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  • 3 days ago
क्या ताड़ के पत्ते पर उकेरी गई इस कलाकृति की कीमत बीस लाख रुपये हो सकती है? वैसे तो ये कलाकृतियां अनमोल हैं.. लेकिन रिलायंस ग्रुप ने हाल ही में इनमें से एक कृति को 20 लाख में खरीदी है और एक दूसरी नक्काशी को भी खरीदने में रुचि दिखाई है.  ताड़ पत्र कलाकार शरत कुमार प्रधान ताड़ के सूखे पत्तों में जान डाल देते हैं. वो इन पत्तों पर पहले पेंसिल से स्केच बनाते हैं. फिर स्टाइल से उसमें नक्काशी करते हैं. इस तरह ताड़ के पत्तों पर रामायण, महाभारत, कृष्णलीला, दशावतार और भारतीय संस्कृति से जुड़ी दूसरी कहानियां जीवंत और अमर हो जाती हैं. उनकी इस कला के लिए उन्हें कई बार अलग-अलग स्टेट और नेशनल लेवल के सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है.  गोकुल बिहारी पटनायक और पद्मश्री बिनोद मेहराना से ट्रेनिंग प्राप्त कर चुके.. शरत कुमार प्रदान ने ताड़ पत्र कला को अपने जीवन का मकसद बना लिया है. वो ताड़ पत्रों को इकट्ठा कर उसे नीम और हल्दी के पानी में उबालते हैं.. फिर उस पर भगवान जगन्नाथ और भारतीय संस्कृति को उकेरते हैं.  

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00:06ुकेरी गई इस कलाकृती की कीमत 20,000,00,000,000 हो सकती है
00:10वैसे तो ये कलाकृतियां अनमोल है
00:14लेकिन Realiance Group ने हाल ही में इनमे से एक क्रिती को 20,000,00,000,000 है
00:20और एक दूसरी नकाशी को भी खरीदने में रुची दिखाई है
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01:33ुरिषा की प्राचेंतम और अनुखी परंपरा है।
01:37कागज की खोज होने से पहले रामायन, पुरान, भगवत, गीता और जातक कथाएं तार पत्र पर ही लिखी गई।
01:44यह काफी कठिन कला है और इसमें बहुत ही कुशलता की जरुरत होती है।
01:48ऐसी परंपरा कहीं और नहीं देखी जाती है।
01:52राश्ट्रिय प्रसकार बिजेता, सरत कुमार प्रदान ने नीम पाड़ा और ओरीशा को इस कला में पहचान दिलाई है।
02:02गोगुल बिहारी पटनायक और पदमशिरी बिनोद महराना से ट्रेनिंग प्राप्त कर चुके शरत कुमार प्रदान ने ताड़ पत्र कला को
02:12अपने जीवन का मकसद बना लिया है।
02:15वो ताड़ पत्रों को एकठा कर उसे नीम और हल्दी के पानी में उबालते हैं। फिर उस पर भगवान जगनाथ
02:22और भारतिय संस्कृती को उखेरते हैं।
02:34दुर्भाग के परण है कि ये कला पतन की ओर बर रही है। हलाकि कुछ समर्पित कलाकार और उस साही
02:40युवा इसे संडक्षित करने की कोशिश कर रहे हैं।
02:43शरतकुमार प्रधान इसी समर्पन के उदारन है। राष्ट्रे प्रसकार जीत कर उन्होंने राजी का मान बढ़ाया है।
02:50सरकारी मदद बाजार तक इसकी पहुँच और नए कलाकारों को मदद मिले तो भावी पीड़ी के लिए इस कला को
02:56बचाना संभव हो पाएगा।
03:02शरतकुमार प्रधान इस कला को बचाने के लिए पूरा प्रयास कर रहे है।
03:07NEED KALAKARO की MADD KAYLAYE UNHONNE 22 MEđ BHOLANA NAATH GURUKUL FAUUNDAYSUNG KEEZ THAPNA KEE
03:14JEHAIN UNKI DEEK REEK MEN NEED KALAKAR APNE SAPNOS KO SAKAR KAR RAHI HAYE
03:19AGAR SAMUAJ, SERKAR OR YUVA PYRHI MILKAR KAM KARAYE
03:24TOO IS PARAMPARA KO AGE BADHAYA JA SAKTA HAYE
03:27ETV BHAARAT KAYLAYE UDISHAH KAYE NIMA PARA SAYE
03:31BIRENJAN MALIK KAY RIPORTS
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