मिडिल ईस्ट में हालात एक बार फिर बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। ईरान और अमेरिका के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अब नए राजनीतिक दावे और आरोप सामने आ रहे हैं। रिपोर्ट्स और विश्लेषणों के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की भूमिका को लेकर भी बहस तेज हो गई है। क्या यह डील सच में टूट चुकी है या यह सिर्फ बढ़ता हुआ कूटनीतिक तनाव है? इस वीडियो में जानिए Iran-US War से जुड़ा पूरा अपडेट, प्रमुख नेताओं के बयान और भविष्य की संभावित स्थिति।
Tensions in the Middle East are once again escalating as discussions around a potential Iran-US peace deal face fresh political controversy. Reports and analysis suggest that growing disagreements and geopolitical pressure are complicating diplomatic efforts between Washington and Tehran. Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu has also come under scrutiny in the ongoing debate, adding another layer of complexity to the situation. Is the peace process collapsing, or is this just another phase of high-stakes international diplomacy? In this video, we break down the latest developments, key political reactions, and what this could mean for future Iran-US relations.
#IranUSWar #Netanyahu #Trump #IsraelNews #IranNews #MiddleEast #WorldNews #BreakingNews #Geopolitics #USIran
~HT.410~PR.540~ED.520~GR.538~VG.HM~
Tensions in the Middle East are once again escalating as discussions around a potential Iran-US peace deal face fresh political controversy. Reports and analysis suggest that growing disagreements and geopolitical pressure are complicating diplomatic efforts between Washington and Tehran. Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu has also come under scrutiny in the ongoing debate, adding another layer of complexity to the situation. Is the peace process collapsing, or is this just another phase of high-stakes international diplomacy? In this video, we break down the latest developments, key political reactions, and what this could mean for future Iran-US relations.
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00:01इरान अमेरिका शांति समझोते पर आभी भी संशय बना हुआ है दरसल टरंप अपनी बात से फिर से पलटते हुए
00:09दिख रहे हैं
00:09जी सेवन के बैठक में हिस्सा लेने के लिए टरंप इस वक्त फ्रांस पहुचे हुए हैं और उन्होंने वहाँ पर
00:15कहा है कि इरान के साथ हुआ समझोता अभी फाइनल नहीं है
00:19टरंप ने कहा है कि अगर इरान ने अमेरिका की दी हुई शर्ते नहीं मानी तो फिर से हम बम
00:25बरसाने में जरासा भी संकोच नहीं करेंगे
00:29ऐसा टरंप का कहना है टरंप ने इसके लावा और भी कई सारी बाते कहीं हैं वो भी आपको बता
00:33देते हैं
00:34ट्रंप ने कहा है कि इस समझोते से वैश्विक बाजारों में सकारात्म माहोल बना है अमेरिका एरान में कोई निवेश
00:40नहीं करेगा खाड़ी के देशों को अगर निवेश करना है एरान में तो वो कर सकते हैं उन्हें इससे कोई
00:46आपत्ती नहीं होने वाली इसके साथ ही ट्र
01:01के पक्ष में ही था यानि उससे इरान का ही फायदा हो रहा था बहरत का फायदा अमरिका के पूरी
01:17तरह खराब है और हम इसे नहीं
01:24मान सकते हैं तो इनी सारे अपडेट्स पर आज हम बात करेंगे ये समझोता होने जा भी रहा है या
01:30नहीं क्योंकि टरंप बार बार अपनी बात से पलट रहे हैं इसके लावां इरान से जो कुछ बयान दिया जा
01:35रहा है उसके क्या माईने हैं और अगर ये समझोता हो गया तो �
01:39समझोते से आखिर कौन फायदे में रहने वाला है और किसे नुकसान जहिलना पड़ सकता है इन साभी बिंदों पर
01:44बात करने के लिए आज हमारे साथ तरकश में एक बेहदी खास महमान जॉइन कर रहे हैं अरविन सिंग तजावाद
01:49जी जो विदेश मामलों के जानकार है त
01:54क्रम्प की आदत रही है बार-बार अपनी बास से पलटना, सुबा एक कुछ और कहना शाम को कुछ और
02:01कहना जी सेवन की बैठक में ही उन्नोंने दो-तीन विरोधा भासी बयान दे दिये पहले कहते हैं कि सब
02:06कुछ फाइनल है फिर कहतें नहीं नहीं अभी तो सब फाइनल न
02:23उनने डिजिटली सिगनेचर भी कर दिया था और उसकी घोशना है जब टॉप लीडर्शिप की तरफ से आ रही थी
02:30वैवासाब
02:30तब नेशनल टेलिवीजन पर मैं कह रहा था कि नहीं ये समझोता टिकने वाला में नहीं है क्योंकि अगर हम
02:37उनके हितों को देखे
02:39तो वो हितों में इतना ज़्यादा कॉंट्रिडक्शन है कि क्या इरान ने इंडरिश यूरेनियम दे दिया है या कि क्या
02:47अमेरिका जिस मकसद से यहां आया था क्या वो मकसद पूरा हो गया है तो इन सब चीजों के जवाब
02:54ना में थे
02:54और ऐसे में यह सज़ादा हो �ї नहीं सकता है और इरान इसमें शामिल नहीं है लिबनान की तरफ से
03:02कैसे अशरेंस में लेगा तो इरान जो है ऐसी सत्थि में समझॉप्य
03:07की तरफ कैसे अगरसर होगा
03:08तो वन इंडिया पे भी मेरे अंदासे
03:11परसों तरसों हमने जब बात की थी
03:12तब मेरा इंटर्म संदेश साफ था
03:14कि ऐसा हो इनी सकता है क्योंकि परिस्ते थिया
03:16तो ऐसी है नहीं जो कि ये
03:18इस और संकेत करें कि ऐसा
03:20कोई हो सकता है और आज
03:22लगबग ज़्यादा समय भी नहीं हुआ
03:24दो दिन बाद में हम देख रहे हैं कि
03:26हम सही थे जी वैवाव सहाब
03:29बिलकुल लेकिन वैवाव सहाब
03:30टरंप ये भी बोलते हैं
03:32उनके अगर हम ताजा बयान को सुने
03:34तो कह रहे हैं कि 99.99
03:36उन्हें भरोसा है कि
03:38अब इरान नहीं बनाएगा परमाण हत्यार
03:40उसके पास ऐसी कोई ताकत बची नहीं है
03:44जे इसका उल्टा कहें
03:47तो मुझे
03:4999.99%
03:50इस चीज का यकीन है कि
03:52इरान डेफिनेटले परमानुबं बनाएगा
03:54क्योंकि यही उसकी सुरक्षा की गारंटी है
03:56पर केवल इतनी ही सुरक्षा की गारंटी नहीं है
03:59उससे ICBM भी बनाना पड़ेगा
04:01तभी वह अमेरिका का मुकाबला कर पाएगा
04:04तो इरान तो
04:05परमानुबं की तरफ आगे बढ़ेगा ही
04:08और शर्त यह होगी कि
04:10अगर इरान पे हमला हुआ
04:11तो अगला जो उसका निशाना होगा
04:13वो इसराइल होगा
04:14अगर परमानुबं है उसके पास तो
04:17पर यह इतना आसान भी नहीं है क्योंकि हम जानते हैं
04:19कि वैसी ही परमानुबं की हमता
04:21इसराइल के पास भी है
04:23यह एक तरीके से आपस में विद्वन्ष करना होगा और महाविनाश किया और जाना होगा पर कम से कम इसके
04:30जरीए इरान अपनी सुरक्षा को एश्योर कर सकता है जी गर्वा साथ
04:34बिल्कुल आतियास साब मैं चाहता हूँ हमारे दश्कों का आप बताएं कि 2015 वाला इरान अमेरिका का परमार समझोता क्या
04:41था जिसकी बहुत आलोचना करते हैं टरंब जब वो राश्टपती नहीं थे जब बने तब भी इसको लेकर वो ओबामा
04:47पर खुब निशाना साथते है
04:50मुझे लगता है कि बहुत इबैतरीन था और उसकी जो खास खास बात है वैसे तो काफी लंबा चौड़ा है
04:57पर उसकी खास बात है कि इरान जो है उसने अपने परमानों ठिकानों को परमानों आयों की निरक्षन के लिए
05:05खोल दिया था और इरान ने ये सेमती दी थी
05:09कि वह क्या मेरी आवाज आ रही है
05:12बिल्कुल साहब आपको सुन पा रहे हैं सब
05:19बिल्कुल तेजावज साहब अभी
05:22कुछ दिक्कतों के यह से हम ऐसा अभी जुड़े नहीं है
05:24फिर से जुड़ेंगे वह सवाल का जवाब देंगे
05:26तो वो यह बता रहे थे कि
05:28जैसा कि ट्रम का कहना है कि
05:30इरान परमाड हत्यार नहीं बनाएगा
05:33उन्हें पूरा भरोसा है
05:3499.99% उन्सको भरोसा है
05:37कि इरान अब कभी भी परमाड बम हासिल करने कोशिश नहीं करेगा
05:39वो कह रहे हैं तेजाव साब कह रहे थे
05:41किसका उल्टा होगा
05:43इरान की परमाड की चाहत
05:45अब और जादा बढ़ गई होगी
05:46क्योंकि उसे पता चल गया है कि
05:48दो साल के भीतर ही एक के बात
05:50एक युद उनके उपर थोपा जा रहा है
05:52और उन्हें अगर सुरक्षा चाहिए तो परमाड हत्यार
06:08प्रिजिडेंट में गिने जाते हैं
06:10युनाइटेट स्टेट के उनके बात करने का तरीके से लेके
06:13हर चीज उनकी अलग रही है
06:15और अक्सर उसको कॉपी करने की कोशिश करते हैं
06:18प्रिजिडेंट ट्रम
06:19चाहिए वो नॉबल प्राइज हो या
06:21बार बार उनको अगर किसी से शिकायत भी होती है
06:23तो बराक उबामा से होती है
06:25जब भी वो कोई उल्टे सीधे बयान देते हैं
06:27तो बराक उबामा से मिलने जाते हैं
06:30और फूल का गंबला देते हैं
06:31उसको वो फिर डस्ट भी में फैक्ट देते हैं
06:35अपना एक style है और एक अपना confidence है तो बराक उबामा ने बहुत ही wisely वह समझोता किया था
06:42वहां के सारे internal pressure वगरा उन सब को एक तरफ रखके समझोते की खास बात थी कि जो इरान
06:49के जितने भी परमानों ठेकाने थे वह सीधे सीधे अमेरिका की surveillance में आ गये थे मतलब यह था कि
06:56आ�
07:04जो परमानों reactors है enriched uranium है उससे वह bomb नहीं बनाएगा तो अलितुला खामनाई साब तक और उन्होंने साफ
07:11साफ भी कहा था कि इसलाम में यह ऐसे विविदाश के हत्यारों के लिए कोई जगह नहीं है जो उनका
07:16जो शिया स्टाइल का जो इसलामीजम है और जिसको अलितुला अल
07:34सुरक्षा नहीं है या कि कोई खत्रा या ऐसा या कोई तुरंट उनों कोई threat नजर आ रहा था ऐसा
07:40नहीं है इसके पीछे कहीं न कहीं व्यापारिक हिद चुड़े हुए थे अमेरिका चाहता था अपना वर्चस तो आगे बढ़ाना
07:47और जब अमेरिका को लगा कि एक के बा�
08:04से कहना चाहिए वीजयरत है उस पर एक तरीके से रोक लगा ली और यह जो है अभी जो करेंट
08:09सुचिएशन है हमें अब उसी के संदार में समझने चाहिए वैवाव साब
08:14इरान से जुड़े और भी कई सारे सवाल हैं लेकिन अभी हम भारत से जुड़े एक दो सवालों का जवाब
08:18अपसे लेंगे क्योंकि अभी प्रधान मंतरी मोदी की राश्टपती टरम ने तारीफ की है जिस एवन की बैठक में जब
08:25वहां पर पहुँचे हैं और मोदी जी को
08:27उन्होंने शांत, सयमित और जबरदस्त कहा है ये भी कहा है कि मैं उनके जैसा नहीं हूँ तारीफ की है
08:35ये तारीफ ऐसे वक्त में आई है सर जब तीन भारते नाविकों की मौत हुई है अमेरिका के हमले में
08:41जब अटेक किया गया था जिसका भारत के विलेश मंतरायर ने न
08:57अबी क्या लगता है भारत अमेरिका के रिष्टे अभी किस इसती में है मोदी जी और ट्रम जी की मुलाकात
09:02होगी तो उस दौरान क्या कुछ बात हो सकती है
09:06व्यवव साव एक-एक करके सवाल लेते हैं हम पहला सवाल यह है कि जो सबसे आखरी सवाले वहां से
09:13शुरुआत करते हैं कि क्या भारत अमरिका के रिष्टे है वो सहच रहेंगे तो जवाब नकारतमा कहके नहीं रहेंगे
09:21कारण है कि आप अमिरिकन इंट्रेच्ट देखिए अभी वह अमिरिकन इंट्रेच्ट भारत उसको कम से कम-टेंप रही उसको नहीं
09:29कर पा रहा है टी Heck नहीं कर पा रहा है और अभी यूनाइट़ स्टेट के लिए पाकिस्तान की
09:35काफी महती भूमिका हैं देखी रहे हैं पाकिस्तान हर समझोते में हैं पाकिस्तान एक प्लेटफॉर्म प्रोवाइड कर रहा है भारत
09:43ऐसा प्लेटफॉर्म प्रोवाइड करता नहीं है चीन अगर पाकिस्तान को अमेरिका ने छोड़ दिया तो चीन वहां आ जाएगा और
09:49ची
10:03के खिलाफ लड़ाना चाहें तब भारत कोई काम का नहीं है भारत के अंदर हम अपने डॉमिनेशन बढ़ाना चाहें तो
10:11भो भी नहीं हो सकता है अमेरिका क्या कर रहा है अभी अमेरिका ये कर रहा है कि बांगलादेश में
10:16अपनी उपसिति बढ़ा रहा है पाकिस्तान में तो
10:32तो अमेरिका को भी एक बांगले देश में प्लेटफॉर्म मिल रहा है और वह वहां पे निवेश और अपनी उपस्तिती
10:37दोनों बढ़ा रहा है तो अभी भारत और अमेरिका के रिस्ते सहे जोंगे इसके उमीद कम है खासकर मारको रूबियो
10:44ने जो बत्तिमी जी भरा जो स्�
11:00साब एक शेर है कि जो मतलब हाथ मिलाओगे कोई हाथ भी न मिलाएगा जो तपाक से गले मिलोगे ये
11:18नए मिजाद की दुनिया है जरा फासले से मिला करो तो फासला बहुत जरूरी है इतना जल्दी अगर आप किसी
11:24के गले बढ़ेंगे तो वो आपको बहुत हलके में लेग
11:28तो यही भारत अमेरिका की अंतराफ से संबंद है उसमें कोई बहुत ज़्यादा गल्बईया करने से कोई खास फायदा नहीं
11:35होता है अगर आप चुपजाप भी अगर अपनी डिप्लोमेसी को अपनी विदेशनिती को मजबूत तरीकी से आगे बढ़ाते हैं तो
11:44इसके फा
11:54प्रांस में मोदी जी को लेके शांत हैं सयमित हैं इसे तारीफ ही माने हम
12:03ट्रम्प ने पता नहीं इस बहुत ही अजीब सा है इसका तारीफ माने ना भी माने कोई फार्ट नहीं पड़ता
12:10है उनके स्टेटमेंट से फार्ट पड़ता है एक और वैवो साहब जो आपके बिचले प्रश्में पर जो जो जुड़ी भी
12:15बात है वो यह है कि
12:16कुछ एक्सपर्ट जो खासकर हमारे नेशनल टेलिविजन पर बैठ कर वो कहते हैं कि जो जहाज था वो भारतिय जहाज
12:22नहीं था यह क्या बात हुई मतलब भारतिय जहाज नहीं था तो क्या भारतिय नागरीकों को आप मार लेंगे क्योंकि
12:29वो जहाज दरसल प्रशांत में
12:46भी होगी, हमारे सेलर्स ने
12:47बोला भी होगा कि वो इंडिया से हैं
12:49और इतनी कड़ी पृतिक्रिया देने की
12:51कहाँ जहुरत थे, आप उनको
12:53कपजे में ले सकते थे
12:54उनको गिरफ्टार कर सकते थे, बौह सारे
12:57तरीके हो सकते थे, फिर उसके
12:59कूट नितिक रास्ते हो सकते थे और अगर इतना महत्पून नहीं होता तो भारत का विदेश मंत्राले
13:05अमेरिकन डिप्लमेट को बुला के लतारता नहीं या कि एश जैश हंकर को
13:11अमेरिकन फॉरेंग सेकेटरी से बात करने मार्को रूवियों से बात करने की ज़रत नहीं पड़ते
13:15तो ऐसे में एक्सपर्ट यह कहता है कि वह बहुत ही था इसका मतलब मौत कितनी सस्ती हो गई है
13:20और भारतियों की मौत
13:22बेलग्रेड में जब चीन के साथ ऐसा हुआ था चीनी पत्रकारों को मार दिया था
13:27तो चीन ने जो प्रतिक्रिया दी थी अमेरिका की सांस गले में आ गई थी
13:32एक और महत्मून बात यह है कि हालाकि वो सेमी रिलाइबल सोर्स हैं पूरा रिलाइबल नहीं है पर
13:40अभी यह कि चीन का एक जहाज एफनल लेके वहाँ से जा रहा था इरान से और अमेरिका ने उसको
13:47पकड़ने या उसको नस्ट करने की कोशिश की
13:50उसके बाद में चीन की तरफ से जो प्रितिकरिया मिली अमेरिका की हिम्मत ने आई
13:55तो चीनी जहाज खोले तोर पे जा रहा है है पर खत्रा केवल भारतिय जहाज और भारतिय नागरिकों को है
14:02क्योंकि इससे पहले हाजी अली पे भी अटेक हुआ था और ऐसे में क्या हासिल करना चाता है अमरिका के
14:08लिए भारत वोट करता है और आपकी तरफ से कुछ भी प्रितिकरिया नहीं आती है
14:15तो मुझे लगता है कि योस में बहुत कुछ सुधार की जूरत यह ऐसा क्युं नहीं होता है विदेश्चनिती क्यों
14:23नहीं एक्टी होती है इसका एक कारण है क्योंकि विदेश्चनिती
14:26हमारे यहां पर जो इसमने अहम वुमिका निबानेवाले है
14:31वो Diplomacy as a Carrier चुनते हैं, तो उससे क्या होता है कि जो ज़्यादे तर जो Diplomacy as a
14:38Carrier चुनने वाले जो लोग हैं, जो अलग-अलग जगए पर Deploy होते हैं, विदेश पंत्राले से लेके पूरे दुनिया
14:44भर में हमारे जो Embassies वगरा में हैं, तो वहाँ पर क्या होता है कि वैव
14:59निजास की दुनिया जिसको समझना एक परंप्रागत रूप से कोई भी अगर सोचता है, जो कि दशकों से चली आई,
15:08आने वाली सोच है, तो वो नहीं दुनिया के लिए वो competent नहीं होता है, और दुनिया बहुत तेजी से
15:15बदल रही है, दुनिया के समीकरण इतने तेजी से
15:18बदल रहे हैं, ऐसे में अगर हम पुरानी चीजों के इसाफ से, अमेरिका हमारा मित्र है, रूस हमारा मित्र है,
15:25चीन हमारा दुश्मन है, अगर इस तरीके की पाकिस्तान हमारा सबसे बड़ा दुश्मन है, अगर उन सारी चीजों पे चलेंगे
15:32तो भारत के लिए आगे ब�
15:47को प्रिजर्व करने की जोड़त है वेरा साथ बिल्कुल तज्याव साथ भारत से जुड़ा एक छोटा सा सवाल और है
15:53उसके बाद फिर हम इरान से जुड़े सवालों पर चलेंगे
15:56दाई साल अभी टरम के पास और है कैसे डिल करेंगे हम उनसे अगर ऐसे उनका रवया जारी गहा तो
16:02कोई चिंता की बात नहीं है भारत बहुत बड़ी ताकत है क्योंकि कम से कम मैं दस मैं कुछ कंपनी
16:09के तो नाम ही बता देता हूं
16:11या चाहे वो माइक्रोफ्ट है या चाहे वो एपल है तमाम ऐसी कंपनिया जो टॉप 10 कंपनिया है अगर चीज़ें
16:23बहुत ज्यादा बिगड़ती है भारत अगर उनको यहां से जाने के लिए कह देता है इन सारी की सारी कंपनी
16:28की हालत खराब हो जाएगी
16:30गूगल को जितना डाटा भारत प्रोवाइड करता है उसका कोई मुकाबला है आप तो वहां से जो चीज़ें देते हो
16:37उसका पैसा लेते भारत इतना डाटा देता है उसका कभी भारत ने पैसे या डिमांड की कि आप हमें रुपया
16:43दीजिए हमारे यहां के जो कामगार जा
17:00या कामगारों ने उप्योग किया है वो पहले एक बार पीबैक करें उसके बाद में आप अपना जो भी केरियर
17:06देखना है वो देखें तो यह सब हैं तरीके हैं पर यह एक इच्छा शक्ति है क्या उन सारी चीजों
17:12को
17:13इंप्लिमेंट करने की तरीके तो बहुत सारे हैं केवल वो उसी में नहीं और दूसरी बात यह कि
17:18डील करने के लिए कोई भी विदेशनिती अकेले में नहीं चलती है मानलो अगर भारत के पास पैसा नहीं जैसे
17:24एक उदारन लीजिए मानलो कोई अफ्रिकन कंट्रीज हैं कोई साभी ले ले लें मानलो केनिया ले लेता हैं तो वहां
17:30पर अगर मानलो इंडियन मिशन में कुल
17:33500 लोग काम कर रहा है
17:35तो चीन की जो क्षमता है
17:371500 की है
17:39हमसे 3 गोना लग बग
17:40तो आप जाही रहे कि आप समझ सकते हैं
17:43कि जादा efficiently कौन काम करेगा
17:45जाही रहे कि चीन के लोग करेंगे
17:47ये अलग बात है कि
17:49जो भारती लोग वहाँ पे
17:51जो सदियों से बसे हुए है
17:54वो ससाइटी में इतने जादा भूले मिलें
17:57दुनिया के किसी भी कौने में चले जाएंगे
17:59वह इंडियन्स मिलेंगा और उनकी रेपिटीशन बहुत आई है
18:01तो चीन के मुकाबले शांस्कति के और पे हम देखें
18:05तो भारत बहुत मजबूत है भारत नाम का भी अध्यक्षा है
18:08भारत के आज़ादी के बाद से ही उन अफ्रिकन देशों से सम्मन रहे है
18:14खासकर नेरू ने बहुत सारे कंट्री हैड्स को बचाने के लिए
18:18हेलिकॉप्टर बेज़े थे वाईजाद बेज़े थे बिटिश गवर्मेंट से बचने के लिए
18:22तो यह सारी चीज़े उन विस्तों का उप्योग करके भारत वहां कर सकता है
18:27पर भारत कर नहीं पाता है क्योंकि भारत के पास एक तो आर्थिक शमता नहीं है
18:32चीन के मुकाबले में और वह आर्थिक शमता पैदा करने के लिए जैसा कि अकसर हमारी बातचीत होती है वैवजा
18:39घरील वह आंत्रिक सुधार की ज़ुरत है
18:42अगर आंत्रिक सुधार नहीं होंगे आप यहां पे ठीक से अर्थ निती को ठीक से नहीं चलाएंगे और यह सब
18:48चलाने के लिए दरसल जो गैर काबिल लोगों की फोज को दूर करना होता है और काबिल लोगों को भरना
18:55होता है
18:55तो कहीं न कहीं जो सिस्टम गत जो इशूज हैं वो हैं क्योंकि हमारे यहां पे अगर हर सेक्टर में
19:05देखे खाली यह शिक्षा का ही मामला नहीं है तमाम चाहें वो चाहें वो कम्मिनुकेशन डेपार्कमेंट से लेके हर एक
19:13में हमें एक निश्चित निती का तभी हमारी �
19:16भारक की विदेश निती भी सफ़र हो पाएगी अगर हम अंदर से मजबूत नहीं है तो बाहर से मजबूत ही
19:21नहीं देखा पाएंगे जे लेखा पाएंगे बिल्कुल तेयाव साहब अब इरान सवालों पर माते हैं ऐसा कहा जा रहा था
19:28कि जो समझोता दोनों देशों के बी
19:45राश्टपती ट्रम्प को राश्टपती वेंस दोनों नहीं इसे खारिज कर दिया है उपराश्टपती ने तो ये तक कह दिया है
19:52कि इरान को अमेरिका एक डॉलर भी नहीं देगा
19:55इरान को अगर पैसा देना है तो खाड़ी की देश कोई फंड बनाएं यानि साओधी अरब, UAE, कतर, कुवेद, बहरीन
20:01और ये लोग दे दे हमें नहीं देना है कुछ
20:04इससे आप कैसे देख रहे हैं
20:07इसको हम अगर ज्यादा गहरे से देखें तो वही बात है कि उपनी वेश्वादे जैसे अंग्रेजों के जमाने में अंग्रेज
20:16यहां पर सेना रखते थे भारत को कंट्रोल करने के लिए
20:18खर्च कौन देते थे यहां के राजे महराजे मतलब अंग्रेजी सेना को पालते हम भारतिय थे और लूटने का काम
20:27वही सेना करती थी तो अभी यह जो नए जो अंग्रेज हैं जो अभी खासकर पश्य मेशिया में बहुत सारे
20:35देशों को गुलामी के गर्थ में दखेल रहे
20:39कि अगर इरान को वापस बनाने के लिए अगर पैसा दो तो खाड़ी की देश दो अमेरिका नहीं देगा पर
20:45हाँ अगर उसको लूटना होगा तो कौन आएगे अमेरिकन कंपनी आएगे अगर वापस ये भी एक और गजब की बात
20:52है कि वहां के कंस्ट्रक्शन के जो ठेके �
21:02अगर वापस रिकन्स्ट्रक्शन करने क्योंकि अंदर बरबादी थो उन्होंने बहुत कम नहीं की है तो एक तरीके से चीन भारत
21:14जयर से देख भी चुप रह सकते कि अच्छा हमें कुछ चलो अमेरिका के मतलब उपरण से हमें कुछ फाइदा
21:20हो रहा है या यह तो यह हो सक
21:22बाकी युनाइटेट स्टेट तो नहीं करेगा क्योंकि वो तो उपनिवीश बना रहा है क्योंकि आप उपनिवीश बनाने के लिए वाँ
21:30वाइस आ रहा है या गवर्नर जनरल स्थापित करने की तो जवरत है नहीं तो दूर से बैठो हथ्यारों के
21:36बंद दम पर वहां की च
21:52हथ्यार बेख सके साओधी अरेविया वगरा सब ले रहे हैं डिफेंस सिस्टम ले रहे हैं अमेरिका का और लगाया कहां
21:59था जहां मक्का में वह दर्शनाक थी आये थे तो बहुत सारे अंतरास्टी मीडिया पूछने लगा कि यहां डिफेंस सिस्टम
22:07लगाने का जूरत थी
22:08जहाज यात्री आता है तो अब लगाएंगे कहां जब फालतु का कुछ भी खरी देंगे तो कहीं तो लगाएंगे तो
22:14अमेरिका के दबाव में यह सब खरीते हैं और वहां से हत्यार खरीते हैं फाइदा अमेरिकन्स को होता है वहां
22:21के हत्यार निर्माताओं को होता है तो ल
22:36इराइल के बराबर वो दुस्मन मानने लगा है इरान
22:39साओधी अरब में भी कतर, कुएट, बहरीन
22:41हर जगा तो ड्रोन भेजे गए थी इरान के द्वारा
22:42फिर ये देश क्यों मदद करने के लिए आगे
22:44आएंगे, क्यों फंड मनाएंगे इरान के लिए
22:49अमरिका को परवा भी नहीं है उसके
22:51अमरिका को ये चिंता थोड़ी है कि कोई खाड़ी के देश
22:53इरान के वापस पुन्द इन्मान में सायोग करें
22:57वो करना है, वो कह रहे हैं कि
22:58क्या मुस्लिम हाई चारे क्यों जासी करेंगे ऐसा
23:02मुश्किल है क्यों करेंगे सवाल ही पहता नहीं होता है और दूसरी बात अगर वह कहले हैं कि चलो अमरीके
23:07अड़े वरबाद हुए हैं है ना हमारा कुछ नहीं नुक्सान हुआ तब भी मुझे लगता नहीं कि वह अपने जो
23:14जनता के टेक्सिस का पैसा वह वहां क्यों खर्�
23:21पर अगर अमरीका दवाव डालता है और उनको मजबूर करता है तो एक अलग बात हो सकती है जे बिल्कुल
23:28इसलामिक दुनिया को भी आप कैसे देख रहे हैं सर पहले ज्यादा बटी हुई देखिए इसलामिक दुनिया क्या चीज़ है
23:36वहां पर खासकर इसलाम में या खासक
23:43नेशनलिजम का कॉंसेट आलागत है जो रास्तवाद को जानते हम समझते है बिल्कुल नेशनलिजम का कॉंसेट यह है जैसे कि
23:49भारत में जो नेशनलिजम है वो हमारी जो साजह विछार के तहर तो पैदा होता है क्योंकि हमने उपनिवीश्वाद के
23:59खिलाफ लड़ाई ल�
24:03अरभ देश में जो निशनलिजम आता है वो आता है दरसल रिडिहुशन के थ्रू मतलब वहाँ पर
24:09इसलाम या कि जो इसलामिक जो है वो पहले आता है जो इसलाम के प्रतिश वेपादारी है उसके बाद में
24:16फird
24:17वो एक नेशन का, तो अगर माले इसलाम की ही बात होती है, तो जितने भी जो इसलामिक देश हैं,
24:22उनका ये मानना है कि वो कहीं न कहीं साजी, सांस्कृती, बिलेज या विश्रास से जुड़े हो हैं, तो वो
24:29एक नेशन स्टेट का निर्मान करते हैं, पर ऐसा नेशनलिजम उ
24:46इसलामिक रास्टवाद जिसको हम कह रहे हैं, या जिसको हम इसलामिक ब्रदर हुड भी कह रहे हैं, तो आपस के
24:52देशों को जो जो जोड़ता है, वो हैं पर अभी भी वहाँ पे जो फ्यूडल जो ताकत है, क्योंकि अगर
24:58निशनलिजम आता है, तो वो मॉडरन स्टेट के �
25:14मजबूर है, क्योंकि वहाँ जो रुपया आया, पैसा आया, पेट्रोलियम बेच कर, उसका इस्तिमाल उन्होंने सिक्षा, तक्निकी विकास इस पे
25:24नहीं किया, उन्होंने उसका पैसा उन्होंने लगजरी पे खर्च किया, और वो सामान कहां से आता था सारा बारा, तो
25:29वह
25:29तो कोई प्रोडक्शन भी नहीं हो रहा है, जब यह तेल चला जाएगा, तो वहाँ पे क्या बच्छेगा, कुछ भी
25:34नहीं, और वो आने वाला है समय बहुत चल्दी, कुछ भी दशकों में आता है, तो वहाँ पे उस तरीके
25:41का नेशनलिजम नहीं आया है, वो सकता है, लो�
25:58बड़ी चुनोती हो जाएगी, क्योंकि पाकिस्तान का जो सपोर्ट बेस है, वो काफी ताकतवर हो जाएगा, तो भारत देश से
26:04आक्षंकित है, यूरोपियन यूनियन है, अमरिका है, तो यह सारी चीज़ा है, वेलो साब, बल्कुल, इस पूरे समझाओते में सर,
26:13सबसे ब
26:13बड़ी बाधा, सबसे बड़ी रुकावट बन रहे हैं नितन्याहू, उनकी टीम, उनकी सरकार, उनका देश, जो बार-बार कह रहा
26:20है कि अभी नहीं रुकना चाहिए, अभी और हमला करना चाहिए, अभी युद्ध और चलना चाहिए, नितन्याहू को बनाना कितना
26:27आसान ह
26:36होगा ट्रम के लिए अगर किसी भी स्टेट पे नेशन स्टेट पे एक्जिस्टेंशल थ्रेट हो तो बाकी सारी चीज़ें एक
26:46तरफ हो जाती है और इरान के परमानु बंको जो इसराइल है
26:51वो अपने अस्तित्यों के लिए खत्रा मानता है संकत मानता है existential threat है उसको तो कोई भी विदेश निती
26:58का basic सी यही है कि अपने नागरीकों की सुरक्षा और पहले अपनी सुरक्षा सो निश्चित करना अपना जो संप्रभुत्व
27:06है उसको निश्चित करना बाकी चीज़ें बा
27:21इस्राइल कभी भी अपने जो मूलबू धित है उनके साथ समझाता नहीं करेगा जिवेव असाथ
27:29माल लीजिये वो नहीं रुकते है नितन्याहू सर लेबनन वन के सेना घुसी हुई है लगातार अपना अभियान जारे रखी
27:34हुई है ट्रम बार-बार कह रहे हैं कि रुक जाओ अब बहुत हो गया माल लीजिये नितन्याहू नहीं मानते
27:40हैं तो क्या बात बिगड़ सकती है
27:42फिर से और अगर
27:44इसराइल हमला करता है तो अमेरेका को तो
27:46कुद नहीं पड़ेगा साथ दिने के लिए
27:49निश्चत रूप से
27:50मतलब कैसे करेंगे
27:52प्रिसेडन्ट ट्रम इसराइल को पांट्रोल
27:55मतलब क्या करेंगे
27:56इसराइल पे हमला वो कर नहीं सकता है
27:59और अगर वो कहते हैं कि हम सायता कीच लेंगे आपसे सहनी सायता हो किया रहे है कि कर लो
28:03ठीक है कोई बात नहीं फिर वो बाद में इतना प्रिश्टर डलवाएंगे वहां से जो यूनाइटिट सेट में जो मस्बूत
28:10जूस लॉबी है वो कहेंगे प्रिजडेंट ट्रम से कि र
28:25नया प्रिजडेंट पैदा कर लेंगे अमरीका में और यह ताकत है उस लॉबी के पास बिल्कुल है बहुत मजबूत लॉबी
28:33है और प्रिजडेंट ट्रम क्या कोई भी नया प्रिजडेंट आएगा जाए वो डेमोक्रेट हो जाए रिपब्लिकन हो अगर पानी की
28:42तरफ पै
28:55इतने में जो नेजर मेडिया उप्रिजडेंट वो सब जूइस लोगों का है नियुवर्क टाइम से लेके वर्शंटन पोस से लेके
29:02सब कुछ तो उनी का कपजा है अलाकि वो दावा नहीं करते हैं वो अपनी आइडेंटिटी को छुपा के रखते
29:08हैं तो किसी का CEO वोट य�
29:12और सारे ये बड़े-बड़े मीडिया हॉसेस तो कहां पर करेंगे आप तो देखी सकते हैं अगर किसे भी देश
29:21पर राज कौन करता है जो मीडिया पर राज करता है क्योंकि पब्लिक ओपिनियन बनाने में उसकी काफी बड़ी भुमिका
29:28होती हैं बिल्कुल एक आखरी सवा
29:41होता फायदेबंद है या फिर वो ये चाह रहे होंगे कि अमेरिका अभी और युद्ध में फसा रहे देखो अलग
29:50अलग सोच है खास कर क्योंकि हर एक देश के हिसाफ से सोचना पड़ेगा अगर हम रूस के नजरिये से
29:56देखे हैं तो रूस एक महाशक्ति हुआ करता था अ
30:11कुछ दश को पहले जो जी सेवन की मीटिंग हुई थी तो उन्होंने कहा कि आप रूस को ऐसे नहीं
30:18आप कर सकते हैं अगर नेटों का सदस्य बनाना चाहते हैं तो रूस उसके लिए अप्लिकेशन नहीं देगा आपको सा
30:25समान बनाना पड़ेगा तो रूस अभी इतना कमज
30:40है कि रूस यह चाहेगा कि अमेरिका लिए उलजा रहे तका है उसके लिए रूस मदद कर सकता है पर
30:48यह नहीं चाहेगा कि इरन में रिजम हों जाए तो रूस से खुश नहीं होगा रही बाद चीन को चोटे
30:58मुटे फ़ाइदे अमरीका ने लिखा है जब बिजिडेंट ट्
31:07आप बरबादी के बाद में कुछ कंस्ट्रक्शन के ठेके वगरा वो आपको मिलने के उमीद रहेगी
31:11यह ना और भी कुछ तमाम चीज़े हैं जो इसके बारे में एक अंडरस्टेंडिंग
31:15बद्दियू में गरा रही है खासकर ताइवान के मसले पर उना ना कह दिया
31:36गोद में हैं और अगर वो यहां ठिके रहते हैं तब भी अमेरिका का ध्यान तो बाटी रहा है यह
31:43अमेरिका
31:44लडाइएं कर रहा है चीन डेवल्टन प्रोजर्ट चला रहा है भी यह वगड़ाव पूरा पूरा चीन स�प्जा कर लिया है
31:51तो खासकर पनामा जो कैनल है
31:58इतने चाइनीज वहां पर के अमेरिका के लिए सुरक्षा को खत्रा होता नज़र आ रहा है धीरे धीरे फैल रहा
32:05है पूरा पुरी दुनिया पे अफ्रीका हो चाहिए आप कि इस पर रहा है तो आप एक बात द्यान रखनी
32:14होगी चीन अभी इतना भी ताकतवर नहीं हुआ है क
32:20अभी दुनिया का अकेला मात्र जो अगर सबसे ताकतवर देश है तो वो युनाटिट स्टेट ही है इसमें कोई दोराय
32:28नहीं है
32:28बिल्कुल तर्याव साब बहुत शुक्रिया आपका अपने दर्शकों सीधी ले चलते हैं
32:33प्रधान मंतरी मोधी और राष्टपती टरम के वीज दुपक्षे वारता हो रही है उनसकी तस्वीरे सीधे सामने आ रही है
32:38आपको ले चलते हैं दोह देशों के जो बातचीत हो रही है राष्टा अध्यचों के बीच में
33:04आपको अध्या है बादो अबिस अधर लिए लाधो अधर बंढ़ सर्फे वारता है तक यूley नहीं है बुट तक में
33:22रही है रूट राष्टे है आपको यूडव कर सकत्य वारता है
33:28नहीं आपको बाता है अधर श्यामें स्टेस्ट ते जीग नहीं है
33:32उसके बाद हमारे समन्दों में नही गती आई है, नही बूट जाई है, और कहीं भी शोओं में हम बहुत
33:38मिल करके आगे चल रहे हैं।
33:41Mr. President, it's a pleasure to meet you here in Abya.
33:45We had an extremely productive meeting in Washington last year and since then we have given new speed and new
33:52energy to our relations and we are working together on a number of areas.
34:05And we are also happy that our teams have also been working in close coordination and engagement and they have
34:13been working towards achievement of the targets that we had set for ourselves last year.
34:24Mr. President, I commend you for your leadership on the progress that has been made in the efforts to restore
34:34peace and investment.
34:46Thanks to your efforts Mr. President, a new hope for peace and stability in the region has been rekindled and
34:53I am confident that this will lead to a long standing peace in the region.
35:08Mr. President, you and I agree that keeping the state of hormones open is vital for the global economy.
35:14Mr. President, we are always saying that the freedom of navigation should be solicited and that we should give all
35:23the people to meet.
35:24Mr. President, India has consistently emphasized the importance of ensuring the freedom of navigation and we should work together and
35:32place a particular emphasis on that.
35:35Mr. President, you know that in the world of maritime trade, there are millions of seafarers in the world.
35:55Mr. President, you are aware that across the world, Indian seafarers in hundreds of thousands are working and performing their
36:03duties across global maritime trade routes, including the state of Hormuz, and their safety is of utmost importance to us.
36:22Mr. President, you have made tremendous efforts towards reaching this understanding and this agreement and I am confident that the
36:31issue of seafarers will receive the highest priority during the implementation of this agreement.
36:44Mr. President, Mr. President, once again, I deeply appreciate and I deeply commend your efforts in ensuring the restoration of
36:55peace and making efforts towards restoration of peace and stability in West Asia.
36:59Mr. President, thank you very much. Thank you. Thank you very much. Thank you. Thank you. Thank you. Any questions?
37:04Mr. President, I won't be on you, Mr. President. We just heard the Prime Minister finish your efforts to...
37:10Mr. President, thank you. Do you think you can carry the momentum from the Iran deal over just securing...
37:17Mr. President, please understand first operating!
37:18Mr. President, thank you. Can you you stand after 20 stations?
37:20Mr. President Joe Biden Treحد, thank you for how many more bright, thank you.
37:21Mr. President, thank you and Mr. President Harris有一切 and Mr. President Randy especially here
37:21Mr. President President meine CEO- I had very good talks with President Zelenski and with President Putin.
37:27And we'd like to see that one end.
37:29Mr. President, I ended eight wars, and to be honest with you I thought this would be one of the
37:35easier ones.
37:36Mr. President, to me on you, and Mr. President, thank you so much for joining theども show I do not
37:36like each other so much, and it makes it much more difficult.
37:39तो क्यो के वीता झांटनिक विस थीं क चीज —
37:48वार झालज्याशिस्ट।
37:51� genres जाते सी में दिपने
37:57� Claro管 को
37:59विले कंई ऑन।
38:00उस एत थे ज्थर झालाशिब छेड़िष
38:02विबें पॉल रगध हुो फो तुमोह रारी है
38:08झेल यह दो रही होगा है यह लोक भी लुवा कि रेडिकी जिवे इन इंजे यह टुझा रहीं यह लोगिन
38:15की उल्हेंजी जड़ी इनाग इस अजय इस प्शाइ इना खुछ इस टुट देख रखने इस अधिवाज कर लाद यह लूड़ी
38:24पन्हज यह लगो ले स्पीज एक �
38:34ड्रादर, और अजवे लिडियन पीपो ज़ंगी ऑ्रादर, वेल भूज लविए नीजवेड़ी अउसे अवसे ए म्मधेड ए इचे लूटर जवेरा इसेखिए
38:43मतने प्रादर इसे मेशने इंडीन वे लूटर कीम नेट प्रादर ओवित अंडार पर प्रादर मेशने के प्�
39:04करुंग अधिज लगे लिगे फिस दिले भारेल आप जादय इंड आड उन्र जालतियोंस है..
39:20अवाद ज्व सर लेंज ऐमने चाहिवाज मार मचर प्रॉबिक्ट वे लिग्या धनीज लेगलना खाज्षिया..
39:24व्रिए अवाद टो्रोच व्रिक्ट ले including..
39:34यह भीर भी घक्रीज़ ज दिया हॉट इन एलाइओ पैस्ट खाबिय।
39:55निशव Nora, है बिरे के स्दूर मुलाइद utterी में कि हैं मेंगि मुलाइवाणिज एलाइवांगें रCoron
40:04स्थमिन अडिनके थोबंगा Candace
40:07यहाई। वूपरBO Animation
40:10श क्यासमि कर दोब मेरे किता हुआ ह
40:11क्या हкольि भी संविंज द्योच्छार ल चुंक做रा
40:20हमस्छ कर्यों में प supuesto
40:24अभूकिस ऑन्सक्राइट व कि गित rolling
40:30कि व्योग उक्या में रुखकिए inGe Меня
40:33I guess 74, 75 right now.
40:36So it's down.
40:37It's soon going to be at the number that it was four months ago.
40:40It's pretty amazing.
40:41And on top of that, we will have an Iran without a nuclear weapon,
40:45which I can tell you the Prime Minister feels very strongly about that, too.
40:53They were, to a leader, and we had G7 plus many others came, as you know.
41:00To a leader, they were thrilled.
41:02They could not have been happy.
41:04Well, this gentleman came.
41:06That's a big get.
41:09He came, and they cannot even believe that it happened quickly.
41:14But it really didn't happen quickly.
41:16It happened.
41:17It's been happening for a long time.
41:19It's been happening from my first term, when a very evil man named Soleimani was killed.
41:25That's when it started.
41:26And nobody else did this but Trump.
41:29You know, you look at our president.
41:30Listen, 47 years, Iran took advantage of the world, the Middle East, but the world.
41:37Nobody did anything.
41:38The Obama deal was one of the dumbest deals I've ever seen.
41:41It was a road to a nuclear weapon.
41:43My deal is a wall to a nuclear weapon.
41:46You're not going to have it.
41:47It's a wall to a nuclear weapon.
41:49On mine sweepers, do you want the Europeans to send mine sweeper boats?
41:52We don't need them, but if they want to send them, I think it's good.
41:55Has anyone committed to mine?
41:57Yes.
41:58All of them.
41:59All of them.
41:59The ones that have that kind of equipment have.
42:03But every one of them have committed to being involved.
42:06And at this point, do you feel that Vladimir Putin is more responsible for the ongoing conflict in Ukraine?
42:13Well, I don't want to comment on that because I'm trying to get it settled.
42:16And that doesn't make it easy.
42:18Mr. President, you're on the cusp of making history with the possible peace in the Iran conflict.
42:23I like this guy.
42:25You know?
42:27Mr. President, from Bhutarshan.
42:28Your reporters are much nicer than my reporters.
42:30Mr. President, from Bhutarshan.
42:32But there is also a tragic loss of lives of Indian sailors recently, sir, in American strikes.
42:37Any words of condolences for the grieving families, sir?
42:40Mr. President, yeah, I do.
42:40I heard about that.
42:42It's a rough profession.
42:44There's no question about it.
42:46And we work together on it.
42:48This has been happening throughout time.
42:50But we work together on it.
42:52Yeah, we love all of those people.
42:54They're great people.
42:56Yeah, please.
42:56How do you expect Bill Pulte to be an active UNI?
43:00Well, as long as it takes to get everybody else approved.
43:03I mean, they were doing a Rush Act.
43:05And we didn't get anything for him.
43:07Look, he's a very legitimate guy.
43:09He's very smart.
43:10He's a brilliant guy.
43:11Look at the job he did at Fannie Mae, Freddie Mac.
43:14I mean, it's worth probably a trillion dollars right now.
43:18So we put him there.
43:19But all of a sudden, it was like a Rush Act by the Democrats.
43:22And they said they were going to approve Pfizer.
43:25And I said, but we want Pfizer approved.
43:27But we want the Save America Act approved.
43:30Voter ID, proof of citizenship, no mail-in ballots, with exceptions.
43:35Like for the military, sick, you're sick, you're traveling, disabled.
43:41Very, you know, open and generous.
43:43We also want no men playing in women's sports.
43:46And we want no transgender mutilization of our children.
43:51None.
43:51And those are five things that are 99% to, I mean, that's all we want.
43:58It's not a lot.
43:59The Save America Act.
44:01And that can be passed any way they want to pass it.
44:03But I'm not going to sign Pfizer unless it's done.
44:07And this was like a Rush Act.
44:09And it was a Rush Act by the Democrats.
44:11All of a sudden, they want to get.
44:12And why are they afraid of this guy?
44:14I mean, they're so afraid of him.
44:16They'll do anything not to have Pulte go in there.
44:19He's a very capable guy.
44:20And they're worried about that.
44:22Mr. President, Mr. President, Mr. President, Mr. President.
44:24Yes, ma'am, please.
44:25You said the deal, the Iran deal, the tax is still being finalized.
44:29How confident are you that this Friday signing will happen?
44:32You're talking about this one on the deal?
44:36You know, deals are amazing.
44:39I've done them all my life.
44:40I've gone into deals that were 100% and they don't happen.
44:44I've gone into deals that there was no chance of getting them done.
44:48And it happens.
44:49And they happen easily.
44:51So you never know with deals, do you?
44:52But you're going to find out pretty soon.
44:54I think it'll be done.
44:55They want to sign.
44:56They want to get back to a normal life.
45:00You know, we hit them very hard.
45:02Don't forget, you know, people talk about when this started.
45:07This didn't start three, four months ago.
45:08This started years ago when I took out Soleimania.
45:11That was a big event.
45:13There are those that say it was the biggest event in the Middle East in 50 years.
45:18So we took him out and they became a much different country.
45:23And then we terminated, I terminated the JCPOA, that's Barack Hussein Obama's horrible deal, that gave them a nuclear weapon.
45:33And I terminated it and I stopped it.
45:36And then I stopped it a second time with the B-2 bombers.
45:38And these are all major events in the history of the world, in my opinion, because it prevented them from
45:45having a nuclear weapon.
45:47And now we're going to do it again and we're going to see how it works out.
45:51So this is a memorandum of understanding, but it's a very strong one.
45:55This isn't just like a two paragraph.
45:57This is a long, you know, pretty detailed memorandum that goes into a regular contract.
46:03I would think they would do it.
46:05If they don't, then that's, you know, that's okay.
46:08We'll have to start the process again.
46:11And we don't lose.
46:12We have the greatest military in the world.
46:14We have the greatest blockade.
46:15The naval blockade was 100 percent effective.
46:20And again, they have no Navy.
46:22They have no Air Force.
46:23All bombed out.
46:25I don't want to say the leaders, but first level of leader, gone.
46:30Second level of leaders, gone.
46:32Some of the third level of leaders, gone.
46:37And they want to make a deal.
46:40They are so ready to make a deal.
46:44You know what?
46:46Mr. Trump, can you speak to the defense relationship between India and the United States?
46:50Sorry, I'm screaming, I won't.
46:52That's okay.
46:53Can you speak to the defense relationship between India and the United States?
46:57I think it's a great relationship.
46:58I can tell you this, without having a contract, we don't have a contract, you don't have the right contract.
47:04But if they were attacked, we would be there to help them.
47:07And how are the leaders?
47:09How is that?
47:09Is that a good statement?
47:10Okay.
47:11Come on, man.
47:13If anybody attacks that man, we're going to be there.
47:15Now, if there's a new leader, I'm not sure about it.
47:18If there's a new leader, I don't know about that.
47:21But if they're attacked and he's the leader, we're going to be there to help.
47:25And we have, and I will say this, and everybody says it.
47:31I had a great meeting three weeks ago with President Xi of China.
47:35We have the strongest military in the world by far.
47:39And I built it in my first term, and we're using it in my second term.
47:44And they gave some of it away stupidly in Afghanistan, as you know.
47:48And they spent a lot on Ukraine, $350 billion.
47:52But we have the most powerful military in the world.
47:56You saw that with Venezuela, which was 48, think of it, 48 minutes.
48:01And now our relationship with Venezuela is great.
48:04We paid for the cost of the war 40 times, taking millions of barrels out.
48:11Venezuela is benefiting.
48:12We're benefiting.
48:13Venezuela is benefiting.
48:15And then we go to Iran.
48:17And really, in the first week, militarily, we defeated Iran.
48:22Nobody thought that could be done.
48:23Yeah, please.
48:24President, do you want Israel to halt its military campaign?
48:28I want Israel to be able to protect themselves.
48:30But I do want them to use good judgment.
48:32President Trump, do you expect a skilled Indian professional
48:39to be getting more opportunities in the United States under your presidency?
48:43What does that mean?
48:44Well, highly skilled professionals to get more opportunities here in the U.S.
48:48Oh, yeah, sure.
48:49I mean, always.
48:50Yeah.
48:50We've always had tremendous relationships in terms of employment with India.
48:55Very talented people.
48:56Thank you.
48:59You've seen European leaders interact very warmly with you at the summit.
49:02Do you think that they're coming around to you in your world, too?
49:04Well, I think they think I was right.
49:07I'm sort of always right.
49:08You know, when you get back down to it.
49:10I think they think I was right.
49:12They feel good.
49:12But now, all of a sudden, they all want to be involved.
49:16There's no reason to have them, because it's pretty much over.
49:19But they all want to be involved.
49:22He'd be involved if I wanted, but we don't want to waste his time.
49:26There's people.
49:28No, the European leaders, the meeting we had today was just the leaders.
49:34I don't even say the European, the leaders that we had met with, in addition to the seven.
49:39He said we had quite a few come in.
49:41They all were willing to get involved.
49:44Thank you.
49:44Thank you.
49:48We had a great meeting on AI.
49:51We had all the top people here, and it was a great meeting.
49:54And as you know, we're building tremendous numbers of plans.
49:57But AI, we're building the biggest, the biggest in the world.
49:59We're number one in AI by a lot.
50:01And it was a very productive meeting.
50:03How's it going with Antrop, the negotiations with Antrop?
50:06He was here.
50:07Gone fine.
50:08I think it's gone.
50:10Energy cooperation.
50:11Energy cooperation.
50:11I think it's gone.
50:11Energy cooperation.
50:13How do you say energy cooperation in India is diversifying, buying more energy from across
50:16the world, including United States and Sadhanshepal from beyond?
50:19How do you see India buying energy from you?
50:22India can do anything they want with us.
50:24We have the best relationship.
50:26We cannot be closer than we are.
50:28Would you say that, sir?
50:29I don't think we can be any closer.
50:30Both him and I and our nations.
50:35But it really starts with the two of us.
50:38We cannot be closer.
50:39Thank you very much.
50:41Thank you.
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