00:00सर्व मंगल मंगले शुवे शर्वार्थ साधिके शर्णे त्रेंब के गवरी नारायनी नमस्तुते प्यारे मित्रों जैश्याराम जैमातादी मित्रों आज आप से
00:08चर्चा करते हैं
00:09निर्जला एकादसी 25 जून 2026 दिन गुरुवार को मनाई जायेगी
00:15निर्जला एकादसी पर अगर आप ब्रत नहीं कर सकते हैं तो किस तरह से आज आपको कार्य करने चाहिए
00:24मैं आपको यही बताने जा रहा हूं जो आप निर्जला एकादसी का ब्रत रखते हैं तो बड़ी अच्छी बात है
00:31यदि आप निर्जला एकाजसी का ब्रत नहीं रख पा रहे हैं तो भी आप पूरे दिन सात्विक आचरन करिएगा
00:40भगवान विश्णू के मंत्रों का आपको जब करना चाहिए
00:45जरूरत मंद जो लोग हैं आपको उनकी साहता करनी चाहिए
00:50जल का दान या ठंडी वस्तुएं जो पदार्थ होते हैं ठंडे पदार्थों का दान आपको करना चाहिए
00:58आप स्वयम ब्रत नहीं रख पा रहे हैं आपको भूख दिक लग रही है प्यास दिक लग रही है
01:05तो फलाहार करके आप ब्रत को रख सकते हैं उससे भी पूर्ण की प्राप्ति आपको होगी यदि आप उपवास नहीं
01:13कर पा रहे हैं पूर्ण की प्राप्ति के लिए इन कार्णियों को आपको जरूर करना चाहिए करना क्या है आपको
01:21सात्युक भोजन करना है एक बार ही भो�
01:33जैसे लहसुन प्याज इत्यादी पड़े हुए पदार्थों का प्रयोग आपको आज नहीं करना चाहिए।
01:41आज के दिन आपके वल फला हार लिजिए। दूद है, फल है, कुट्टू के आटे की पकोडी है, सिगाडे के
01:50आटे की पकोडी है।
01:52इस तरह के कार्य को करने से व्रत का पुर्ण आप राप्त कर सकते हैं। दान और सेवा, दूसरा कार्य
02:02आपको करना है, इस दिन आप प्याव लगाईएगा, राहगीर जो रास्ते में लोग चलने हैं, उनको ठंडा पानी पिलाईएगा, सर्बत
02:11पिलाईएगा, जरूरत मंद �
02:14लोगों को फल का दान करिएगा, सूती वस्त्र का दान करिएगा, बेहद ही सुब और आनंद दायक है। आज के
02:22दिन आपको मंत्र का जब करना है, इश्मरन करते रहना है, पूरा दिन, मानसिक रूप से, मन ही मन, ओम
02:29नमो भगवते वाशु देवाए, आप जब करते रहिए
02:33यदि संबव हो तो विश्पनु भगवान के जो सहस्त्र नाम है, एक हजार नाम, उनके द्वारा भगवान विश्पनु को आप
02:42इश्मरन करते विए पीला पुस्प समर्पित करिएगा। तुलसी पूजन, तुलसी के पौधे के सामने साम को आज आपको घी का
02:54दीपक जला
02:55जाना है उनकी परिक्रमा करनी जरूरी नहीं आप ब्रत हैं, आप ब्रत नहीं है तो भी आप इस काम को
03:00कर सकते हैं। ध्यान रहे तुलसी का जब आप पूजन करने जाएंगे तो आज के दिन तुलसी को जल नहीं
03:11चड़ाया जाता है, तो आज आप तुलसी जी को जल नहीं �
03:17आचरण सुद्ध रखें, बेवहार के माध्यम से, किसी से बाद बिवाद नहीं करना है, कटु बचन, किसी को गलत बाग
03:24के नहीं बोलने हैं, मन में सात्युकता बना करके रखें, सात्युक विचारधारा बना करके रखें, तो इस तरह से आप
03:32व्रत नहीं रख सकते हैं, व्र
03:47स्रीकर्ष्टना जयमाता दी
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