00:06एक देश, एक भाशा, एक पहचान क्या चाइना में अब सिर्फ यही चलेगा
00:12राश्ट्रपती जी जिन पिंग ने ऐसा कानून लागू कर दिया है जिसे विरोधी सांस्तुतिक बुल्डोजर बता रहे हैं
00:20दावा है कि अब उईगुर, तिबितर और मॉंगोल जैसी अलग पहचान धीरे-धीरे मिटाई जाएगी
00:27स्कूलों से लेकर म्यूजियम तक सिर्फ एक ही राश्ट्र की कहानी सुनाई जाएगी
00:32और अगर विदेश में बैटकर भी चाइना के खिलाफ अगला ववाद का समर्थन किया तो कारेवाई का सामना करना पड़
00:39सकता है
00:39आखिर क्या है जी जिन पिंग का ये नया कानू जिसने चाइना से लेकर युनाइटेट नेशन तक हलचल बचा दी
00:47है
00:47नमस्कार मैं हूँ शाख शर्मा और आप देख रहे हैं वन इंडिया हिंदी
00:52एक जुलाई दोहजार चब्बेस से चाइना में लौ अन प्रोमोटिंग एथनिक यूनिटी और प्रोग्रेस लागू हो गया है
00:59चाइना की सरकार इसे राष्ट्रिय एकता मजबूत करने वाला एतिहासिक कदम बता रही है
01:05लेकिन दूसरी तरफ United Nation, Amnesty International, Taiwan और कई Human Rights Organization इसे अल्प संख्यकों की पहचान, भाषा और
01:15संख्रिती पर सबसे बड़ा कानूनी हमला बता रहे हैं
01:19सबसे पहले समझते हैं कि आखिर ये नया कानून है क्या
01:23चाइना में आधिकारिक तोर पर 56 एतने ग्रुप्स हैं
01:28इन में बहुसंख्यक, हान्चाइनी समुदाय के अलावा, ओईगुर, तिबितन, मुंगोल, खुई और कई अन्य जातिया समू शामिल है
01:37इन सभी की अपनी भाषाय, परंपराय, संस्कृती और धार्मिक पहचान है
01:42नया कानून कहता है कि इन सभी समुदायों की सबसे पहली पहचान, उनकी जातिये पहचान नहीं, बलगी चाइनीज नेशन होगी
01:50सरकार का लक्ष्य एक ऐसी साजह राश्ट्रिय पहचान तयार करना है
01:55जिसमें सभी समुदाये खुद को सबसे पहले चायना का नागरिक माने
01:59यानि सरकार की नजर में पहले नेशन फिर बाकी पहचान
02:04तो इस कानून में आखिर क्या क्या है
02:07सबसे बड़ा बदलाव एजुकेशन सिस्टम में किया गया है
02:11सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का मुख्य माध्यम मैंडरिन होगा
02:14बच्चों को ऐसी सिक्षा दी जाएगी जिसमें राश्ट्रिय एक ता
02:18चाइनीज हिस्ट्री चाइनीज कॉम्मिनस पार्टी के प्रतिवफादारी पर विशेश दोर रहेगा
02:23इतना ही नहीं म्यूजियम लाइबरी और कल्चरल इंस्टिटूशन में भी ऐसे कार्यक्रम चलाए जाएंगे
02:29जो चाइना की साजह राश्ट्रे पहचान को बढ़ावा दे
02:33स्थानी प्रशासन को अलग-अलग एथनिक कॉम्मिनिटीज को एक साथ बसाने की योजनाय बनाने का अधिकार भी दिया गया है
02:41ताकि समाज में ज्यादा मेल जोल और एक रूपता लाई जा सके
02:45सरकार का ये कहना है कि इस से सेपरेटिजम कम होगा, टेररिजम पर रोक लगेगी और नाशनल सेक्योरिटी मजबूत होगी
02:52लेकिन यही से विवाद शुरू होता है
02:55Human Rights Organizations का आरोप है कि ये कानून केवल एकता की बात नहीं करता
03:00बलकि धीरे धीरे अलग-अलग समुदायों की पहचान को कमजोर करने का रास्ता तियार करता है
03:06Amnesty International ने कहा है कि ये कानून forced assimilation यानि जबरन एक जैसी राश्ट्रिय पहचान थोपने की नीती को
03:15कानूनी रूप देता है
03:17संगठन का दावा है कि इससे उईगुर, तिबितन और दूसरे अलप संख्यक समुदायों की भाषा, संस्कृती और धार्मिक परंपराओं पर
03:25दबाव बढ़ सकता है
03:26United Nations High Commissioner for Human Rights Volker Turk ने भी चिंता जताते हुए कहा है कि ये कानून भाषा,
03:34शिक्षा, धर्म, संस्कृती, अभिव्यक्ती और शान्तिपूर्ण सभा की स्वतंत्रिता पर और ज्यादा प्रतिवन्थ लगा सकता है
03:42उन्होंने चाइना से इस कानून पर पुनर्विचार करने की अपील भी की है
03:47लेकिन सबसे बड़ा विवाद एक और है
03:50इस कानून में एक ऐसा प्रावधान है जिसकी वज़ह से दुनिया भर में बहस शिड़ गई है
03:55अगर कोई व्यक्ति, संगठन या शोध करता चाइना से बाहर रहकर भी चाइना की एथनिक यूनिटी के खिलाफ काम करता
04:03है
04:04या सेपरेटिजम को बढ़ावा देता है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कारिवाई की जा सकती है
04:09यही वज़ा है कि विशेशग्य इस कानून को चाइना का लॉंग आम लॉ कह रहे हैं
04:15यानी ऐसा कानून जिसका असर चाइना की सीमाओं से बाहर तक महसूस किया जा सकता है
04:21काइवान ने इस कानून की कड़ी आलोचना की है
04:25ताइवान के foreign ministry का कहना है कि अब दुनिया की किसी भी देश का नागरिक अगर उसकी बाती या
04:31गतिविधिया चाइना को पसंद नहीं आती तो वो भी इस कानून के दाइरे में आ सकता है
04:37ताइवान की mainland affairs council यानी M.A.C. ने आरोप लगाया कि कानून की कई धाराए इतनी व्यापक और
04:45अस्पेश्ट है कि उनका इस्तमाल राजनितिक विरोधियों और आलोचिकों के खिलाफ किया जा सकता है
04:50दूसरी तरफ Beijing इन सभी आरोपों को सिरे से खारिच करता है
04:55चाइना का कहना है कि इस कानून का मकसद किसी समुदाय की भाषा या संस्कृति खत्म करना नहीं है
05:01सरकार के मताबिक ये कानून केवल national unity मस्बूत करने
05:05सेपरेटिजम और टेरिजम पर रोक लगाने और सभी समुदायों के बीच सोशल हार्मनी बढ़ाने के लिए बनाया गया
05:12चाइनीज अधिकारियों का कहना है कि कारेवाइस सिर्फ उन्हीं लोगों पर होगी जो कानून तोड़ेंगे
05:17या देश की एकता को नुकसान पहुचाने की कोशिश करेगी लेकिन असली सवाल यही है कि नाशनल unity के नाम
05:24पर सभी समुदायों की पहचान को एक धाचे में ढालना सही है
05:28क्या एक साजह नाशनल आइडेंटिटी बनाना किसी भी देश का अधिकार है या फिर इससे भाशाई सांस्रितिक और धार्मिक विवर्ता
05:38धीरे धीरे खत्व होने का खत्रा पैदा होता है
05:40फिलाल इतना तै है कि जी जिन्पिन का ये नया कानून चाइना की सीमाओं से निकल कर पूरी दिनिया में
05:47बहस का विशे बन चुका है
05:49एक तरफ बीजिंग इसे देश को मजबूत बनाने वाला कदम बता रहा है तो दूसरी तरफ United Nations और Human
05:56Rights Organizations इसे अलप संख्यकों की पहचान और स्वतन तृता पर बड़ा खत्रा मान रहे है
06:02अब देखना होगा कि आने वाले समय में ये कानून चाइना की National Unity को मजबूत करता है या फिर
06:09वैश्विक स्थर पर उसके खिलाफ नई आलोचनाओं को और तेज करता है
06:12आपकी क्या राय है कि National Unity के लिए एक साजा पहचान जरूरी है या इस से भाशाई और सांस्रितिक
06:20विवर्ता पर खत्रा बढ़ सकता है
06:22अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए और देखते रहिए One India Hindi
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