Skip to playerSkip to main content
  • 3 years ago
'तुम जियो हजारों साल, साल के दिन हों पचास हजार' किसी को बर्थडे विश करने के लिए नहीं, गालिब ने बादशाह से अपना काम निकलवाने के लिए लिखा था।

Category

🗞
News