00:07इस वक्त की सबसे बड़ी खबर भरत भूशन तिवारी एंकाउंटर केस से जुड़ी हुई है
00:12जहाँ सुप्रीम कोट ने एक एहम फैसला सुनाया है
00:16भरत भूशन तिवारी एंकाउंटर मामले में सुप्रीम कोट से बड़ा फैसला आया है
00:21CPI जाच की मांग पर फिलहाज सुप्रीम कोट ने सुनवाई से इनकार कर दिया है
00:27अदालत ने साफ कहा है पहले पटना हाई कोट जाईए
00:31वहीं इस मामले की बहतर निगरानी हो रही है
00:34यानि जिस इनकाउंडर को लेकर बिहार की सियासत से लेकर सोशल मीडिया तक बहस शड़ी हुई है
00:40उसकी कानोनी लड़ाई का अगला पड़ाव अब पटना हाई कोट होगा
00:44आईए आपको विस्तार से बताते हैं कि अदालत में क्या हुआ
00:48याचिका में क्या मांग की गई थी और अब इस पूरे मामले में आगे क्या होने वाला है
00:54नमस्पार मैं हूँ विशाख शर्मा और आप देख रहे हैं One India Hindi
00:59दरसर वकील विशालतिवारी ने सुप्रीम कोट में एक जनहित याचिका दाखिल की थी
01:05इस याचिका में मांग की गई थी कि भरत भूशनतिवारी की मौत की जाच किसी स्वतंत्र एजन्सी यानि CBI से
01:13कराई जाए
01:13वैकल्पिक तौर पर ये भी मांग रही गई कि सुप्रीम कोट के किसी पूर न्यायधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र
01:21विशेश अग्यसमेती गठित कर पूरे मामले की निश्पक्ष जाच कराई जाए
01:26याची करता का कहना था कि हाल के वर्षों में देश के अलग-अलग राज्यों में कथित एंकाउंटर के मामलों
01:33को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं
01:35ऐसे मामलों में निक्षपक्ष और पारदर्शी जाच होना बेहत जरूरी है ताकि जनता का न्याय व्यवस्था पर भरोसा बना रहे
01:43उनका ये भी कहना था कि ये केवल एक व्यक्ती का मामला नहीं बलकि व्यापक जनहित का विशे है
01:49मंगलवार को इस मामले की सुनवाई जस्टिस एम एम सुन्दरेश और जस्टिस शील नागू की बेंच के सामने हुई
01:56सुनवाई शुरू होते ही अदालत ने याचिकर्टा से पूछा कि जब ये मामला बिहार से जुड़ा हुआ है
02:01तो सीधे सुप्रीम कोर्ट आने की क्या जरूरत थी
02:04पहले पटना हाई कोर्ट का रुख क्यों नहीं किया गया
02:07याचिकर्टा ने अदालत को बताया कि सुप्रीम कोर्ट पहले भी गिरफतारी
02:12पुलिस कारवाई और नागरिक अधिकारों से जुड़े मामलों में महत्पूर्ण दिशा निर्देश जारी कर चुका है
02:18इसलिए उन्होंने सीधे सर्वोच अदालत का दर्वाजा खटखटाया है
02:22उनका कहना था कि कथिट एंकाउंटर के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस मुद्दे पर शीर्ष अदालत का हस्तक शेप
02:29जरूरी है
02:30हाला कि सुप्रीम कोट इस दलील से सहमत नहीं हुआ
02:34अदालत ने पूछा कि इस मामले में याची करता की कानूनी हैसित क्या है
02:39जब जवाब मिला कि याची का जनहित में दाखिल की गई है तो अदालत ने इस पश्ट कर दिया
02:44कि वो इस PIL पर सुनवाई नहीं करेगी
02:47कोट ने ये जरूर कहा कि याची करता चाहे तो पटना हाई कोट जा सकते है
02:52और वो अपनी मांग रख सकते है
02:54इतना ही नहीं सुप्रेम कोट ने ये भी कहा
02:57कि पीडित परिवार पहले से ही पटना हाई कोट में कानूनी लड़ाई लड़ रहा है
03:02आदालत के मुताबिक पिलहाल हाई कोट इस पूरे मामले की बहतर तरीके से निगरानी कर रहा है
03:08इसलिए पहले वहीं कानूनी प्रक्रिया पूरी होनित दी जानी चाहिए
03:12सुनवाई के दौरान याचिकर्ता ने ये भी अनुरोध किया कि यदि सुप्रीम कोट याचिका पर सुनवाई नहीं करना चाहता
03:19तो कम से कम इसे पटना हाई कोट ट्रांसफर कर दिया जाए
03:22लेकिन अदालत ने ये अनुरोध भी स्विकार नहीं किया और याचिका का निप्टारा करते हुए हाई कोट जाने की स्वतंत्रता
03:29दे दी
03:30अब आपको बताते हैं कि आखिर भरत भूशंतिवारी इंकाउंटर मामला है क्या
03:34जिसने पूरे बिहार में इतना बड़ा विवात खड़ा कर दिया
03:3817 जून को बिहार के भोजपुर जिले में पुलिस और भरत भूशंतिवारी के बीच हुई कारिवाई के दौरान उन्हें गोली
03:45लगी थी
03:46गंभीर हालत में उन्हें अस्पिताल ले जाया गया लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौद हो गई
03:51गटना के बाद ये मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया और सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस
03:57पर बहश शुरू हो गई
03:58पुलिस का दावा है कि भरत भूशनतिवारी हत्यार बन थे और उनकी मानसिक स्थिती समान्यन नहीं थी
04:04पुलिस के मताबिक उन्होंने पुलिस टीम के लिए खत्रा पैदा किया जिसके बाद आत्मरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के
04:12लिए कारिवाई करनी पड़ी
04:13वहीं दूसरी तरव भरत भूशनतिवारी का परिवार पुलिस के इन दावों को पूरी तरह खारिच करता है
04:19परिवार का कहना है कि भरत भूशनतिवारी एक समाजिक कारिक करता थे
04:24जो बाड़ पीडितों के पुनरवास समेथ कई जन सरोकार के मुद्दे उठा रहे
04:29परिजनों का आरोप है कि उन्होंने आत्म समर्पन कर दिया था
04:33लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने उन पर गोली चला ले
04:36यही वज़ा है कि परिवार लगातार इस पूरे मामले की स्वतन प्रजाज की मांग कर रहा है
04:41घटना के बाद मामले ने नया मोड तब लिया जब सम्मंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या
04:47और आम्स आक्ट के तहट एफायार दर्ज की गई
04:50ततकालीन जगदीशपूर, SDP और आजेश कुमार शर्मा को उनके पच से हटा कर पुलिस मुख्याले से संबद्ध कर दिया गया
04:57जबकि उनकी जगा नए अधिकारी की नियुक्ती की गई
05:00इसी के साथ बिहार सरकार ने भी पूरे मामले की नियाएक जाज के आदेश दिये
05:04यह जाज एक सेवा निवरित हाई कोट जज की निगरानी में कराई जा रही है
05:09यानि एक तरफ न्याएक जाज जारी है दूसरी तरफ हाई कोर्ट में भी इस मामले को लेकर कानूनी प्रक्रिया चल
05:15रही है
05:16अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का मतलब भी समझना जरूरी है
05:20अदालत ने अपने आदेश में कहीं भी ये नहीं लिखा कि जाज की जरूरत नहीं है
05:24ना ही कोर्ट ने पुलिस को किसी तरह की क्लीन चिट दी है
05:27सुप्रीम कोर्ट ने केवल ये कहा है कि इस समय सीधे उसके हस्तक शेप की आवश्यक्ता नहीं है
05:33और उचित मंच फिलाल पटना हाई कोर्ट है
05:36जहां पहले से इस मामले पर सुनवाई और निगरानी जारी है
05:39यानि अब इस हाई प्रोफाइल मामले की कानूनी लड़ाई पूरी तरह पटना हाई कोर्ट पर केंद्रित होगी
05:45बही ये भी देखना होगा कि न्याएक जाच में क्या क्या तथ्य सामने आते हैं
05:50और हाई कोर्ट आगे इस मामले में क्या निर्देश देता है
05:53फिलाल सबसे बड़ा अपडेट यही है कि भरत भूशनतिवारी एंकाउंटर मामले में
05:57सीबी आई जाच की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया है
06:02और याची करता को पटना हाई कोट जाने की सलह दी है
06:05अब सब की नजरे हाई कोट की अगली सुनवाई और न्याएक जाच की रिकोर्ट पर टिकी है
06:10क्या इस मामले में कोई नया मोड आएगा या मौजूदा जाच ही आगे का रास्त तै करेगी
06:15इसका जवाब आने वाले दिनों में मिलेगा
06:17आपकी क्या राय है हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताईए और देखते रहिए One India Hindi
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