांत नहीं लोटता
00:22शायद यही वज़ा है कि करोडों शरधालू अपनी पहली कमाई
00:26अपनी मननत अपना सोना चांदी और अपनी शरधा भगवान के चरणों में अलपित कर देते हैं
00:32लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि मंदिरों में चड़ाया गया यह जड़ावा आखिर जाता कहा है
00:37किस मंदिर में सबसे दान आता है कौन रखता है धन का हिसाब और करोडो अर्बो रुपे आखिरकार खर्च कहा
00:45होते हैं आज कहानी देश के सबसे सम्रिद मंदिरों के चड़ावे की
01:07का विधान है राम भारत की चेतना है राम भारत का चिंतन है राम भारत की प्रतिष्टा है राम भारत
01:16का प्रताब है राम प्रभा है राम प्रभाव है राम नेती भी है राम नीती भी है राम नित्यता भी
01:26है राम निरंतरता भी है राम विवु है विशद है राम व्यापक है �
02:05विश्वात्मा है
02:06तो लिजाकर गोली मार देते उसको मामला खता हो जाता वलती उन्होंने कि उसमा बखा ही देश भरके जन्ता ने
02:12घरगर से 10-10-5 पास रुपया दिया है राम मंदिर के लिए उनका हिसाब तो मिलना चाहिए अक्साय लूट
02:18लिया करोड़ रुपया है कहा गया इसने लिया यह �
02:24अगर भगवान मानते ही लोग तो कभी चड़ावे की चोड़ी नी करते हैं वानिय मुक्वंतिज पर भरोसा है शायटी पर
02:31भरोसा है कि दूद का दूद पानी का पानी होगा आज हमारी पर जो आरोप तग रहे हैं 50 तरोर
02:36की संपत्ति को सब में रखा है यह प्रकरण पूर
02:44किसी भी आरोपी से हमारी कुछ भी सहनुभूती नहीं है उनको दंड मिलना चाहिए
03:15राम दला के चड़नों में चढ़ाया जाने वाला दान सिर्फ पैसा नहीं होता वलकि करोणों और शधालों की आस्था
03:22विश्वास और शधा कर प्रतीक होता है इसलिए उसे जुड़ी हर बात लोगों के लिए माइने रखती है पिछले कुछ
03:29दिन से राम मंदर ट्रस की आमदनी खर्च सुरक्षा व्यवस्था और कामकाज को लेकर लगातार चर्चा हो रही है अब
03:36हर कोई जानना चाहता है कि �
03:37आकर ये पूरा मामला क्या है अगर चरहावे में सच्छ मुझ कोई गड़बडी हुई तो वो कैसे हुई इतनी कड़ी
03:44सुरक्षा और निग्रानी की बीच ऐसा होना कैसे संभा हुआ
03:53जहां हर सुबह सर्यों की लहरों के साथ आस्था का नया सुर्योदय होता है
04:06जहां हर गली, हर घाट और हर मंदिर में राम का नाम गुंजता है
04:20जहां करोणों शद्धालों की शद्धा हर दिन राम लला के चाड़ों तक पहुँचती है
04:33जहां इत्यास, आस्था और आध्मिक्ता एक साथ दिखाई देती है
04:45जहां हर दीब सिर्फ रोश्नी नहीं, बलकि विश्वास की लौबन कर जलता है
05:00ये वही अयोध्या है जहां त्रेता युग में प्रभुश्री राम ने जन्म लिया
05:05और जहां उनके वनवास दिल लौटने की खुशी में पहली बार दीपों का सागर उमड़ा
05:18जब 14 वर्ष का वनवास पूरा कर भगवान, श्री राम, माता, सीता और लक्ष्मन अयोध्या लोटे
05:25तब पूरी नगरी में घी के दीब जलाकर उनका स्वागत किया
05:31उस रात अयोध्या सिर्फ रौशन नहीं हुई थी, बल्कि आस्था, प्रेम और विजय के प्रकाश से जगमगा उठी थी
05:42आज भी वही परंपरा हर साल दिपोत्सव में जीवन थोड़ती है
05:57लेकिन जिस अयोध्या की पहचान सदियों से आस्था, मर्यादा और राम के आदर्शों से रही
06:03आज उसी अयोध्या का नाम एक ऐसी विवाद में है जिसने करोडों शद्धालों को सोचने पर मजबूर कर दिया है
06:162024 बच्चिस में 327 करोड की कमाई, 153 करोड का चड़ावा, हर दिन 42 लाख रुपे, हर घंटे करीब 1
06:26,75 लाख और हर मिनट करीब 2,912 रुपे
06:33यह राम लला के दरबार में आने वाली उस आस्था की तस्वीर जो हर रोज करोडों दिलों से निकल कर
06:40अयोध्या पहुँचती है
06:44लेकिन अब इसी आस्था के पैसों पर सवाल उठ रहे हैं
06:50सवाल हिसाब का, सवाल सुरक्षा का, और सवाल भरोसे का
07:02चंपत राय जो सबसे बड़ा चोर है, जिसने जमीनों का घोटाला किया, जिसके नेत्रित में चड़ावे का घोटाला हुआ, दान
07:10का घोटाला हुआ, उसके खिलाप एफाईयार है की नहीं है, अगर कागज हो तो बताईए मुझे
07:14उसमें छोटे-छोटे करमचारियों को मुकदमा दर्ज किया, उसमें चेर्मेन निपेंदर मिस्रा पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए, उसमें मुकदमा दर्ज
07:22होना चाहिए, गोपाल राओ पर, चंपत राय पर जो सारा माल चंपत कर गए, फिर उसमें अनिल मिस्रा जो ने
07:28कमिशन खाया है रिकॉर्ड में आ गया कितना दना पैसा कमिशन इनों ने खाया है तो यह साबित हो इस
07:33सब चीजों इनके उपर मुकदमा दर्जोना चाहिए बड़े-बड़े लोग सामिल है और कम से कम 20,000 करोर रुपाई
07:39का कफला है 20,000 करोर रुपाई का सोना चांदी जेव
07:57बड़े साब सब्दों में संकेत किया कि इसके तार उपर से है जुड़े हुए हैं और करनाटक तक हैं यह
08:02सब चुरी का पैसा वहां तक जा रहा है बहुत बड़ा यह अर्गनाइज क्राइम है
08:08अयोध्या का राम मंदिर देश की सबसे बड़ी आस्था का केंद्र जहां करोरों लोगों ने शद्धा से दान किया लेकिन
08:16अब यही मंदिर अपने चड़ावे, खर्च और कथित गड़बडियों को लेकर विवादों में
08:27कि हमारी चांडी जगे गई है कि नहीं गई है अब हमें उसके रसीद भी चाहिए और यह भी पता
08:33करना में जा है कि वह चांडी कहां लगाई गई है
08:49और कहां आप यूज कर रहे हैं वो भी प्रॉपर बताएं अगर आप देखेंगे तो इसको कोई हिसाब किताबी नहीं
08:53है
08:53मुझे तो अभी नियूज में आया कि 200 करोड का गोटाला अब यह सोचे 200 करोड का गोटाला तो आया
08:58कितना होगा
09:26लेकिन कहानी यही खत नहीं होती
09:29सुरक्षा पर करोडों रुपे खर्च किये गए, CCTV कैमरे लगाए गए, निजी सुरक्षा गार तैनात किये गए, पूरे परिसर को
09:36हाई सिक्यूरिटी जोन बनाये गया
09:38इतनी सुरक्षा के बावजूद अगर चड़ावे की नकदी और कीमती आभूशन चोरी हो जाए, तो सवाल उठना लाजबी है
09:47अगर सुरक्षा इतनी मजबूत थी, तो चोरी कैसे हो, अगर कैमरे लगे थे, तो किसी को भनक क्यों नहीं लगी
09:54अगर हर विवस्था इतनी मजबूत थी, तो कथी तौर पर चड़ावे तक पहुँच किसकी थी
10:02आज राम की भक्ती की वकालत कौन कर रहा है, आज भग्वान राम की भक्ती की दौाई कौन दे रहा
10:11है, दोजार सत्रा के पहले जो जैसे राम बोलने पर लाठी मारते थे
10:19दोजार सत्रा के पहले जब उत्तरब्रदेश में राम भक्त कहता था कि राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे
10:29और राम भक्तों पर जो समय गोली चलाते थे, आज वे आस्ता की वकालत करते वे दिखाई देते हैं
10:39यह आपकी ताकत है, आपकी यास्ता की ताकत है कि आज उनको आपका पिशलग्गू बनने के लिए मजबूर होना पड़
10:47रहा है
10:47श्री राम जन्मभूमी तीर तक छेत्र अन्यास के आग्रह पूर्वक निवेदन पर उत्तरपदेश सरकार ने विशेश जाच दल का गटन
10:58कर उसकी अनुशंसा पर कानूनी प्रक्रिया प्रारम भकी है
11:03जाच में जो भी दोशी पाए जाएंगे उन्हें कटोर धंड हो यह सुनिश्चित करना आवश्यक है
11:15खबर मिली के एफाई यार हुई है
11:19अभी और जाच होगो और पकड़े जाएंगे
11:24पका है और पकड़े जाएंगे
11:26आवर ने माता जानती जी की चोरी की थी
11:29उसका परणाम यह निकला के साफ पधिवार से पनास हुआ
11:33करोड़ों लोगों के दान राम मंदिर में राम को दिए हुए
11:36दान को जो चोरी करेगा पकड़ा है
11:54कि जिस राम मंदिर के लिए देश भर से लोगों ने दिल खोल कर दान दिया
11:59क्या उस दान का पूरा और पारदर्शी हिसाब रखा गया
12:04क्या करोडों रोपे के चड़ावे की सुरक्षा में कहीं चूक हुई
12:08क्या ट्रस्ट के भीतर सब कुछ उतना पारदर्शी नहीं था जितना दिखाए गया
12:15या फिर आस्था की सबसे बड़ी तिजोरी में भरोसे की सबसे बड़ी दरार पड़ चुकी है
12:24मामला सिर्फ पैसों का नहीं है मामला उस भरोसे का है जो करोडों शद्धालू हर दिन राम लला के चड़ों
12:31में रखकर लोड़ते हैं
12:33और जब सवाल आस्था पर उड़ते हैं तो जवाब सिर्फ दस्तावेजों से नहीं पूरी पारदर्शिता से देने पड़ते हैं
12:44राम बंदर सिर्फ एक बंदर नहीं बलकि करोडों लोगों की आस्था का सबसे बड़ा केंदर है हर दिन यहां हजारों
12:51शद्धालू अपनी शद्धा और विश्वास के साथ चरहावार पित करते हैं
12:55विवादों की बीच अब सबके जैन में ये भी सवाल है कि जाम मंदर में सालाना कितना चरहावा आता है
13:02और ये कहां खर्श होता है
13:23अयोध्या यहां हर दिन हजारों कदम राम लला की उरबढ़ते हैं
13:32कोई हजारों किलोमीटर का सफर तैकर क्या आता है
13:39कोई अपनी पहली कमाई लेकर तो कोई सिर्फ एक जलक पाने के लिए
13:47राम लला के दर्वार में पहुचने वाला हर शद्धालू अपने साथ सिर्फ एक रजी लेकर नहीं आता
13:53वो अपनी आस्था भी साथ लाता है और उसी आस्था का सबसे बड़ा प्रतीक है चड़ावा
14:02कि बहुत एक्साइटेड़ है राम जाला का दर्शन करेंगे अन्मान जी की दर्शन करने के लिए बहुत एक्साइटेड़ है
14:09मंदिर भी बहुत अच्छा बना है हम लोगों का यह फर्स्ट एक्स्पीरियंस आई होती हमें तो और मंदिर तो इंक्रेड़बल
14:15है
14:32राम लला के चरणों में चरणने वाला हर रुपया करोणों शधालों के विश्वास के निशानी होती है
14:38लेकिन आज यही चरणावा सबसे बड़े विवाद के केंदर में है
14:45वो अपनी भावनाओं से दर्शन करते हैं और अपना कॉंट्रिविशन देते हैं
14:50एन ही अमाउन मगर कईना कहीं इस टाइप कोई ख़गरे आती है तो वो कईना कहीं अपने श्रदा में आहात
14:57करती है ऐसा नहीं होना चाहिए
14:58जेव से दस रुपे निकालने में भी सोचना पड़ेगा कि कहीं कोई कववा आ तो नहीं जाएगा उठा कर मेरा
15:04पैसा ले तो नहीं जाएगा
15:05तो उन सब को बहार निकाला जाए उनको सजा दिया जाए जेल विल किया जाए और थोड़ा ज्यादा तरीके से
15:10नहीं किया जाए और थोड़ा स्क्रिट रखा जाए इसके रूल के लिए जो परी जनों को मेरे भाई को चाचा
15:17को जो ऐसे नौकली दे दे रे फ्री पुकट मे
15:47वो ना की जाए
15:49बैंक लेंदेन और वित्य विरस्था की निगरानी सब कुछ कुछ चेहरे मिलकर तै करते थे
15:54लेकिन जिस दिन से हेरा फेरी सामने आई है कोई जवाब देने को तयार नहीं है
15:59अब तक 8 हरोपियों को गिरफतार किया गया है और इनके पास से अब तक करीब 89,85,000 रोपे
16:06नकत मिले हैं
16:071121 अमेर की डॉलर मिले हैं सोने की चेन और अंगुठी और चान्दी के सामान भी मिले हैं
16:16जहांच एजन्सियां अब ये पता लगाने में जुटी हैं कि ये रकम कितने समय में कठी हुई और क्या इसके
16:23पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था
16:27जो अपरादी होगा उसके खिलाद कठोरता पूरवक कारवाई होगी लेकिन हिंदू आस्ता के साथ किसी को खिलवाड करने के लिए
16:37छूट नहीं देंगे
16:38भाई वो भी नहीं है यहमें गोल लड़ा है
16:42एक बेक्ति नहीं लड़कर के चोरी कर सकता है
16:46यह पैसा गीने के भी धीर झानते है
16:48जो दान चोरी हुई है दानपकी वो सामउहिक तोर पर हुई है
16:52हाँ गोल गोल समूह लुटा है
17:182,024.25 में राम मंदिर ड्रस्ट को कुल 316 करोड 57 लाग रुपे मिले
17:25इसमें दान के 173 करोड 86 लाग रुपे और बैंक ब्याज समेत कुलाए 316 करोड 57 लाग रुपे हुए
17:33173 करोड रुपे में दान खाते में 35 करोड रुपे मिले
17:37दान पात्र यानी हुंडी में 94 करोड मिले, ओनलाइन दान में 12 करोड
17:44यानि राम मंदिर की कहानी सिर्फ करोडों रुपे के दान तक सीमित नहीं है
17:49इस मंदिर को देश के कई बड़े उद्योगपतियों, स्तंतों और संस्थाओं ने भी खुल कर सहयोग दिया है
17:58अब सवाल है इतना पैसा आता है तो खर्च कहा होता है
18:04दोजार चौबीस पच्चिस में मंदिर निर्माण में 452 दफमलब 76 करोड रुपे खर्च हुआ
18:09जमीन खरीदने में 105 दफमलब 45 करोड रुपे, इंफरस्ट्रक्चर में 87 दफमलब 56 करोड रुपे और खुदरा खर्च करीब 1
18:18करोड 70 लाख रुपे
18:19कुल खर्च 652 दफमलब 55 करोड रुपे हुए
18:24यानि ट्रस्ट की प्राथमिक्ता साफ दिखाई देती है
18:27पहले मंदिर निर्माण, फिर सुविधाओं का विस्तार और भविश्य की तयारिया
18:31अगर पिशले तीन सालों के आकणों पर नज़र ढालें
18:35तो साफ दिखता है कि मंदिर निर्माण के चलते खर्च लगातार आई से ज्यादा रहा है
18:40222-23 में कुल आय लगभग 209 करोड रुपे रही जबकि खर्च 387 करोड रुपे हुआ
18:472023-24 में आय बढ़कर 363 करोड रुपे पहुची
18:52लेकिन निर्माण कारी तेज होने की वज़े से खर्च 922 करोड रुपे ज्यादा हो गया
18:59यानि ट्रस्ट अपनी जमापूंजी और पहले से उपलब्ध फंड का इस्तिमाल भी मंदिर निर्माण में कर रहा है
19:05और जो राशी तक्काल खर्च नहीं होती उसे बैंक में फिक्स डिपॉजिट के रूप में रखा जाता है
19:10जिससे हर साल करोड रुपे का ब्यास मिलता है
19:15जो सुपर्विजन था जो बैंक के दो लोगों को वहाँ पे रखना था पर्मेनेंटली
19:22और जो ट्रस्ट के दो लोगों वहाँ पर थे
19:26वह सुपर्विजन टोटली लैकिंग था इनफॉर्मल था
19:32और जब ये बक्से बंद होकर के काउंटिंग होकर के गड़ियां बैंक जाती थी
19:40और बैंक में रसीब किया जाता था
19:44उसमें भी जिस प्रकार का नियंत्रन होना चाहिए था
19:50डबल लॉक की चाबियां किसके पास रहेंगी बिश्वास नहीं किया जाए
19:57ऐसा तो नहीं है कि अनौपचारिक रूप से एकी बैक्त को दोनों चाबिय दे दी गई
20:03ये सब चीजों में कहीं न कहीं निगरानी की कमी थी
20:09तो जो निष्ठा और निगरानी प्रबंधन के दो पक्ष होते हैं
20:15वो दोनों ही इसमें जो हैं उनकी हानी हुई है
20:22जनवरी 2024 से लेकर 2026 के जून तक करीब 12 करोड शद्धालू रामलला के दर्शन कर चुके हैं
20:29सामाने दिनों में हर दिन 50 से 60 हजार शद्धालू मंदिर पहुँचते हैं
20:34जबकि तिहारों और विशेश अफसरों पर ये संख्या कई गुना बढ़ जाती है
20:39यानि राम मंदिर की कमाई हर साल बढ़ रही है
20:46लेकिन एक बात साफ है रामलला के दर्बार में चड़ाया गया हर रुपया करोडों लोगों की आस्था की अमानत है
20:52और उस अमानत की रक्षा सिर्फ ताले, तिजोरियों और सीसी टीवी नहीं करते
20:57बल्कि पारतरशिता, जवाबते ही और इमानदार विवस्था करती है
21:01क्योंकि जहां भगवान श्री राम का नाम जुड़ा हो
21:04वहां सिर्फ कानून का नहीं, आस्था का भी सबसे बड़ा इम्तिहान होता है
21:12देश के मंदे सिर्फ आस्था के केन नहीं है
21:14बल्कि करोडों लोगों के विश्वास और समर्पन की सबसे बड़ी पहचान है
21:18हर साल यहां दान के रूप में हजारों करोड उपए पहुंचते हैं
21:23और इनी पैसों से मंदिरों का संचालन, विकास और कई धार्मिक सामाजिक काम भी किये जाते हैं
21:29लेकिन अलग-अलग बंदिरों की कमाई का तरीका और खर्श का धंग भी अलग है
21:33कहीं दान सबसे बड़ा सहारा है, तो कहीं सदियों पुराना ख़जाना सबसे बड़ी पहचान
22:07घंटियों की गूंज, शंक की आवाज, आर्ति की लौग और भगवान के दर्शन के लिए उम्री शद्धालों की भी
22:20यही है भारत की पहचान, जहां मंदिर सिर्फ पूजा की जगह नहीं, बलकि करोडों लोगों की आस्था का सबसे बड़ा
22:27केंद्र है
22:34हर दिन देश के अलग-अलग मंदिरों में लाखों शद्धालू भगवान के दर्शन करने पहुचते हैं
22:40कोई अपनी मनुकामना पूरी होने पर दान देता है, तो कोई सोना, चान्दी और कीमती गहने भगवान के चर्णों में
22:48अर्पित कर देता है
22:53बहुत पराजीन मंदिर आस था है, हमारी भी बहुत आस था है, लोग दूर दूर जो साते हैं दर्शन करने
22:59मंदिर की यही महतवा है कि मा इस दर पे जो भी आता है, मा उसकी मुरादे पूरी करती है
23:05यही शिरी भगरी भगवन आजी को अपने में मा ने दर्शन दिये थे, जिसकी वज़ासे इस मंदिर की स्तापना होई
23:25यही वज़ा है कि भारत के कई मंदिर आज दुनिया के सबसे अमीर धर्मिक संगस्थानों में गिने जाते हैं
23:31लेकिन सिर्फ चड़ावा ही कहनी नहीं है, सवाल ये भी है कि मंदिरों में आने वाले का हिसाब कौन रखता
23:38है और आखिर खर्च कहा होता है
23:47यह है आन्ध प्रदेश के तिरुमला तिरुपति का वेंक्टेश्वर मंदिर
23:51यहां हर दिन 50,000 से ज्यादा शद्धालू भगवान वेंक्टेश्वर के दर्शन करने पहुँचते हैं
23:57त्योहारों और खास मौकों पर यही संख्या लाखों तक पहुँच जाती है
24:06मंदिर की सबसे बड़ी कमाई हुंडी यानि दान पेटी से होती है
24:102026-27 के लिए अनुमान है कि सिर्फ दान पेटी से करीब 1880 करोड रुपे की आये होगी
24:17लेकिन कमाई सिर्फ 24 से नहीं होती
24:19बैंक में जमा रकम के ब्यात से करीब 1205 करोड रुपे मिलने का रुमान है
24:25लड़ू परसाद की बिक्री से करीब 650 करोड रुपे और मुन्नन सेवा से करीब हर साल 175 करोड रुपे की
24:33आये होती है
24:34मंदिर के पास मौजुदा समय में 10,000 किलो सोना 12,000 करोड रुपे की एफडी और 1100 करोड से
24:41भी ज्यादा की अचल संपत्ती है
24:44यानि तिरुपती मंदिर की कमाई सिर्फ शद्धलों के दान पर निर्भर नहीं है
24:49यहां मंदिर में आने वाले एक-क रुपे का हिसाब बेहद विवस्तित तरीके से चलता है
24:54और आएकि कई अलग-लग सोध भी हैं और खर्च भी यहां लाखों में नहीं करोडों में हैं
25:00क्योंकि तिरुमुला तिरुपती देवस्थानम सिर्फ मंदिर का संचालनी नहीं करता, बलकि सामाजी को और धार्मिक काम भी करता है।
25:09श्रीवेंक टेश्वर अन्नदानम ट्रस्ट के जर्ये हर दिन करीब 25,000 से 50,000 लोगों को बिलकुल मुफ्त भोजन कराये
25:17जाता है।
25:18वहीं दिव्यांग और शारिरिक रूप से अक्षम लोगों के लिए मुफ्तिलाज, ऑपरेशन और कृत्रिम अंग भी उपलब्ध कराये जाते हैं।
25:25सनातन धर्म को आगे बढ़ाने के लिए श्रीवेंक टेश्वर वेद परिरक्षन ट्रस्ट काम करता है।
25:31इसके अलावा श्रीवानी ट्रस्ट के जर्ये देश के दूरदराज और पुरानी मंदिरों का जिर्नुत्थार भी कराये जाता है।
25:39यानि यहां आने वाला दान सिर्फ तिजोरियों में बंद नहीं रहता बलकि मंदिर चलाने, शद्धालों के सुविधायें बढ़ाने और धार्मिक
25:48सामाजी कारियों में लगाय जाता है।
26:03अब बात उस मंदिर की, जिसे स्तिर्फ भारत ही नहीं, बलकि दुनिया का सबसे अमीर मंदिर माना जाता है।
26:10यह है केरल की राजधानी तिरुवनन पुरम का श्री पधुनाव स्वामी मंदिर।
26:22बगवान विश्णुको समर्पित ये मंदिर अपनी भव्यता, प्राचीन, परंपरा और विशाल खजाने के लिए पूरी दुनिया में मशूर है।
26:32तिरुपति मंदिर में हर साल हजारों करोड का चड़ावा आता है।
26:36लेकिन कुल संपत्ति के मामले में पध्मनाव स्वामी मंदिर सबसे आगे माना जाता है।
26:46अनुवान है कि इस मंदिर की कुल संपत्ति करीब दो लाग करोड रुपे या उससे भी अधिक हो सकती है।
26:52इसी वज़ा से इसे दुनिया का सबसे अमीर मंदिर कहा जाता है।
26:57इस मंदिर के खजानी की चर्चा पूरी दुनिया में तब हुई जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इसके तहखानों की
27:04सूची बनाई गई थी।
27:05सदियों से बंद पड़े तहखानों में जो मिला उसने सभी को हैरान कर दिया था।
27:12सोने की मूर्तिया, हीरे जवाहराद से जड़े आभूशन, सोने के मुकुट, प्राचीन स्वर्ण सिक्के, रत्नों से सजी तलवारे, सोने के
27:21बरतन और सैकड़ों साल पुराने दुरलब खजाने।
27:28विशर्शग्यों का मानना है कि सिर्फ एक तहखाने में मौजूद खजाने की कीमत ही एक लाग करोड रुपे से ज्यादा
27:35हो सकती है।
27:54लेकिन पदमनाव स्वाभी मंदिर की सबसे बड़ी पहचान उसकी सालाना कमाई नहीं बलकि सदियों से सुरक्षित रखा गया वो अन्मोल
28:03खजाना है जिसने इसे दुनिया के सबसे सम्रिध धार्मिक स्थलों में सबसे अलग पहचान दिलाई है।
28:12अब तक आपने दक्षिन भारत के दो सबसे चर्चेत और सम्रिध मंदिरों की कहानी देखी।
28:18जहां करोड़ों रुपय का चड़ाव आता है और उसका इस्तमाल मंदिर के संचालन से लेकर धार्मिक और सामाजिक कारियों तक
28:25किया जाता है।
28:26लेकिन ऐसी विवस्था सिर्द दक्षिन भारत तक सीमित नहीं है।
28:29उत्तर से लेकर पश्रिम और पूर तक देश के कई बड़े मंदिरों में भी हर साल करोड़ रुपय का दान
28:36आता है।
28:36जहां आस्था के साथ चड़ावे का पूरा हिसाब और उसके खर्च की विवस्था भी अपने अपने तरीके से वहां चलती
28:43है।
28:59कहीं हर हर महादेव का जैगोश।
29:04कहीं गुविंदा गुविंदा का उद्धोश।
29:10तो कहीं जै माता दी के जैकारे।
29:16हर मंदिर सिर्फ इड और पत्थर से बनी इमारत नहीं बलकि करोडों लोगों की आस्था, विश्वास और उम्मीदों का जीवन्त
29:25धाम है।
29:28हर सुबा भगवान के आरती के साथ मंदिरों की त्वार खुलते हैं और फिर श्रू होता है शद्धालों के आने
29:35का सिलसिला।
29:39भारत के कई मंदिर आज दुनिया के सबसे सम्रिद धार्मिक संगस्थानों में गिने जाते हैं।
29:48चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है।
29:56त्रकूट परवत की उचाईयों पर बसे मा वश्रू देवी के दरबार तक पहुचने के लिए हर साल लाखों शद्धालों कठिन
30:04चढ़ाई ते करते हैं।
30:05कोई पैदर चलता है, कोई घोड़े या पालकी से पहुचता है, लेकिन हर भक्त अपने साथ सिर्फ शद्धा ही नहीं,
30:12बलकि माता के चर्णों में चढ़ावा भी लेकर आता है।
30:34मातारानी से यही मांगेंगे कि सुक्सरम रद्धी बनाए रखें और ऐसे ही अपने दर्वार से जोड़े रखें।
30:51माता जी किरपा हुआ जो हमको दर्वार में अपने बुलाया है, हम सबसे कहते हैं मातारानी सबके खजाने को भरपूर
31:00रखें और सबके साथ हमारे भी भरपूर रखें।
31:33मातार बढ़ता गया। अब सवाल ये है कि ये पैसा कहां खर्च होता है।
31:38श्री माता वैश्नो देवी धाम का पूरा प्रबंधन शद्धालों के दान से चलता है।
31:43माता के दर्वार में आने वाला चड़ावा यात्रा को बहतर और सुरक्षित बनाने में खर्च किया जाता है।
31:50इसका बड़ा हिस्सा सडक, भवंध और तूसरी जरूरी सुविधाय बनाने पर लगाये जाता है।
31:56शद्ध हलों के ठहरने के लिए यात्री सराय और शिल्टर बनाये जाते हैं।
32:00यही नहीं श्राइन बोर्ड आधुनिक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल भी चलाता है, जहन लोगों को बहतर इलाज मिलता है।
32:07शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए श्री माता वैश्नो देवी विश्रवी द्याला का संचालन भी इसी बोर्ड की ओर सिखिया
32:14जाता है।
32:17सामान्य दिनों में हर साल 80-95 लाख श्रधालू माता वैश्नो देवी के दर्वार में माता टेग ने पहुँचते हैं।
32:25गर्मियों की छुट्टियों, नवरात्री और दूसरे विश्रीश मौके पर हर दिन 38-45 लाख श्रधालू माता के दर्शन करते हैं।
32:56आस्था का मूल ले कभी रुपियों में नहीं आका जा सकता है।
33:00लेकिन आस्था से मिला हर रुपया करोणों लोगों की सेवा का आधार जरूर बन सकता है।
33:06माता वैश्रू देवी के दरवार में चड़ाए गया हर दान सिर्फ एक चड़ावा नहीं बलकि भक्तों के विश्वास की अमानत
33:13है।
33:14यही अमानत हर साल लाखों श्रधालू की आत्रा को आसान बनाती है।
33:18समाज की भलाई में काम आती है और इस पवित्र धाम की सेवा परंपरा को लगातार आगे बढ़ाती है।
33:41सबका मालिके यही संदेश लेकर करोणों लोगों के दिलों में जगा बनाने वाले श्रधी के साई बाबा आज भी लाखों
33:49शधालू की आस्था का सबसे बढ़ा केंडर है।
33:58महराश के एहमद नगर में श्रिडी साई मंदिर में हर दिन हजारों भग देश विदेश्ट से दर्शन करने पहुचते हैं।
34:06कोई अपनी मनुकामना लेकर आता है तो कोई पूरी हुई मुराद का धन्यवाद देने।
34:13को लेकर आया है उसका बहुत बुखार है फिर भी बुखार लेकर हम लोग आया है।
34:18और साई का दर्शन बहुत अच्छा से हुआ है बहुत अच्छा से पुजा भी हम लोग कर दिया है।
34:22साई नाम के किपा से सब अच्छा रहे, सुखी रहे, संती रहे, सब अच्छा रहे।
34:44कहा जाता है कि साई बाबा ने कभी जाती, धर्म या उच्छ नीट में फर्क नहीं किया।
34:50उन्होंने पूरी जिंदगी, सेवा, करुणा और इंसानियत का संदेश दिया।
34:56वो एक साधरन फकीर की तर शिर्डी में रहे। लोगों का इलाज किया और हमेशा कहा सब का माली केक।
35:0215 प्टुबर 1918 को उनके महा समाधी लेने के बाद उनकी समाधी पर आज का भव्वी मंदिर बनाग जहां हर
35:10साल करोणों शद्धालू पहुँचते हैं।
35:16लगभग हर साल 400 से 500 करोड रुपे दान में मिलते हैं। राम नवमी के तीन दिन में औस्तन 4
35:23करोड रुपे चड़ावे आते हैं।
35:25नए साल पर करिब 15 से 20 करोड का दान आता है। इसके अलावा करोड रुपे के सोने के मुकुट
35:32और आभूशन भी भेट में मिलते हैं।
35:35श्री साई बाबा संगस्थान ट्रस्ट के अलग-लग बैंकों में लगभग 3,000 करोड रुपे नकट जमा है।
35:42साई बाबा संगस्थान ट्रस्ट के खजाने में लगभग 514 किलो सोना और 6,600 किलो चान्दी मौजूद है।
35:52अब सवाल यह है कि इतना पैसा आखिर जाता कहा है।
35:58श्रिस्थाई बाबा संगस्थान ट्रस्ट चड़ावे का बड़ा हिस्सा शद्धालों की सुईधाओं पर कर्च करता है।
36:04हर दीन हज़ारों लोगों के लिए मुफ्त भोजर के विरसा की जबती है।
36:08ठहरने के लिए आधुनिक भक्त निवास बनाए गए हैं।
36:11इसके अलावा ट्रस्ट, अस्पताल, स्कूल और कॉलेज भी चलाता है जहां लोगों को बहतर इलाज और शिक्षा मिलती है।
36:19इतना है नहीं प्राकृतिक आपदाओं के समय, राहतकारियों में मदद, ग्रामीन विकास और जन्म कल्यान की कई योजनाओं में भी
36:27ट्रस्ट आर्थिक सहयोग देता है।
36:31शिड़ी में साही बाबा के चड़ों में चड़ाय गया हर रुपया सिर्फ दान नहीं, बलकि करोणों शद्धालों के विश्वास का
36:38प्रतीक है।
36:39यही चड़ावा हर दिन हजारों लोगों को भोजन देता है, इलाज का सहारा बनता है, शिक्षा को आगे बढ़ाता है
36:47और जरुवत मंदों की मदद में काम आता है।
36:50यानि शिर्डी में आस्था सिर्फ मंदिर की चौखड तक सिमित नहीं रहती, बलकि समाज की सेवा बनकर आगे बढ़ती है।
37:20चांदी चड़ाता है। सदियों पुराना ये मंदिर सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बलकि देश के सबसे सम्रिध मंदिरों में भी
37:27गिना जाता है।
37:31मंदिर की दान पेटी यानि हुंडी में हर साल करीब 18-20 करोड रुपे नकट जमा होते हैं।
37:38इसके अलावा भक्त हर साल लगभग 3 किलो से ज्यादा सोना और 33 किलो से ज्यादा चांदी भी भगवान को
37:45अरपित करते हैं।
37:46मंदिर पुशासन ने करीब 600 करोड रुपे बैंकों में फिक्स डिपाॉजिट के रूप में जमा कर रखे हैं।
37:52जिससे हर साल अच्छा ब्याज भी मिलता है।
37:55मंदिर के एतिहासिक रत्म धंडार में 149 किलो से ज्यादा सोना और 184 किलो से ज्यादा चांदी सुरक्षित रखी गई
38:03है।
38:05हर दिन भगवान जगनात के लिए महभोग तयार होता है।
38:09हर सुबा से लेकर राद तक पूज आर्चना और परंपराओं का सिल्सला चलता है।
38:14विश्व प्रसिध रत्यात्रा हो या साल भर के धार्मिक बहत्तु।
38:18इन सभी विवस्थाओं पर करोणों रुपे खर्च किये जाते हैं।
38:22मंदिर के सेवायतों और कर्मचारियों का वेतन, सुरक्षा, सापसफाई, शध्धालों की सुविधाएं और मंदिर के संग्रक्षन का पूरा खर्च भी
38:31इसी चड़ावे से पूरा होता है।
38:40पूरी केश्री जगनात मंदिर में चढ़ाये गया हर रुपेया सिर्फ धन नहीं, बलकि करोणों शध्धालों की अटूटास्था और विश्वास की
38:48अमानत है।
38:49यही चढ़ावा भगवान की नित्ति सेवा को निरंतर बनाये रखता है।
38:54सदियों पुरानी परंपराओं को जिवित रखता है, विश्व प्रसिद्धर रत्यात्रा की भव्यता को कायम रखता है और लाखों शध्धालों के
39:02लिए बहतर सुविधाओं का आधार बनता है।
39:28मुंबई में करोणों लोगों की शुरुवात भगवान गडेश की पूजा से होती है और इसी शहर के बीचों बीच है
39:34प्रभादेवी का श्री सिध्धी विनायक मंदिर वो दरबार जहां आमक्षधालू से लेकर तेश के बड़े उद्योगपती, फिल्म सितारे और नेता
39:44तक माथा टेकने पहुचते हैं, हर दिन हजारू शधालू हाथ जोड़कर अपनी मनुकामनाई लेकर यहां आते हैं, कोई नौकरी की
39:53कामना करता है, कोई कारुबार की तो कोई अपने परिवार की खुशाली की, और दर्शन के बाद शधा के मुताबिक
40:00दान भी करता है, को�
40:04तो कोई सोना चान्दी और कीमती आभूशन अर्पित करता है।
41:02प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।
41:06फिलार कहानी मेरे साथ अभी के लिए बस इतना ही, देश और निया की तमाम कपरों के लिए आप तिकते
41:10रहिए आज तक।
41:11झाल झाल के लिए
41:14हम तमाइंग मेर्शन अर्पित करता है।
41:15झाल झाल
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