00:00सिंगपूर की एक अदालत ने संकटों से घिरी भारतिया एटेक कमपनी बाईजूस के संस्थाफ़क बाईजू रविंद्रण को अदालत के आदेशों
00:08की अफेलना करने के मामले में च्छे महीनी की जेल की सजा सुनाई
00:12अदालत ने पाया कि रविंद्रण ने एप्रील दोहसार चौबीस से अपनी संपत्ती से जुड़े कई न्याइक निर्दीशों का बार बार
00:20उलंगन किया
00:20कूटने उन्हें अधिकारियों के सामने आत्मसमत्पन करने और बियर इन्वेस्टर को प्राइवट लिमिटेट के कानूनी स्वामित्व को साबित करने वाले
00:29दस्दावेज पीश करने का कड़ा निर्दीश दिया
00:32इसके अतरिक तुन पर 90,000 सिंगपूर डॉलर यानि की लगभग 70,500 अमेरिकी डॉलर की कानूनी लागत का भारी
00:41जुर्माना लगाया गया है
00:42ये पूरा मामला बायजूस और उसके विदेशी निवेशकों के बीट चल रहे लंबे कानूनी और वित्या विवाद से जुड़ा है
00:49बेर अन्वेस्ट को प्राइवेट लिमिटेट का ये मामला इस पूरे विवाद में बेहद महत्वपून भूमी का निभाता है
00:55क्योंकि ये एकाई बायजूस जुड़ी एक अन्या सहियोगी कांपनी में महत्वपून हिस्सेदारी रखती है
01:00सिंगपूर के अदलत ने रविंदरन से इसे काई के मालिकाना हक और संपत्तियों के लेंदिन से संबंद्यत जरूरी कागजात अदलत
01:08में पेश करने को कहा था
01:09जब रविंद्रन लगातार इन आदेशों का पालन करने में विफल रहे और उन्होंने ज़रूरी विद्यकुलासे नहीं किये तो अतलक ने
01:16इसे कूट की अवमानना माना और उनके खिलाफ सक्त रुखा बनाते हुए जेल की सजा का फैसला सुना दिया
01:23पिछले कुछ वर्षों में बाईजूस की मुश्किलें लगादार बढ़ रही है एक समय भारत के सबसे मोल्यवान सेटप्स में गिने
01:29जाने वाले इसेट टेक दिगज को वैश्विक सतर पर कई मोचों में कानूनी लड़ाईयों का सामना करना पड़ रहा है
01:36अमेरिकी निवेश्वकों के साथ कर्ज के भुकतान को लेकर जारी विवाद और भारत में नैशनल कंपनी लॉड ट्रिब्यूनल यानि की
01:42एंसे एल्टी में चल रहे दिवालियापन की प्रक्रियाओं ने कंपनी की रीट तोड़ ती
01:47सिंगपूर कोट का ताजा फैसला रविंदरन और उनकी कंपनी की वैश्वक साख के लिए एक बहुत बड़ा जटका सावित हुआ
01:54निवीशकू का आरूप है कि कंपनी के प्रबंधन ने फंड्स की हेरा फेरी और वित्यापार दरशिता नहीं बढ़ती जिसके कारण
02:01पूरी कंपनी वेंटिलेटर पर आ गई
02:03अधालत द्वारा लगाए गए 90,000 सिंगपूर डॉलर की जुर्माने को कानूनी लागत के रूप में वसूला जाएगा जो विबक्षी
02:10पक्षकारों के अधालती खर्चों की भरपाई के लिए ताई किया गया
02:14रविंद्रन के लिए अब कानूनी विकल्प भीहस सीमित है क्योंकि उन्हें तुरंत अधिकारियों के समक्ष आत्म समर्पन करने का आदेश
02:21दिया गया
02:22यदि वो इस आदेश का पालन करने में देरी करेंगे तो उनके खिलाफ अंतराश्ट्य अस्तर पर और भी कड़ी कारवाई
02:28होगी
02:28इस घटनक्रम में भारतिय स्टार्टप एकोसिस्टम और कॉर्पेट गवर्नेंस वित्या अनुशाशन को लेकर एक बार फिर बड़ी बहस छेड़ दी
02:36कैसे एक चमकता हुआ सितारा अचानक कानूनी चक्र व्यू में फसा और सब तबहासा हो गया
02:58कैसे एक चमकता है
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