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  • 3 hours ago
गर्मी, खड़ी चढ़ाई, पथरीला रास्ता, हाथ में वैक्सीन की किट और 38 किलोमीटर की पैदल यात्रा. हेल्थ वर्कर की ये टीम जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा के गुरेज में दुर्गम इलाके पाटलवान पहुंची. जहां खनाबदोश जिंदगी जीने वाले परिवार अपने मवेशियों के साथ रहते हैं. इस टीम में बसीर अहमद तेरू, शम्स दीन नासिर और आशा वर्कर  रुबीना शामिल थीं. इन्होंने यहां मेडिकल कैंप लगाया. 30 बच्चों को पोलियो ड्रॉप दी, कई मासूमों को टीका लगाया, मरीज़ों की जाँच की, जरुरी दवाइयाँ बांटी. ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले इन परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाएं बहुत कम ही पहुंच पाती है और इलाज पाना इनके लिए बहुत मुश्किल होता है. इस समुदाय के लोगों ने इसके लिए आभार व्यक्त किया. इस टीम ने यहां रात बिताने के बाद अगले दिन दावर तक की अपनी यात्रा एक बार फिर पैदल ही तय कर यात्रा पूरी की.

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00:03गर्मी, खड़ी चड़ाई, पथरीला रास्ता, हाथ में वैक्सीन की किट और 38 किलोमीटर की पैदल यात्रा
00:12Health Workers की ये टीम जमो कश्मीर के बांदीपुरा के गुरेज में दुरगम इलाके पाटलवान पहुंची
00:19जहां खाना बदोश संदगी जीने वाले परिवार अपने मवेशियों के साथ रहते हैं
00:24इस टीम में बसी रहमद तेरू, शमसदीन नासर और आशा वरकर रुबीना शामिल थी
00:30इन्होंने यहां मेडिकल कैम्प लगाया, 30 बच्चों को पोलियो ज्रॉप दी
00:35कई मासूमों को ठीका लगाया, मरीजों की जाचकी जरूरी दवायां बाटी
01:01उचाएं वाले इलाकों में रहने वाले इन परिवारों तक स्वास्त्य सेवाएं बहुत कम ही पहुच पाती है
01:06और इलाज पाना इनके लिए बहुत मुश्किल होता है
01:20इस समुदाय के लोगों ने इसके लिए आभार व्यक्त किया
01:38इस टीम ने यहां रात बिताने के बाद अगले दिन दावर तक की अपनी यात्रा एक बार फिर पैदल ही
01:45तै की
01:45इटीवी भारत के लिए बांदीपोरा से एजाज नाजकी की रिपोर्ट
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