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पूरा वीडियो : दशहरा, और रावण के दस सिर || आचार्य प्रशांत (2016)
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Transcript
00:00राम यदि रावण से जीतते आएं हैं, तो उसकी वज़े बस यही है कि वो रावण के सामने से नहीं,
00:06रावण के उंपर से युद्ध करते हैं, जिसे दस सिर वाले को हराना हो, उसे पहले अपना सिर कटाना होगा,
00:13जिसका अपना कोई सिर नहीं, अब वो हजार सिरो वाले से �
00:16जीत लेगा हम वो हैं जिनके अपने ही रावण नुमा हजार सर हैं इसलिए हमें रावण को मारने में बड़ा
00:24मज़ा आता है हर साल मारते हैं हर साल मारा जाता है और लोट के आ जाता है काश की
00:32दशेहरे का तीर भीतर को चलता है
00:35असलिए रावण की पहचान ही यही है कि उसके सारे तीर बाहर को चलते हैं तो जब हम रावण को
00:41मारते हैं तो हम रावण होके ही मारते हैं
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