00:10बर्फ से बनी आस्था की ये अद्भुत तस्वीर हर साल बदल जाती है और इस बार बदलाव और भी तेज
00:17दिखाई दे रहा है
00:17गर्मी और बढ़ते तापमान के कारण अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले बर्फ के शिवलिंग बाबा बर्फानी का
00:25आकार तेजी से घट रहा है
00:2623 मई को जारी पहली तस्वीर में जो हिमलिंग लगभग 7 फीट का खा वो 40 दिनों में पिघल कर
00:32अब महस 4 फीट का रह गया है
00:34श्री अमरनाथ यात्रा पूरी भवेता के साथ जारी है
00:38पहले दिन 12,000 से ज्यादा श्रद्धालूओं ने पबित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन किये थे
00:43और दूसरे दिन भी हजारों यात्रियों का जथा कश्मीर घाटी से दर्शन के लिए आगे बढ़ा है
00:48ये पूरी यात्रा बाल टाल और नुनवान पहल गाम के दो मुख्य मारगों से संचालित हो रही है
00:53हिमाले की उची पहाडियों में स्थित अमरनाथ गुफा में बनने वाला ये शिवलिंग किसी मानव निर्मित संरचना का हिस्सा नहीं
01:00है
01:00बलकि ये पूरी तरहे प्राकृतिक प्रक्रिया से बनने वाला आइस स्टालिग माइट है
01:05गुफा की छट से टपकने वाला पानी जब अत्यधिक ठंडे तापमान में जमता है तो धीरे धीरे बर्फ की परते
01:11बनती जाती है
01:11और वही आकार लेकर श्रद्धालों की आस्था का केंद्र बन जाती है
01:15लेकिन इस प्राकृतिक संरचना की सबसे बड़ी विशेशता यही है कि ये स्थाई नहीं होती
01:20इसका आकार हर साल बदलता है और ये पूरी तरहे मौसम पर निर्भर करता है
01:25इस वर्ष मौसम में आये बदलाव, तापमान में बढ़ोतरी और बर्फ जमने की प्रक्रिया में आई बाधा को इसके तेजी
01:31से सिकुरने का मुख्य कारण माना जा रहा है
01:33शुरुवाती दिनों में जो शिवलिंग अपेक्षाकृत विशाल दिखाई दे रहा था, वो धीरे धीरे छोटा होता गया
01:39वैग्यानिक दृष्टिकोन से देखें, तो आईस स्टालिगमाइट का बनना एक बेहत समवेधन शील प्रक्रिया है
01:45अगर गुफा के अंदर तापमान थोड़ा भी बढ़ जाए, तो पानी जमने के बजाए बेहने लगता है या आशिक रूप
01:50से ही जम पाता है
01:51इसी कारण इस सनरचना का आकार स्थिर नहीं रहता और हर साल इसमें अंतर देखा जाता है
01:56इस बीच अमरनात यात्रा पूरे देश भर से आई श्रद्धालों की भारी भीड के साथ जारी है
02:01पहले दिन ही 12,000 से अधिक भक्तों ने पवित्र गुफा में दर्शन किये जो इस यात्रा के महत्व और
02:07श्रद्धा को दर्शाता है
02:08दूसरे दिन भी यात्रियों का जत्था लगातार आगे बढ़ता रहा जिससे मार्गों पर उत्साह और भक्ती का माहौल बना रहा
02:15यात्रा दो प्रमुख मार्गों से संचालित हो रही है
02:18पहला नुनवान पहलगाम मार्ग जो लगभग 48 किलोमीटर लंबा और अपेक्षकृत सुरक्षित माना जाता है
02:24जबकि दूसरा बालताल मार्ग लगभग 14 किलोमीटर का है लेकिन इसमें चड़हाई अधिक कठिन है
02:30दोनों ही रास्तों पर सुरक्षा बलों की तैनाती, मेडिकल सुविधाय और लंगर सेवा उपलब्ध कराई गई है
02:35ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो
02:38प्रशासन ने इस बार सुरक्षा और अनुशासन को लेकर विशेश दिशा निर्देश जारी किये है
02:43बिना रजिस्ट्रेशन यात्रा में शामिल होने की अनुमती नहीं है
02:46और यात्रियों को तै तारीख के अनुसार ही आगे बढ़ने की सलाह दी जा रही है
02:50मौसम की स्थिती को देखते हुए लगातार अपडेट भी जारी किये जा रहे हैं
02:54ताकि किसी भी तरह की दुरघटना से बचा जा सके
02:57प्रधानमंत्री की ओर से भी अमरनाथ यात्रियों के लिए एक संदेश भेजा गया है
03:01जिसमें पाँच संकल्पों पर जोर दिया गया है
03:03इसमें यात्रा मार्क को स्वच रखना, प्राकृतिक सुंदर्ता की रक्षा करना, सुरक्षा नियमों का पालन करना, स्थानिय उत्पादों को बढ़ावा
03:11देना और यात्रा के बाद पौधार ओपन करना शामिल है
03:14ये संदेश, परियावरन संरक्षन और स्थानिय अर्थ व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा
03:21है
03:21विशेशग्यों का मानना है कि अमरनाथ गुफा जैसी उचाई वाली जगहों पर जलवायू परिवर्तन का प्रभाव तेजी से दिखाई देता
03:28है
03:28हलके तापमान बदलाव भी वहां बनने वाले प्राकृतिक संरचनाओं को प्रभावित कर सकते हैं
03:33यही कारण है कि बाबा बर्फानी का आकार हर साल बदलता रहता है और कभी बड़ा तो कभी छोटा दिखाई
03:38देता है
03:39फिलहाल यात्रा अपने निर्धारत कारिक्रम के अनुसार 28 अगस्त तक जारी रहेगी और आने वाले दिनों में श्रधालों की संख्या
03:46और बढ़ने की संभावना है
03:47प्रशासन और सुरक्षा एजेंसिया लगातार स्थिती पर नजर बनाए हुए है ताकि ये पवित्र यात्रा सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके
03:55से संपन्न हो सके
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